FATF: पाकिस्तान को भविष्य में मिल सकती है 'ग्रे लिस्ट' से राहत, लेकिन तुरंत उम्मीद नहीं

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान. (रॉयटर्स फाइल फोटो)

FATF Meeting Pakistan Grey List: एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़18 से कहा कि पाकिस्तान ने भारत विरोधी आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और आज भी पाकिस्तान में टेरर कैंप जारी हैं.

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नई दिल्ली. ठीक तीन साल पहले पाकिस्तान (Pakistan) को FATF यानी फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स की ग्रे-लिस्ट में शामिल किया गया था और टेरर-फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए 27 बिंदुओं के एक्शन प्लान पर कार्रवाई करने को कहा गया था. तीन साल बाद भी पाक ग्रे-लिस्ट में बरकरार है. FATF की वर्चुअल बैठक की शुरुआत होने वाली है, जिसमें पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी.


हालांकि सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान को अब जल्द राहत मिल सकती है. सूत्रों ने न्यूज़18 को बताया कि FATF ने तीन सालों में जो दबाव बनाया, उसके चलते पाकिस्तान को आतंकवाद से जुड़ी फंडिंग के लिए कुछ बड़े कदम उठाने पड़े हैं. सूत्रों ने कहा कि FATF एक मज़बूत संगठन है और पाकिस्तान को भी उसके आगे झुकना पड़ा.


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माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने 27 में से 25 बिंदुओं पर कार्रवाई की है, ऐसे में पाकिस्तान ग्रे-लिस्ट से बाहर आ सकता है, लेकिन यह इस बैठक में नहीं होगा. एक उच्च अधिकारी ने न्यूज़18 से कहा कि पाकिस्तान को इस साल के अंत तक राहत मिलने की संभावना है. आपको बता दें कि इन बिंदुओं पर कार्रवाई के लिए पाकिस्तान को अपने वित्तीय प्रणाली में बदलाव करने पड़ते हैं, ताकि आतंक की फंडिंग को रोका जा सके.


पाक की कार्रवाई सिर्फ कागज़ी?
पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता आ रहा है और दुनिया की आंखों में धूल झोंकता रहा है. सूत्रों ने न्यूज़18 से कहा कि भले ही पाकिस्तान FATF को संतुष्ट करने में कामयाब हो, लेकिन पाक सिर्फ कागज़ी कार्रवाई कर रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज़18 से कहा कि पाकिस्तान ने भारत विरोधी आतंकी संगठनों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की. आज भी पाकिस्तान में टेरर कैंप जारी हैं और इमरान खान की सरकार ने मसूद अज़हर, हाफ़िज़ सईद, दाऊद इब्राहिम और लखवी जैसे आतंकियों के खिलाफ उचित प्रावधानों के तहत कार्रवाई नहीं की.


फरवरी में FATF ने पाक को ग्रे-लिस्ट में बरकरार रखा
फरवरी में FATF अध्यक्ष मार्कस प्लेयर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि पाकिस्तान अब ज़्यादा निगरानी में है. प्लेयर ने कहा था कि इस्लामाबाद ने "महत्वपूर्ण प्रगति" की है, जबकि आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए सिस्टम में कुछ "गंभीर कमियां" बनी हुई हैं. एक्शन प्लान का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि 27 में से 3 बिंदुओं पर पूरी तरह से ध्यान देने की ज़रूरत है और पाकिस्तान दृढ़ता से योजना को पूरा करने के लिए कदम उठाए.

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