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पूर्व ISIS सदस्य शमिमा बेगम को नहीं मिलेगी ब्रिटेन की नागरिकता, याचिका खारिज

भाषा
Updated: February 8, 2020, 6:48 PM IST
पूर्व ISIS सदस्य शमिमा बेगम को नहीं मिलेगी ब्रिटेन की नागरिकता, याचिका खारिज
बेगम 15 वर्ष की उम्र में सीरिया के आंतकी गिरोह में शामिल होने के लिए पूर्वी लंदन स्थित अपने घर से चुपके से भाग गई थी (फाइल फोटो)

शमिमा बेगम (Shamima Begum) 15 वर्ष की उम्र में सीरिया (Syria) के आतंकी गिरोह में शामिल होने के लिए पूर्वी लंदन (East Landon) स्थित अपने घर से चुपके से भाग गई थी. अब वह उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों (Kurdish Forces) द्वारा चलाए जा रहे शिविर में रह रही हैं.

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लंदन. ब्रिटिश नागरिकता (British Citizenship) की याचिका को रद्द करने के खिलाफ इस्लामिक स्टेट (ISIS) की सदस्यता ग्रहण करने वाली शमिमा बेगम (Shamima Begum) की याचिका खारिज कर दी गई है. ब्रिटिश सरकार (British Government) ने सुरक्षा कारणों से शमिमा बेगम की याचिका रद्द कर दी थी.

बेगम 15 वर्ष की उम्र में सीरिया (Syria) के आतंकी गिरोह में शामिल होने के लिए पूर्वी लंदन (East Landon) स्थित अपने घर से चुपके से भाग गई थी. अब वह उत्तरी सीरिया में कुर्द बलों (Kurdish Forces) द्वारा चलाए जा रहे शिविर में रह रही हैं.

ब्रिटेन के पूर्व गृह मंत्री ने रद्द कर दी थी ब्रिटिश नागरिकता लेकिन उसे नहीं किया गया था बेघर
एक विशेष ब्रिटिश आव्रजन न्यायाधिकरण ने शुक्रवार को फैसला सुनाया कि वह जन्म से एक बांग्लादेशी नागरिक हैं जिसका मतलब था कि ब्रिटेन के पूर्व गृह मंत्री (Britain's Former Home Minister) साजिद जाविद द्वारा उसकी ब्रिटिश नागरिकता को रद्द करने के फैसले के बाद भी उसे बेघर नहीं किया गया था.

विशेष आव्रजन आयोग (SIAC) एक विशेषज्ञ न्यायाधिकरण है जो राष्ट्रीय सुरक्षा आधार पर ब्रिटिश नागरिकता को रद्द करने के फैसलों के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई करता है. एसआईएसी ने कहा कि बेगम अपने खुद के फैसले को चुनौती दे रहीं थी. यह स्थिति गृहमंत्री जाविद के फैसले की देन नहीं थी.

केस के दौरान शमिमा ने अपनी पहचान गुमनाम रखने से कर दिया था इंकार
बेगम के वकील डैनियल फर्नर ने कहा कि अब 20 वर्षीय शमिमा अपने मामले को ‘असाधारण आग्रह के मामले के रूप में’ कोर्ट ऑफ अपील (Court of Appeal) में ले जाएगी.उसका पता पिछले साल फरवरी में उत्तरी सीरिया (North Syria) में 'द टाइम्स' अखबार ने लगाया था. उस समय वह अपने तीसरे बच्चे के साथ नौ महीने की गर्भवती थीं. सीरिया आने का बाद डच आईएसआईएस लड़ाकू यागो रेजिक से शादी करने कारण शमिमा को आईएसआईएस ब्राइड (ISIS Bride) के नाम से भी जाना जाता है.

एसआईएसी में अपील करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाती है लेकिन बेगम ने अपने पहचान गुमनाम रखने से इनकार कर दिया (Refused) था.

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First published: February 8, 2020, 6:46 PM IST
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