फ्रांस में चरमपंथियों के हमले का रहा है लंबा इतिहास, पढ़िए कब क्या और कैसे घटा?

फ्रांस में चरमपंथियों के हमले का लंबा इतिहास रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
फ्रांस में चरमपंथियों के हमले का लंबा इतिहास रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

फ्रांस (France) के नीस में हुए यह हमला हालिया वर्षों में फ्रांस में इस्लामी चरमपंथी हिंसा (Islamic Etremist Violence) का क्रूर चेहरा दिखाता है. ऐसे हमलों का फ्रांस में लंबा इतिहास रहा है. आइए ऐसे ही हमलों में से कुछ पर एक नज़र डालते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 31, 2020, 1:58 PM IST
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नीस. फ्रांस (France) में कट्टरपंथियों के हमले (Extremist Attck) लगातार होते रहे हैं. पिछले दिनों एक सिरफिरे द्वारा सैमुअल पैटी नाम के इतिहास शिक्षक का सिर धड़ से अलग किए जाने की दुर्घटना हुई. इसके दो हफ्ते के अंदर यहां नीस शहर के नोत्रे दाम बेसिलिका चर्च में बीते गुरूवार को एक और आतंकी हमला (Terrosist Attack in Church) हुआ. दक्षिण फ्रांस के नीस शहर में एक ट्यूनीशियाई व्यक्ति 'अल्लाहु अकबर' चिल्लाते हुए आया और चर्च में कुछ लोगों पर चाकू से हमला कर दिया. इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य जख्मी हो गए. यह हमला चर्च में किया गया. चर्च के अंदर मरने वाले लोगों में एक 60 वर्षीय महिला है जिसका सर लगभग उसी तरह काट कर अलग कर दिया गया जैसे अध्यापक सैमुअल पैटी का कर दिया गया था. एक अन्य 55 वर्षीय व्यक्ति का गला काट दिया गया. मृतकों में से पुरुष चर्च के रखरखाव का काम करता था. मरने वालों में 44 वर्ष की एक अन्य महिला भी थी जो कई बार छुरा घोंपे जाने के बाद पास के एक कैफे में भागने में सफल रही लेकिन बाद में उसकी मृत्यु हो गई. एक पुरुष संदिग्ध को गोली मारकर हिरासत में ले लिया गया.

चर्च में हमला करने वाला व्यक्ति ट्यूनीशिया का था

चर्च वाली घटना के बाद आतंकवाद विरोधी अभियोजकों ने हमले की जांच शुरू कर दी है और फ्रांस ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा अलर्ट को उच्चतम स्तर तक बढ़ा दिया है. फ्रेंच एंटी-टेरर प्रॉसीक्यूटर जौं फ्रेंकुआ रिकार्ड ने कहा कि हमलावर को पुलिस ने गंभीर रूप से घायल कर दिया था. रिकार्ड ने कहा कि संदिग्ध 21 वर्षीय एक ट्यूनीशियाई नागरिक था जो इस महीने की शुरुआत में फ्रांस आया था. उसके पास इतालवी रेड क्रॉस द्वारा जारी एक दस्तावेज था. पुलिस सूत्रों ने हमलावर का नाम ब्राहिम आउतसोई बताया है. उन्होंने बताया कि उसने सितंबर में ट्यूनीशिया से इटालियाई द्वीप लैम्पेडुसा तक नाव से यात्रा की थी.



चार साल पहले भी ट्यूनीशियाई व्यक्ति ने की थी हत्या
चार साल पहले इसी नीस शहर में एक आतंकी घटना घटी थी तब भी आतंकी ट्यूनीशिया से था. 14 जुलाई को बैस्टिल डे मनाने वाले भीड़ पर एक ट्यूनीशियाई ट्रक ड्राइवर ने भीड़ पर ट्रक चढ़ा दिया था जिसमें 86 लोग मारे गए थे.

फ्रांस में हमले की भारतीय पीएम ने भी की निंदा

इस चरमपंथी हमले की भारत समेत कई देशों ने निंदा की है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे फ्रांस के साथ खड़े हैं. फ्रांस के नीस में हुए यह हमला हालिया वर्षों में फ्रांस में इस्लामी चरमपंथी हिंसा का क्रूर चेहरा दिखाता है. ऐसे हमलों का फ्रांस में लंबा इतिहास रहा है. आइए ऐसे ही हमलों में से कुछ पर एक नज़र डालते हैं.

16 अक्टूबर 2020 को पैगंबर मुहम्मद के कार्टून दिखाए, पुलिस ने की हत्या

इतिहास के एक शिक्षक सैमुएल पैटी पेरिस के उपनगरों में रहते थे. उसने पहले अभिव्यक्ति की आजादी पर एक वर्ग में पैगंबर मुहम्मद के कार्टून दिखाए थे. इसको लेकर एक हमलावर ने उन पर हमला किया जिसके बाद हमलावर शरणार्थी अब्दुल्लाख अंजोरोव की पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.

25 सितंबर 2020 को शार्ली ऐब्दो के पूर्व मुख्यालय के बाहर छुरा घोंपा

पेरिस में फ्रांसीसी व्यंग्य पत्रिका शार्ली ऐब्दो के पूर्व मुख्यालय के बाहर छुरा घोंपे जाने से दो लोग घायल हो गए. इस मामले में एक पाकिस्तानी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और उस पर आतंकवाद के आरोप लगाए गए.

