अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री ने पाकिस्‍तान को बताया दुनिया का सबसे खतरनाक देश 

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Updated: September 5, 2019, 8:11 PM IST
अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री ने पाकिस्‍तान को बताया दुनिया का सबसे खतरनाक देश 
जिम मैटिस ने कहा, पाकिस्‍तान को सबसे खतरनाक देश मानने के पीछे की वजह वहां के समाज का कट्टरपंथी होना है.

जिम मैटिस ने पाकिस्तान के साथ अपने अनुभव को बहुत खतरनाक बताया. उन्होंने कहा, मैंने जिन देशों के साथ काम किया है उनमें पाकिस्तान सबसे खतरनाक देश है. मैटिस ने इसके लिए पाकिस्तान के कट्टरपंथी समाज को भी जिम्मेदार बताया है.

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न्‍यूयॉर्क. अमेरिका (US) के पूर्व रक्षा मंत्री (Former Secretary of Defense) जिम मैटिस (Jim Mattis) ने अपनी नई किताब में पाकिस्तान (Pakistan) को दुनिया का सबसे खतरनाक देश बताया है. मैटिस ने कहा कि उन्‍होंने दुनिया के जिन देशों के साथ काम किया है, उनमें वह पाकिस्तान को सबसे ज्‍यादा खतरनाक देश मानते हैं. वह इसके पीछे पाकिस्तान के समाज के कट्टरपंथी होने को बताते हैं.

हास ने 'कॉल साइन केओस : लर्निंग टू लीड' का जिक्र किया
मैटिस ने विदेश संबंध परिषद (CFR) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्‍तान के बारे में काफी कड़वी बातें कहीं. उन्होंने हाल में प्रकाशित पुस्तक 'कॉल साइन केओस : लर्निंग टू लीड' का सहलेखन (Co-Author) किया है. सीएफआर अध्यक्ष रिचर्ड हास ने पुस्तक के उस अंश का जिक्र किया, जिसमें मैटिस ने पाकिस्तान के बारे में कहा, 'जिन सभी देशों के संपर्क में मैं आया हूं उनमें मैं पाकिस्तान को सर्वाधिक खतरनाक देश मानता हूं.'

'पाकिस्‍तान और अमेरिका के बीच काफी उलझे हुए संबंध हैं'

हास ने जिम मैटिस से सवाल किया कि अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री पाकिस्तान को सबसे ज्‍यादा खतरनाक देश क्यों मानते हैं? इस पर मैटिस ने कहा, 'पाकिस्‍तान के समाज का कट्टरपंथी होना मेरी इस धारणा की बड़ी वजह है. एक तरीके से पाकिस्तानी सेना का भी यही मानना है. वे इस बात का अहसास करते हैं कि वहां पहुंचकर उन्हें क्या मिला है? वे इसे स्वीकार करते हैं. पाकिस्तान से अमेरिका के संबंधों को लेकर मैटिस ने कहा कि दोनों देशों के बीच काफी उलझे हुए संबंध हैं.'

'चीन के साथ काम करने का तरीका खोज सकता है अमेरिका'
चीन को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जिम मैटिस ने कहा कि अमेरिका चीन के साथ काम करने का तरीका तलाश कर सकता है. हम चीन का वहां विरोध करेंगे, जहां वह वैश्विक व्यवस्था में अड़चनें पैदा करेगा. इसमें नौवहन की स्वतंत्रता भी शामिल है. ट्रंप प्रशासन की तारीफ करते हुए मैटिस ने कहा कि चीन के साथ ट्रंप प्रशासन सबसे ईमानदारी से अपने संबंधों का आकलन कर रहा है.
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First published: September 5, 2019, 7:33 PM IST
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