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फंस गए पाकिस्तानी स्टूडेंट! इमरान खान चीन से नहीं निकाल पाए, हो गया कोरना वायरस

News18Hindi
Updated: February 6, 2020, 8:36 AM IST
फंस गए पाकिस्तानी स्टूडेंट! इमरान खान चीन से नहीं निकाल पाए, हो गया कोरना वायरस
पाकिस्तान के हज़ारों छात्र अब भी वहां फंसे हैं.

चीनी अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते रोगियों के इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों और उपकरणों की भारी कमी है. चीन की सरकार ने मस्जिदों, चर्चों और यहां तक कि स्कूलों से भी मदद मांगी है.

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  • Last Updated: February 6, 2020, 8:36 AM IST
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इस्लामाबाद. पिछले करीब एक हफ्ते से चीन (China) में फंसे पाकिस्तानी छात्र वहां से बाहर निकलने के लिए मदद मांग रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) उन्हें वापस लाने के लिए तैयार नहीं है. अब खबर है कि वहां फंसे पाकिस्तानी छात्र कोरना वायरस (Coronavirus) के शिकार हो गए हैं. पाकिस्तान में चीन के राजदूत ने कहा है कि पांच छात्र कोरना वायरस से पीड़ित हैं. चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस से दुनिया भर में हाहाकर मचा है. इस बीमारी से चीन में अब तक 562 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 23, 346 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं.

वुहान के अस्पताल में भर्ती
पाकिस्तानी वेबसाइट समा टिवी के मुताबिक ये सारे छात्र वुहान गए थे. फिलहाल इन सबको इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है. बता दें कि वुहान में हजारों की संख्या में पाकिस्तान के छात्र मेडिकल की पढ़ाई करते हैं. यहां कोरोना वायरस का प्रकोप फैला है. वहीं, मध्य हुबेई प्रांत में भी इस वायरस के 3,156 नए मामले सामने आए हैं. 20 से अधिक देशों में भी कोरोना वायरस के मामले सामने आ चुके हैं.

इस बीच चीनी अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि कोरोना वायरस के बढ़ते रोगियों के इलाज के लिए अस्पतालों में बिस्तरों और उपकरणों की भारी कमी है. सरकार ने मस्जिदों, चर्चों और मंदिरों से भी मदद मांगी है.

छात्रों की मदद नहीं करने पर इमरान खान की हो रही किरकिरी
पाकिस्तान के हज़ारों छात्र अब भी वुहान में फंसे हैं. लोग सरकार से बाहर निकालने के लिए मदद मांग रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इन्हें वापस लाने से मना कर दिया है. लिहाजा सोशल मीडिया पर लोग इमरान खान की खूब किरकिरी हो रही है.

वहीं, सरकार की दलील है कि वहां चीन की तरफ से उनके नागरिकों को अच्छी मेडिकल सुविधाएं मिल रही हैं. इसलिए ऐसी हालत में इन छात्रों को इस्लामाबाद लाना तर्कसंगत नहीं है. पाकिस्तान में इनके परिवारवाले सरकार पर उन्हें वापस लाने का दबाव बना रहे हैं, लेकिन सरकार सुनने के लिए तैयार नहीं है. सरकार का कहना है कि उन्हें वहां से लाना खतरे से खाली नहीं है.ये भी पढ़ें:

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First published: February 6, 2020, 8:18 AM IST
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