Choose Municipal Ward
    CLICK HERE FOR DETAILED RESULTS

    फिनलैंड: यौन अपराधों की सूची में फोटो या मैसेज भेजना हुआ शामिल, होगी जेल

    फिनलैंड में यौन अपराध की सूची में फोटो या मैसेज भेजना भी शामिल कर लिया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    फिनलैंड में यौन अपराध की सूची में फोटो या मैसेज भेजना भी शामिल कर लिया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    फिनलैंड में यौन अपराधों (Sexual Crime) में फोटो या मैसेज (Photo or Messages) के आदान प्रदान या किसी की तस्वीर को उजागर करने पर कम से कम छह महीने सजा हो सकती है.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 14, 2020, 11:15 AM IST
    • Share this:
    हेलसिंकी. फिनलैंड में यौन अपराधों (Sexual Crime) में फोटो या मैसेज (Photo or Messages) के आदान प्रदान या किसी की तस्वीर को उजागर करने पर कम से कम छह महीने सजा हो सकती है. फिनलैंड के कानून मंत्रालय (Law Ministry of Finland) के प्रवक्ता ने कहा कि फिनलैंड में यौन अपराधों से से जुड़े कानूनों को अपडेट करने का प्रस्ताव दिया है. कानून के इस मसौदे में की परिभाषा को व्यापक बनाते हुए उसमें चित्रों या संदेशों के माध्यम से मौखिक उत्पीड़न या किसी की तस्वीरें लेकर उन्हें समाज के सामने उजागर करने की कोशिशों को यौन उत्पीड़न माना जाएगा. अपराध की गंभीरता के आधार पर सजा जुर्माने से लेकर जेल की सजा तक हो सकती है.

    यहां के वर्तमान कानून में ये भी शामिल

    फिनलैंड का वर्तमान कानून केवल छूने या इशारे जैसे व्यवहार को यौन उत्पीड़न के रूप में मान्यता देता है. किसी की तस्वीरें भेजने से जुड़े मामलों पर मानहानि कानूनों के तहत मुकदमा चलाये जाते हैं. इसमें व्यक्ति के व्यवहार का सैक्सुअल आयाम नहीं आ पाता. फिनलैंड के न्याय मंत्रालय के वरिष्ठ विधायी सलाहकार सैमी किरीयाकोस ने एएफपी को बताया कि सरकार इस प्रस्ताव को अगले साल कभी भी संसद के सामने पेश कर सकती है.



    इस तरह से किए जाते हैं ऑनलाइन यौन उत्पीड़न
    शोध से पता चला है कि ऑनलाइन यौन उत्पीड़न व्यापक रूप से फैला हुआ है. इसमें बिना किसी सहमति के सैक्सुअल छवियों को भेजना शामिल है जिन्हें 'डिक पिक्स' या 'साइबर-फ्लैशिंग' के रूप में जाना जाता है. इस साल बच्चों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठन 'प्लान इंटरनेशनल' के एक अध्ययन में पाया गया कि दुनिया भर से चुनी गई 14,000 लड़कियों में से 51 प्रतिशत लड़कियों का ऑनलाइन यौन उत्पीड़न हुआ था. इस शोध में पता चला कि 15 से 25 साल के बीच के युवाओं में लगभग 35 प्रतिशत युवाओं को सैक्सुअल तस्वीरें भेजी गई. प्रश्नावली पर आधारित इस अध्ययन से पता चला कि यौन उत्पीड़न बहुत आम है और इस तरह के व्यवहार की सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं ही होती हैं. विधायी सलाहकार सैमी किरीयाकोस कहते हैं कि इस तरह यौन व्यवहार को कड़े कानूनों के निपटने का विचार बहुत प्रासंगिक है.

    ये भी पढ़ें: चीन एकध्रुवीय दुनिया बनाना चाहता है, जिसमें हर देश उसके अधीन हो: अमेरिका

    अमेरिका का चुनाव कराने के लिए $100 मिलियन देंगे फेसबुक के सीईओ जुकबर्ग और उनकी पत्नी प्रिसिला 

    कुछ क्षेत्रों ने ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर प्रतिबंध लगाने के लिए कदम उठाए हैं जिनमें स्कॉटलैंड भी शामिल है जिसने 2010 में इस तरह के व्यवहार को गैर-क़ानूनी घोषित कर दिया था. अमेरिका के टेक्सास राज्य ने पिछले साल सैक्सुअल तस्वीरों को भेजने पर 500 डॉलर का जुर्माना घोषित किया था.
    अगली ख़बर

    फोटो

    टॉप स्टोरीज