डोनाल्ड ट्रंप की पहली चुनावी रैली में जुटे कम लोग, स्टेडियम के बाहर हो रहा था विरोध

डोनाल्ड ट्रंप की पहली चुनावी रैली में जुटे कम लोग, स्टेडियम के बाहर हो रहा था विरोध
टुलसा में ट्रंप की रैली में तनाव (फाइल फोटो)

अमेरिका के टुलसा में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रैली के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर तनाव के हालात पैदा हो गए. टुलसा (Tulsa) में शनिवार को महीनों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली अभियान रैली (First Election Rally) आयोजित की गई.

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टुलसा. अमेरिका के टुलसा में डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की रैली के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर तनाव के हालात पैदा हो गए. टुलसा (Tulsa) में शनिवार को महीनों बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली अभियान रैली (First Election Rally) आयोजित की गई. यह रैली ऐसे समय आयोजित की गई जब कोरोनोवायरस से जुड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता एक प्रमुख मसला है ​तो वहीं दूसरी ओर इस रैली के कारण पुलिस द्वारा अश्वेत लोगों की हत्या के विरोध में अन्य हिंसक घटनाएं भी घट सकती हैं. टुलसा में मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों के कारण शहर की सड़कों पर रैला सा आ गया और जिसके चलते सड़कों पर ट्रैफिक जाम हो गया. इतनी भीड़ होने के बावजूद पुलिस ने शनिवार दोपहर तक सिर्फ एक गिरफ्तारी की सूचना दी है.

भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए गैस का इस्तेमाल किया

इस भीड़ में कुछ लोग पैदल ही चल रहे थे तो वहीं कुछ लोग चिल्लाते हुए ट्रंप समर्थकों की भीड़ में घुस गए. लेकिन ट्रम्प समर्थकों की भीड़ बहुत बड़ी संख्या में वहां मौजूद थी. वहीं शाम को सशस्त्र लोगों के एक समूह ने प्रदर्शनकारियों का पीछा करना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने जब एक चौराहे को अवरुद्ध किया तब ट्रंप के नाम की शर्ट पहने एक व्यक्ति को एक ट्रक से बाहर निकाला और प्रदर्शनकारियों पर काली मिर्च का स्प्रे कर दिया. पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए गैस का इस्तेमाल भी किया.



देश के सबसे बड़े इंडोर इवेंट सेंटर में थी रैली
मार्च में शुरू हुए कोविड -19 को रोकने के लिए भीड़ जुटने पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद 19,000 सीटों वाले बॉक सेंटर में होने वाला यह कार्यक्रम अभी तक देश का सबसे बड़ा इंडोर इवेंट सेंटर माना जा रहा था. इस कार्यक्रम में उम्मीद से बहुत कम समर्थक आये थे. स्टेडियम में बालकनी की अधिकांश सीटें खाली पड़ी हुई थीं. कोरोनोवायरस को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों की सलाह के बावजूद राष्ट्रपति के बहुत से समर्थकों ने मास्क नहीं पहना हुआ था. कुछ ने तो सप्ताह की शुरुआत में ही कार्यक्रम स्थल के पास डेरा डाल लिया था. स्टेडियम के बाहर भी होने वाले एक इवेंट में ट्रंप की उपस्थिति तय थी लेकिन उस इवेंट को भी अचानक रद्द कर दिया गया. ट्रंप के अ​भियान से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के समर्थकों को स्टेडियम में प्रवेश करने से रोका. कई एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों ने कई घंटों तक टुलसा में रिपोर्टिंग की लेकिन उन्होंने ऐसे किसी स्थान पर प्रदर्शनकारियों को स्टेडियम में घुसने वाले दरवाजों पर किसी प्रदर्शनकारी को लोगों को प्रवेश करने से रोकते हुए नहीं देखा.

ट्रंप की इस ​रैली के बाद अश्वेत नेताओं की चिंता बढ़ी

टुलसा में कुछ अश्वेत नेताओं ने कहा है कि वे ट्रंप की इस रैली से चिंतित हैं क्योंकि यह यात्रा हिंसा का कारण बन सकती है. अमेरिका में नस्लीय अन्याय का एक लंबा इतिहास रहा है जिसके विरोध में यह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ट्रंप की रैली के बीच एक महिला को गिरफ्तार किया गया जो जमीन पर बैठकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रही थी. एक वीडियो में दिखाया गया है कि जब अधिकारियों ने उसे हाथों से खींचकर हथकड़ी पहना दी. महिला ने अपना नाम शीला बक बताया और कहा कि वह टुलसा से थी. पुलिस ने एक समाचार विज्ञप्ति में कहा कि अधिकारियों ने बक से कई मिनटों तक बात करने की कोशिश की. ट्रंप अभियान दल द्वारा पुलिस से उस महिला को उस क्षेत्र से हटाने के अनुरोध पर पुलिस को शीला बक को गिरफ्तार करना पड़ा.

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बक ने एक टी-शर्ट पहन रखी थी जिस पर जॉर्ज फ्लॉयड के आखिरी शब्द लिखे थे- मैं सांस नहीं ले सकता. जॉर्ज की मृत्यु ने नस्लीय न्याय के लिए एक वैश्विक माहौल बनाया है. पुलिस ने बताया कि बक के पास ट्रंप रैली का एक टिकट भी मिला और उसे घुसपैठ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बक ने कहा कि वह किसी संगठित समूह का हिस्सा नहीं थी.
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