एक साल पहले चीन में 17 नवंबर को ही मिला था कोविड-19 का पहला केस, अब तक 5.56 करोड़ बीमार

प्रतीकात्मक इमेजः चीन के वुहान में नवंबर 2019 में संक्रमण के मामले सामने आए थे.
प्रतीकात्मक इमेजः चीन के वुहान में नवंबर 2019 में संक्रमण के मामले सामने आए थे.

कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) को एक साल हो गए. 17 नवंबर 2019 को चीन (China) में पहली बार वायरस संक्रमण का पता चला था. पूरी दुनिया में करोड़ों लोग संक्रमित हुए हैं, तो लाखों लोगों की मौत हो गई है. लेकिन, अभी तक इस वायरस (Covid-19 Virus) का इलाज नहीं मिला है. वैक्सीन (Vaccine) बनाने के लिए अथक प्रयास जारी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 17, 2020, 10:44 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus) को एक साल हो गए... आज ही के दिन यानी 17 नवंबर को चीन (China) के वुहान (Wuhan) प्रांत में कोरोना वायरस संक्रमण का पहला मामला सामने आया था. हुबेई प्रांत के एक 55 वर्षीय व्यक्ति में कोरोना संक्रमण का पता चला था.

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक चीन के प्रशासनिक अधिकारियों ने 266 मामलों की पहचान की थी, हालांकि चीनी डॉक्टरों को बहुत बाद में दिसंबर के आखिर में पता चला कि वे एक नए तरीके के वायरस से लड़ रहे हैं.

2019 के आखिर में चीनी अधिकारियों ने कहा कि वायरस का संक्रमण वुहान के मार्केट से हुआ है. हालांकि बाद में स्पष्ट हो गया कि वायरस से संक्रमित लोगों का मार्केट से कोई ताल्लुक नहीं था.



17 नवंबर को मामले सामने आने के बाद वैज्ञानिकों ने पाया कि एक से 5 मामले तक हर रोज आ रहे हैं और 15 दिसंबर तक संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 27 पहुंच गई.
कोरोना वायरस संक्रमण के महामारी में तब्दील होने के बाद पूरी दुनिया के हालात बदल गए. कई सारे देशों ने महामारी को रोकने के लिए लॉकडाउन का विकल्प चुना. कोविड महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए दुनिया भर की फॉर्मा कंपनियां दिन-रात एक किए हुए हैं.

नवंबर 2019 में वायरस संक्रमण के सामने आने के एक साल बाद 16 नवंबर 2020 को अमेरिकी बॉयो-टेक्नोलॉजी कंपनी मॉडर्ना ने दावा किया कि उनकी बनाई वैक्सीन कोविड वायरस के खिलाफ 94.4 फीसदी प्रभावी है और संक्रमण को रोकने में कारगर है. मॉर्डना (Moderna) के दावे के बाद पस्त दुनिया के लिए उम्मीद की किरण जगी है.

मैसाच्युट्स स्थित मॉर्डना की घोषणा से पहले अमेरिकन कंपनी फाइजर (Pfizer) और जर्मन कंपनी बॉयोएनटेक (BioNTech) ने भी अपनी-अपनी वैक्सीन को लेकर दावे किए थे. दोनों कंपनियों ने कहा था कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा प्रभावी हैं.

जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी (John Hopkins University) के डाटा के मुताबिक दुनिया भर में कोरोना वायरस के अब तक 5 करोड़ 56 लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं. इस महामारी से अब तक 13 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. अमेरिका में सबसे ज्यादा 2 लाख 47 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं.

भारत में अब तक 88 लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं और 1 लाख 30 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है, जबकि 82 लाख से ज्यादा लोग ठीक हुए हैं.
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