कोरोना वायरस की मार, विदेशी कामगार UAE लौटने के लिए कर रहे संघर्ष

कोरोना वायरस की मार, विदेशी कामगार UAE लौटने के लिए कर रहे संघर्ष
UAE एंबेसी की एक तस्वीर.

लॉकडाउन (Lockdown) लागू होने से पहले विदेशी कामगार काम के सिलसिले में, विदेश में छुट्टियां बनाने या परिवार के साथ बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए संयुक्त अरब अमीरात से बाहर गए थे और अपने पीछे नौकरी, परिवार और घर एवं अन्य जिम्मेदारियों को लौटने की योजना के तहत छोड़कर गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 14, 2020, 10:46 PM IST
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दुबई. यूडिंसन उई और उनकी गर्भवती पत्नी की योजना अर्मिनिया में छुट्टियां बिताकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) लौटने की थी, लेकिन कोरोना वायरस (Coronavirus) की महामारी को नियंत्रित करने के लिए लागू लॉकडाउन की वजह से उनकी पत्नी को वहीं बच्चे को जन्म देना पड़ा. मूलरूप से फिलिपीन के रहने वाले उई और उनकी पत्नी, बेटे को जन्म देने के बाद चार महीने से अर्मिनिया में फंसे हुए हैं और यह केवल उनकी परेशानी नहीं है बल्कि हजारों अन्य लोग यूएई लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यूएई बहुत अधिक विदेशी कामगारों पर निर्भर है. उई ने कहा, 'मैंने अर्मिनिया स्थित यूएईए के दूतावास, दुबई स्थित आव्रजन कार्यालय यूएई द्वारा जारी सभी हॉटलाइन और आपात हॉटलाइन पर संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कहा कि वे मदद नहीं कर सकते, भले उनकी पत्नी गर्भवती क्यों नहीं है.'

लॉकडाउन लागू होने से पहले विदेशी कामगार काम के सिलसिले में, विदेश में छुट्टियां बनाने या परिवार के साथ बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए संयुक्त अरब अमीरात से बाहर गए थे और अपने पीछे नौकरी, परिवार और घर एवं अन्य जिम्मेदारियों को लौटने की योजना के तहत छोड़कर गए थे. उल्लेखनीय है कि यूएई सात अमीरात का संघ जिसमें अबू धाबी और दुबई प्रमुख हैं. दुबई ने सात जुलाई से पर्यटकों के आने की अनुमति दे दी. पहचान और नागरिकता मामलों की संघीय एजेंसी ने इस बीच अनुमानित दो लाख लोगों को लौटाने की कोशिश शुरू की लेकिन नियमों की अस्पष्टता की वजह से कई लोगों के आवेदन खारिज हो रहे हैं. यूएई से बाहर फंसे विदेशी कामगारों के फेसबुक समूह पर कुछ सदस्यों ने कहा कि उन्होंने करीब 10 बार लौटने के लिए आवेदन किया लेकिन उसे खारिज कर दिया गया. एक महिला के मुताबिक उसने 21 बार आवेदन किया. नवजात शिशुओं के लिए नियम खासतौर पर अस्पष्ट है. कई मांएं जो बच्चों को जन्म देने के लिए अमीरात से बाहर गई थीं, वे अपने बच्चों के वापस लाने में असमर्थ महसूस कर रही हैं. सभी यूएई निवासियों (बच्चों सहित) को लौटने के लिए पहचान पत्र संख्या की आवश्यकता होती है.

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'यह कैच-22 जैसा हो गया है'
अमीरात की सरकार नवजात शिशुओं को तब तक पहचान पत्र जारी नहीं करती जब तक कि उनके पास निवास वीजा नहीं हो, लेकिन कई अभिभावक अपने बच्चों का पहचानपत्र नहीं बनवा पाए हैं क्योंकि दुनिया के कई देशों में यूएई के दूतावास कोरोना वायरस महामारी की वजह से बंद कर दिए गए हैं. फरवरी महीने से ही कनाडा में रह रही मिन्ना जोसफ ने कहा, 'यह कैच-22 जैसा हो गया है.' जोसफ मार्च महीने में यूएई लौटने की योजना बना रही थीं, लेकिन इस समय वैंकूवर में हैं और कहती हैं, 'कई मां को यह नहीं पता कि वे अपने बच्चों को कैसे वापस ले जाएंगी.' वह स्वयं हाल में जन्मे बेटे को यूएई ले जाने का इंतजार कर रही हैं.

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शिशु के पहचान पत्र को जोड़ा गया
दुबई द्वारा पर्यटकों के लिए दरवाजे खोलने का कुछ फायदा होगा क्योंकि पश्चिमी देशों और खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देशों के नागरिकों को यूएई आवगमन पर वीजा की सुविधा मिलेगी, लेकिन एशियाई देशों के नागरिकों के लिए मुश्किल बनी हुई जो अमीरात को मजदूर, सफाई कर्मी, टैक्सी चालक और कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों की आपूर्ति करते हैं क्योंकि इन देशों के नागरिकों को आने से पहले वीजा लेना होता है. दुबई ने नई व्यवस्था लागू की है और मां के पहचान पत्र के साथ नवजात शिशु के पहचान पत्र को जोड़ा है, लेकिन यूएई के अन्य छह अमीरात के अपने आव्रजन कानून है. उदाहरण के लिए अबू धाबी ने अब भी अन्य अमीरात से अपनी सीमाएं बंद रखी है और लोगों के आने से पहले कोविड-19 निगेटिव प्रमाण पत्र होना आवश्यक है.
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