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पाकिस्‍तान में आटे की किल्‍लत, लाहौर में बिक रहा है 70 रुपये किलो

News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 1:45 PM IST
पाकिस्‍तान में आटे की किल्‍लत, लाहौर में बिक रहा है 70 रुपये किलो
पाकिस्‍तान में आटे की बढ़ी कीमतों के बीच सियासी घमासान, जनता बेहाल

पाकिस्‍तान में आटे की किल्‍लत कई महीनों से जारी है. इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने राज्‍य सरकारों को खाने की चीजों की हो रही कालाबाजारी, मुनाफाखोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था. इसके बावजूद आटे पर महंगाई की मार पड़ रही है.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 1:45 PM IST
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पाकिस्‍तान (Pakistan) में खाने-पीने की चीजों की आसमान छूती कीमतों के बाद अब आटे की किल्‍लत
ने आम लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. लाहौर (Lahore) समेत पाकिस्‍तान के कई शहरों में आटा
70 रुपये किलो बिक रहा है.

मगर बढ़ती कीमतों को रोकने के उपाय करने के बजाय पाकिस्‍तान में सियासी आरोप-प्रत्‍यारोप का दौर चल पड़ा है और सरकार और विपक्षी पार्टियों के बीच जबानी जंग छिड़ गई है. दरअसल, पाकिस्‍तान में आटे की किल्‍लत कई महीनों से जारी है. इसके लिए प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने राज्‍य सरकारों को खाने की चीजों की हो रही कालाबाजारी, मुनाफाखोरी रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा था. इसके बावजूद आटे पर महंगाई की मार पड़ रही है.

ऐसे में जहां खैबर पख्तूनख्वा में नानबाइयों के हड़ताल पर जाने की बात सामने आई है, वहीं पंजाब के कई संगठनों ने भी पाक सरकार को 5 दिन का अल्‍टीमेटम देते हुए कहा है कि वह उन्‍हें पहले के दाम पर आटा मुहैया कराए या फिर रोटी की कीमतों को बढ़ाने की अनुमति दी जाए. वहीं पाकिस्‍तान के अखबार 'डॉन' ने कहा है कि पाकिस्‍तान के चारों राज्‍यों और राजधानी इस्‍लामाबाद में आटा बढ़ी हुई कीमतों पर मिल रहा है.

आटे की महंगाई का मामला उस समय सियासी दांव-पेच का शिकार हो गया जब पाकिस्‍तान के खैबर  पख्तूनख्वा, पंजाब राज्‍यों की सरकारों ने इस महंगाई की जिम्‍मेदारी सिंध सरकार पर डाल दी. वहीं सिंध सरकार ने केंद्र पर गेहूं की बढ़ती कीमतों की जिम्‍मेदारी का ठीकरा फोड़ दिया.

वहीं आटे की कीमतों में बढ़ोतरी कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मंत्रालय के सचिव मुहम्मद हाशिम पोपलजई का कहना है, 'आटे को मुहैया कराने में होने वाली देरी की अहम वजह ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल है. इसी वजह से मुनासिब समय पर गेहूं की सप्‍लाई नहीं की जा सकी. हालांकि यह कुछ समय का संकट है और कुछ दिन में यह किल्‍लत दूर हो जाएगी.'वहीं उन्‍होंने सिंध सरकार पर आरोप भी लगाया कि उसे एक करोड़ 40 लाख टन गेहूं खरीदने के लिए कहा गया था मगर राज्‍य सरकार ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया. उन्‍होंने आगे कहा कि देश में गेहूं की मासिक खपत 22 लाख टन है और हुकूमत के पास दुकानों में पहले ही 42 मिलियन टन गेहूं का स्‍टाॅक है.

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First published: January 20, 2020, 1:01 PM IST
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