France Church Attack: ट्यूनीशिया से आया 21 साल का मुस्लिम शरणार्थी था हमलावर

फ्रांस में हमला करने वाला 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई युवक है.
फ्रांस में हमला करने वाला 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई युवक है.

France church attack: समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक नीस में महिला का सिर काटने वाले हमलावर की पहचान 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई युवक (Tunisian muslim) के तौर पर की गयी है. ये युवक अक्टूबर में ही शरणार्थी के तौर पर फ्रांस आया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 7:10 AM IST
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पेरिस. फ़्रांस के नीस शहर में एक संदिग्ध हमलावर ने कई लोगों पर चाकू से हमला (France church attack) किया है. फ़्रांस की पुलिस के मुताबिक़ हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है जिसमें एक महिला का सिर काट दिया गया है. समाचार एजेंसी AFP के मुताबिक हमलावर की पहचान 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई युवक (Tunisian muslim) के तौर पर की गयी है. जानकारी के मुताबिक हमलावर को इस अक्टूबर में ही फ्रांस में शरण दी गयी थी. प्रत्यदर्शियों ने बताया कि हमले के दौरान वह लगातार 'अल्लाह हू अकबर' चिल्ला रहा था.

पुलिस ने शुरूआती जांच में पाया है कि हमलावर को फ्रांस आए कुछ ही हफ्ते हुए थे ऐसे में उसके फ्रांस आने से पहले ही कट्टर इस्लामिक संगठनों के साथ रिश्ते हो सकते हैं. ये युवक सितंबर के आखिर में इटैलियन आइलैंड लैंपदुसा में क्वारंटीन भी किया गया था. पहले ये इटली में शरण लेना चाहता था लेकिन बाद में ये फ्रांस आ गया. यह हमला फ़्रांस के मशहूर नॉट्रे डाम चर्च के पास हुआ है. हमले में कुछ लोग घायल भी हुए हैं.






जिन्दा है हमलावर
नीस के मेयर क्रिश्चियन एस्ट्रोसी ने पत्रकारों को बताया कि संदिग्ध हमलावर बार-बार 'अल्लाहू अकबर' (अल्लाह महान है) चिल्ला रहा था. हमलावर को गिरफ़्तार कर लिया गया है. मेयर ने कहा कि जिस तरह यह हमला हुआ है, उससे इसके 'आतंकी हमला होने के' संकेत मिलते हैं. राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस 'फिर से आतंकी हमले का शिकार' हुआ है. उन्होंने कहा कि फ्रांस पर हमला देश के आजादी के मूल्य और आतंक के सामने नहीं झुकने की इच्छा की वजह से किया गया है. यही नहीं, उन्होंने यहां तक कहा है कि फ्रांस इस्लामिक आतंकी हमले के बाद अपने मूल्यों को छोड़ेगा नहीं.



सुरक्षा बढ़ा दी गयी
नीस में हुए हमले के बाद मैक्रों गुरुवार को यहां पहुंचे और ऐलान किया कि फ्रांस अब देश के प्रमुख स्थानों पर सैनिकों को तैनात करेगा. इनमें स्कूल और धार्मिक स्थान होंगे. सैनिकों की संख्या तीन हजार से बढ़ाकर सात हजार कर दी जाएगी. इससे पहले मैक्रों ने पेरिस में मारे गए टीचर सैम्युअल पैटी का समर्थन किया था और देश में अभिव्यक्ति की आजादी सुनिश्चित करने की बात कही.
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