पहली बार अरबी की लेखिका को मिला मैन बुकर प्राइज़

ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को उनकी किताब ‘सेलेस्टियल बॉडीज़’ के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है. इस किताब की कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है, जो दासता के अपने इतिहास से उबर कर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है.

News18Hindi
Updated: May 22, 2019, 12:00 PM IST
पहली बार अरबी की लेखिका को मिला मैन बुकर प्राइज़
जोखा अल्हार्थी (फोटो फेसबुक से)
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Updated: May 22, 2019, 12:00 PM IST
साल 2019 के लिए प्रतिष्ठित मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा हो चुकी है. ओमान की लेखिका जोखा अल्हार्थी को इस बार इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. जोखा अल्हार्थी अरबी भाषा की पहली लेखिका हैं, जिन्हें ये पुरस्कार दिया गया है.

अल्हार्थी को उनकी किताब ‘सेलेस्टियल बॉडीज़’ के लिए ये सम्मान दिया जा रहा है. इस किताब की कहानी तीन बहनों और एक मरुस्थली देश की है, जो दासता के अपने इतिहास से उबर कर जटिल आधुनिक विश्व के साथ तालमेल करने की जद्दोजहद करता है.



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मैन बुकर पैनल में शामिल और इतिहासकार बिटैनी हग्स ने काहा कि जिस नॉवेल को इस साल के मैन बुकर प्राइज़ के लिए चुना गया है, उसने दिल और दिमाग दोनों जीत लिया.

बता दें कि ‘सेलेस्टियल बॉडीज़’ ने यूरोप और दक्षिण अमेरिका की पांच एंट्रीज़ को पछाड़ कर ये पुरस्कार हासिल किया है. अल्हार्थी पुरस्कार में मिली 50,000 पाउंड की राशि को ब्रिटेन की अनुवादक मैरीलिन बूथ के साथ शेयर करेंगी.

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