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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अचानक रद्द कर दी अमेरिकी सांसदों से मुलाकात, कहा - कश्‍मीर पर कांग्रेस का रुख जायज नहीं

News18Hindi
Updated: December 20, 2019, 6:23 PM IST
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अचानक रद्द कर दी अमेरिकी सांसदों से मुलाकात, कहा - कश्‍मीर पर कांग्रेस का रुख जायज नहीं
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी सांसदों से तय मुलाकात अचानक रद्द कर दी.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा कि मुझे अमेरिकी कांग्रेस में पेश किए गए प्रस्ताव की जानकारी है. इसमें जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के हालात को ठीक से समझा नहीं गया. भारत सरकार जो कर रही है उसकी निष्पक्ष तस्‍वीर पेश नहीं की गई है. ऐसे में अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal) से मुलाकात में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है.

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  • Last Updated: December 20, 2019, 6:23 PM IST
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वाशिंगटन. विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S Jaishankar) ने अमेरिकी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से तय मुलाकात अचानक रद्द कर दी. उन्‍होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा में अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल (Pramila Jayapal) की ओर से लाया गया प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में हालात की निष्पक्ष तस्‍वीर पेश नहीं करता है. इसलिए अमेरिकी कांग्रेस सदस्य जयपाल और उन सांसदों से मुलाकात करने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है, जिन्होंने अपना मन पहले ही बना लिया है. मैं ऐसे लोगों से बात नहीं कर सकता, जिन्‍हें असलियत नहीं पता है और न ही खुले दिल से बात करने को तैयार हैं.

भारतीय-अमेरिकी सांसद जयपाल ने पेश किया था कश्‍मीर पर प्रस्‍ताव
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (US House of Representatives) में पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला प्रमिला जयपाल ने इस महीने की शुरुआत में कश्मीर को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया. यह प्रस्ताव अभी अमेरिकी कांग्रेस में लंबित है. इसमें उन्होंने भारत से कहा है कि जम्मू-कश्मीर में संचार के माध्‍यमों पर लगी वो सभी पाबंदियां जल्द हटाई जाएं, जो 5 अगस्त को संविधान के अनुच्छेद-370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधानों को रद्द करने के बाद राज्‍य में लगाई गई थीं. इसके अलावा प्रस्‍ताव में सभी नागरिकों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करने का अनुरोध भी किया गया है.

प्रस्‍ताव में कश्‍मीर की वास्‍तविक तस्‍वीर पेश नहीं की गई: जयशंकर



भारत की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान (Pakistan) को आतंकियों और अन्य उपद्रवियों की मदद से कश्‍मीर घाटी (kashmir Valley) में गड़बड़ी फैलाने से रोकने के लिए पाबंदियां लगाई गई हैं. 2+2 वार्ता के बाद वॉशिंगटन के अपने दौरे के समापन पर जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा, 'मुझे कांग्रेस में पेश किए गए प्रस्ताव की जानकारी है. मुझे लगता है कि इसमें जम्मू-कश्मीर के हालात को ठीक से समझा नहीं गया. भारत सरकार जो कर रही है उसकी निष्पक्ष तस्‍वीर पेश नहीं की गई है. ऐसे में प्रमिला जयपाल से मुलाकात में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है.'

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि कश्‍मीर को लेकर पहले से ही मन बना चुके लोगों से मुलाकात की मेरी कोई इच्‍छा नहीं है.


'पहले ही मन बना चुके लोगों से मुलाकात की मेरी कोई इच्‍छा नहीं'
एस. जयशंकर से जब यह पूछा गया कि क्या आप उस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हैं, तो उन्होंने कहा, 'मैं ऐसे लोगों से मिलना चाहता हूं, जिन्हें वास्‍तविकता की जानकारी हो और जो बात करने के लिए तैयार हों. ऐसे लोगों से मिलने की मेरी कोई इच्‍छा नहीं जो पहले ही अपना मन बना चुके हैं.' वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जयशंकर ने इस हफ्ते कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों के साथ अपनी मुलाकात अचानक रद्द कर दी, क्योंकि अमेरिकी सांसदों ने जयपाल को बैठक में शामिल नहीं करने की उनकी मांग खारिज कर दी थी.

कश्‍मीर पर अपने प्रस्‍ताव को जनवरी में फिर बढ़ाएंगी प्रमिला जयपाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि एस. जयशंकर प्रतिनिधि सभा में विदेशी मामलों की अध्यक्ष एलियट एल एंजेल, समिति के रिपब्लिकन सदस्य माइकल मैक्‍कॉल और अन्य अमेरिकी सांसदों से मिलने वाले थे. इनमें जयपाल भी शामिल थीं. वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा, 'जयपाल से मुलाकात रद्द करना इस विचार को और भी मजबूत करता है कि भारत सरकार असहमति की किसी भी आवाज को नहीं सुनना चाहती.' जयपाल ने कहा कि कश्मीर पर अपने प्रस्ताव को वह इस हफ्ते ही आगे बढ़ाना चाहती थीं, लेकिन उनसे जयशंकर से मुलाकात तक रुकने को कहा गया था. अब जनवरी में वह इसके लिए नए सिरे से दबाव बनाएंगी.

'समिति के नियमों को बार-बार बदलने के कारण रद्द हुई मुलाकात'
रिपोर्ट के मुताबिक, जयपाल ने कहा, 'मेरे समर्थकों को मानवाधिकार हालात, बिना आरोप हजारों लोगों को हिरासत में लेने और संचार ठप होने से रोजमर्रा के जीवन में आने वाली मुश्किलों की चिंता है.' कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया कि यह बैठक इसलिए रद्द हुई क्योंकि विदेश मामलों की समिति बैठक के बुनियादी नियमों को लगातार बदलती रही और सूची में नए सदस्यों को शामिल करती रही. उसने बताया कि बैठक से पहले उन्होंने जयपाल समेत कई अन्य सांसदों को इसमें शामिल किया, जिन्हें भारत का आलोचक माना जाता है और जो कश्मीर पर कांग्रेस के प्रस्ताव के प्रायोजक हैं.

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First published: December 20, 2019, 5:07 PM IST
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