वर्ष 2018 के मार्च में खुलेआम चली थी गोलियां

दक्षिणी फ्रांस में एक फ्रांसीसी-मोरक्को नागरिक ने पुलिस पर खुलेआम गोलियां चलाईं और एक सुपरमार्केट में लोगों को बंधक बना लिया। बाद में पुलिस द्वारा इस घटना में उसे गोली मार दी गई।

1 जून 2017 को हथौड़े से किया हमला

एक अल्जीरियाई व्यक्ति ने नोट्रे डेम कैथेड्रल के सामने गश्त कर रहे पुलिस अधिकारियों पर एक हथौड़े से हमला किया. बाद में उस व्यक्ति ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से संबंध की बात स्वीकार की.

20 अप्रैल 2017 को पुलिस अधिकारी की हत्या

एक बंदूकधारी आदमी ने इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा किए गए हमले में पेरिस के चैंप्स-एलिसीज़ पर एक पुलिस अधिकारी को गोली मार दी जिससे उसकी मृत्यु हो गई.

18 मार्च 2017 को महिला पुलिस अधिकारी के सर पर गोलियों से भरी गन तान दी

ज़ायेद बिन बेलगासेम नाम के एक व्यक्ति ने ओरली एयरपोर्ट एक महिला पुलिस अधिकारी के सर पर गोलियों से भरी गन तान दी और चिल्लाते हुए पेरिस के ओरली एयरपोर्ट पर सैनिकों पर हमला किया और चिल्लाया कि वह अल्लाह के लिए मर जाना चाहता है. शनिवार की सुबह ज़ायेद को पेरिस के उत्तर में गार्जेस-ले-गनेस के एक चेक पॉइंट पर रोक दिया गया था. वह वहीं पास में रहता था. उसने एक कार में भागने से पहले पुलिस पर पेलेट गन से फायर किया बाद में कार कहीं छोड़कर एक महिला को गनपॉइंट पर उसकी कार चुराकर ओरली एयरपोर्ट भाग गया था.

फरवरी 3, 2017 में फ्रांसीसी सैनिक की हत्या

मिस्र के एक व्यक्ति ने अल्लाहु अकबर चिल्लाते हुए पेरिस में लौवर संग्रहालय की रक्षा करने वाले फ्रांसीसी सैनिकों पर हमला किया और उनमें से एक सैनिक को उसने घायल कर दिया.

26 जुलाई, 2016 को प्रीस्ट का गला काट दिया

26 जुलाई, 2016 को नोर्मंडी के कैथोलिक चर्च में दो इस्लामिक चरमपंथी नकली विस्फोटक वाली बेल्ट पहने चाकू लहराते हुए और उन्होंने छह लोगों को बंधक बना लिया जिसमें से 85 साल के प्रीस्ट जेक्स का गला काट दिया और एक 86 वर्षीय वृद्ध को गंभीर रूप से घायल कर दिया. आतंकियों को घटना स्थल पर ही पर पुलिस ने गोली मार दी थी.

14 जुलाई 2016 को 86 लोगों पर ट्रक चढ़ा दिया था

जैसा कि ऊपर जिक्र किया जा चूका है कि नीस में 14 जुलाई को एक ट्यूनीशियाई नागरिक ने नीस में बैस्टिल डे पर एक ट्रक 86 लोगों पर चढ़ा दिया. इस घटना की इस्लामिक स्टेट ने जिम्मेदारी ली है.

13 नवंबर 2015 में 130 लोगों की जान गई

इस्लामिक स्टेट से जुड़े चरमपंथियों ने बाटाकलन कॉन्सर्ट हॉल फ्रांस के राष्ट्रीय खेल स्टेडियम और पेरिस के अन्य स्थलों पर हमला किया, जिसमें 130 लोगों की मृत्यु हो गई.

7-9 जनवरी 2015 को 17 लोगों की मौत हुई थी

व्यंग्य पत्रिका चार्ली हेब्दो के पेरिस कार्यालयों और कोसर किराना में 17 लोगों की मौत हो गई. अरब प्रायद्वीप में आतंकी संगठन अल-कायदा ने शार्ली हेब्दो में पैगंबर मुहम्मद के चित्र का बदला लेने के लिए इस हमले की जिम्मेदारी ली.

मार्च, 2012 में आर्मी पैराट्रूपर की हत्या की

अल-कायदा से जुड़े होने का दावा करने वाला मेरह नाम का अल्जीरियाई मूल का एक फ्रेंच नागरिक बंदूकधारी ने दक्षिणी फ्रांस के टूलूज़ में 11 मार्च को टूलूज़ में एक ऑफ़-ड्यूटी फ्रेंच आर्मी पैराट्रूपर की हत्या की. उसके बाद उसने 15 मार्च को दो ऑफ-ड्यूटी वर्दीधारी फ्रांसीसी सैनिकों को मार डाला और मोंटैबन में एक अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया . 19 मार्च को उसने टूलूज़ के ओज़र हाटोराह यहूदी दिवस स्कूल में एक रब्बी और तीन बच्चों को मार डाला, और चार अन्य को भी घायल कर दिया।

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कनाडा के PM ट्रूडो ने कहा- अभिव्यक्ति की आजादी हो पर उसकी सीमाएं तय हों


पेरिस में चार्ली हेब्दो के कार्यालय व्यंग्य पत्रिका द्वारा पैगंबर मुहम्मद के एक कैरिकेचर की विशेषता वाले कवर के बाद फायरबॉम्ब किए गए जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ.
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