Fake मैलवेयर ब्लैकरॉक की हुई पहचान, 337 एप्स से चुरा रहा था निजी डाटा

Fake मैलवेयर ब्लैकरॉक की हुई पहचान, 337 एप्स से चुरा रहा था निजी डाटा
कॉन्सेप्ट इमेज.

यह मैलवेयर यूजर से मैसेजिंग, कैमरा, गैलेरी आदि का एक्सेस लेता था. यह मैलवेयर यूजर को फर्जी गूगल अपडेट (Fake Google Update) का नोटिफिकेशन भी देता था.

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वाशिंगटन. अगर आप अपने फोन को या उसमें डाउनलॉड हुई एप्लिकेशन्स को अपडेट करते हैं तो सावधान हो जाइए. इन दिनों एक ऐसा स्कैम सामने आया था जिसमें कि एप्लिकेशन अपडेट के जरिए आपका निजी डाटा भी चुराया जा सकता था. इस एंड्ऱॉइड मैलवेयर स्कैम (Android Malware Scam) के जरिए टिंडर, जीमेल और नेटफ्लिक्स सहिच 337 से अधिक लोकप्रिय ऐप से आपका डाटा चुराया जा सकता था. द सन में छपी एक खबर के मुताबिक, एंड्रॉयड मैलवेयर अक्सर गूगल (Google) के एप रिव्यू प्रोसेस को बाईपास कर देते हैं. कुछ दिन पहले ही जोकर एंड्रॉयड मैलवेयर के बारे में जानकारी मिली थी, वहीं अब एक ऐसे एंड्रॉयड मैलवेयर की पहचान हुई है जो जीमेल, अमेजन, नेटफ्लिक्स और उबर जैसे एप्स से बैंक खाते के बारे में जानकारी चोरी कर रहा था.

इस मैलवेयर ने कुल 337 एंड्रॉयड एप्स को शिकार बनाया है. बैंकिंग डाटा चोरी करने वाले इस नए एंड्रॉयड मैलवेयर का नाम BlackRock है. इसके बारे में सबसे पहले मोबाइल सिक्योरिटी फर्म थ्रैट फैबरिक ने जानकारी दी थी. BlackRock मैलवेयर भी किसी आम मैलवेयर की तरह ही डाटा चोरी करता था. यह मैलवेयर strain Xerxes के सोर्स कोड पर आधारित था. यह मैलवेयर किसी एप में लॉगिन के दौरान ही यूजर्स का डाटा चोरी करता था. उदाहरण के तौर पर यदि आप अपने फोन में किसी बैंकिंग एप में पासवर्ड और यूजर आईडी डालकर लॉगिन कर रहे हैं तो यह मैलवेयर उसे रिकॉर्ड करता था.

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फर्जी गूगल का नोटिफिकेशन
मैलवेयर जिस टेक्निक से डाटा चोरी करता था उसे ऑवरलेज कहा जाता है. इस टेक्निक के तहत मैलवेयर वाले एप्स एक फर्जी वेब पेज पर यूजर्स से लॉगिन करवाते हैं, जबकि यूजर उसे असली पेज समझता है. यह मैलवेयर यूजर से मैसेजिंग, कैमरा, गैलेरी आदि का एक्सेस लेता था. यह मैलवेयर यूजर को फर्जी गूगल अपडेट का नोटिफिकेशन भी देता था.
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