पूर्व सेना अधिकारी ने चेताया, भारतीय सैनिकों की संख्या बढ़ी, चीन में कभी भी घुस सकते हैं

चीन के रिटायर्ड जनरल के अनुसार पूर्वी लद्दाख में भारत ने सैनिकों की संख्या बढ़ाई है.
चीन के रिटायर्ड जनरल के अनुसार पूर्वी लद्दाख में भारत ने सैनिकों की संख्या बढ़ाई है.

चीन के अवकाशप्राप्त जनरल वांग होंगगुआंग ने लिखा है कि वह भारतीय सेना (India Army) को लेकर अलर्ट रहे. भारत ने सर्दियों में सैनिकों की संख्‍या कम करने की बजाय इनकी संख्या दोगुनी यानी एक लाख कर डाली है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 8:17 PM IST
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बीजिंग. पिछले कई महीनों से भारत और चीन के बीच सीमा विवाद (India China Border Dispute) को लेकर तनाव की स्थिति लगातार बनी हुई है. पिछले दिनों लद्दाख में एलएसी पर चीन ने घुसपैठ की कोशिश की थी जिसके जवाब में भारतीय सैनिकों (Indian Army) ने मुंहतोड़ जवाब दिया था. चीन इस घटना के बाद से चिढ़ा हुआ है और आए दिन भारतीय सैनिकों को उकसाने के लिए बयानबाजी देता रहता है. एक बयान पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी को आगाह करते हुए चीन के अवकाशप्राप्त जनरल वांग होंगगुआंग ने भी दिया है कि वह भारतीय सेना को लेकर अलर्ट रहे. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में प्रकाशित हुए इस लेख में रिटायर्ड जनरल ने लिखा है कि चीन बॉर्डर पर एक लाख भारतीय सैनिक तैनात हैं. उन्होंने आगे लिखा है कि चीन हमलों के लिए तैयार रहे, भारत कभी भी हमला कर सकता है. जनरल ने यह भी लिखा है कि भारतीय सैनिक कभी भी कुछ ही घंटों में चीन की सीमा में प्रवेश कर सकते हैं.

'लद्दाख बॉर्डर पर भारत सैनिकों की संख्या दोगुनी कर दी है'

रिटायर्ड जनरल वांग होंगगुआंग ने दरअसल यह लेख ली जियान पर पोस्ट किया था. ली जियान एक तरह का सोशल मीडिया अकाउंट है जो रक्षा मामलों से जुड़ा है. होंगगुआंग ने यहां दावा किया कि भारत की तरफ से पूर्वी लद्दाख में तैनात सैनिकों की संख्‍या को दोगुना कर दिया है. होंगगुआंग ने लिखा है कि भारत को एलएसी की रक्षा के लिए बस 50,000 सैनिकों की जरूरत होती है लेकिन सर्दियों में सैनिकों की संख्‍या कम करने की इनकी संख्या दोगुनी यानी एक लाख कर डाली है.



उन्‍होंने कहा है कि चीन की मिलिट्री नवंबर के मध्‍य से पहले अपने सुरक्षा इंतजामों को कम करने के बारे में नहीं सोच सकती है. वांग का यह आर्टिकल भारत और चीन के बीच 21 सितंबर को हुई कोर कमांडर वार्ता के बाद आया था. इस मीटिंग में दोनों ही देश इस निष्‍कर्ष पर पहुंचे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जिन बिंदुओं को लेकर सहमति बनी है, उसे अमल में लाया जाएगा. इसके अलावा यह भी तय हुआ है कि अब लद्दाख में और ज्‍यादा जवानों को नहीं भेजा जाएगा.


'भारतीय सैनिक चीनी बॉर्डर से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर हैं'

उन्‍होंने आगे लिखा, 'भारत ने एलएसी के करीब अपने जवानों की संख्‍या को दोगुना या तिगुना कर दिया है. यह सभी सैनिक चीनी सीमा से बस 50 किलोमीटर दूर ही हैं. ऐसे में आसानी से कुछ ही घंटों में ये चीन की सीमा में दाखिल हो सकते हैं.'

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होंगगुआंग नानजियान मिलिट्री रीजन के डिप्‍टी कमांडर रह चुके हैं. हालांकि उन्‍होंने यह नहीं बताया कि उन्‍हें इस बात की जानकारी कैसे मिली? होंगगुआंग ने यह नहीं बताया कि भारत ने एलएसी पर अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाकर एक लाख कर दिया है. उन्‍होंने आगाह किया कि ताइवान स्‍ट्रेट में संघर्ष का खतरा बहुत बढ़ गया है और आने वाले अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनावों के दौरान भारत को कुछ बड़ा करने का मौका मिल सकता है.
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