पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी बीमार, अस्पताल में भर्ती कराया

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी बीमार हो गए हैं. फाइल फोटो: AP
पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी बीमार हो गए हैं. फाइल फोटो: AP

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (Ex. President Asif Ali Zardar) को खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती (Hospitalised) किया गया है. पूर्व राष्ट्रपति जरदारी के खिलाफ अदालत में मुकदमा चल रहा है.

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  • Last Updated: October 12, 2020, 12:00 PM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (Ex. President Asif Ali Zardar) को खराब स्वास्थ्य के कारण अस्पताल में भर्ती (Hospitalised) किया गया है. आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (Pakistan Peoples Party) के सह-अध्यक्ष भी हैं. पार्टी ने एक बयान में कहा है कि डॉक्टर जरदारी का मेडिकल चेकअप और जरूरी मेडिकल टेस्ट करवा रहे हैं. पाकिस्तानी समाचारपत्र डॉन ने बताया कि जरदारी को इलाज के लिए कराची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो द्वारा दायर भ्रष्टाचार के कई मामलों में आसिफ अली जरदारी का नाम शामिल है. इन्हीं मामलों के चलते वे जेल में थे लेकिन पिछले साल स्वास्थ्य आधार पर इस्लामाबाद उच्च न्यायालय से जरदारी को जमानत मिल गई थी.

पूर्व राष्ट्रपति बीमार चल रहे हैं

डॉन अखबार की सूचना के अनुसार जरदारी की जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान उनके वकील फारूक एच नाईक ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल और पूर्व राष्ट्रपति लम्बे वक़्त से बीमार चल रहे हैं और कई बीमारियों से पीड़ित हैं. इस साल 30 जून को इस्लामाबाद की एक अदालत ने तोशखाना उपहार मामले में पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया. तोशखाना उपहार मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और यूसुफ रजा गिलानी भी शामिल हैं.



राष्ट्राध्यक्षों से मिले उपहारों के दुरुपयोग का आरोप
नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्रियों नवाज शरीफ और यूसुफ रजा गिलानी पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों से मिले आधिकारिक उपहारों के दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है.एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के अनुसार जरदारी और शरीफ ने तोशखाने से कारों की कीमत का 15 प्रतिशत भुगतान करके उन्हें हासिल कर लिया था. ब्यूरो ने यह भी आरोप लगाया कि गिलानी ने इस संबंध में जरदारी और शरीफ को फायदा पहुंचाने की कोशिश की. एनएबी के अनुसार के अनुसार जरदारी ने फर्जी खातों के माध्यम से कारों की कुल लागत का केवल 15 प्रतिशत का भुगतान किया था.

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एंटी-ग्राफ्ट बॉडी ने ज़रदारी पर यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्होंने लीबिया और संयुक्त अरब अमीरात से उपहार के रूप में कारें लीं और उन कारों को खजाने में जमा करने के बजाय अपने व्यक्तिगत उपभोग के लिए इस्तेमाल किया.
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