France Church Attack: बुजुर्ग महिला का सिर काटने वाले हमलावर के हाथ में थी कुरान

फ़्रांस: हमलावर के हाथ में थी कुरान
फ़्रांस: हमलावर के हाथ में थी कुरान

France Church Attack: फ़्रांस की एंटी टेरेरिस्ट एजेंसी ने जांच में पाया है कि 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई नागरिक है जो इस महीने की शुरुआत में फ़्रांस आया था. उसके पास इटली के रेड क्रॉस द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ थे. हमले के दौरान उसने हाथ में कुरान भी ली हुई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 11:51 AM IST
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नीस. एंटी टेरेरिस्ट एजेंसी की जांच में सामने आया है कि फ्रांस (France Church Attack) के शहर नीस में गुरूवार को एक गिरजाघर में लोगों पर चाकू से हमला करने वाले ट्यूनीशियाई हमलावर के हाथ में कुरान (Tunisian carrying Quran) भी थी. इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई थी. हमले के बाद सरकार ने सुरक्षा अलर्ट को बढ़ाकर अधिकतम स्तर का कर दिया. यह पिछले दो महीनों में फ्रांस में इस तरह का तीसरा हमला है. इस हमलावर के बैग से दो अतिरिक्त चाकू भी बरामद हुए हैं.

आतंक-विरोधी अभियोजकों ने इस हमले की जांच शुरू कर दी है और फ़्रांस ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर रेड अलर्ट घोषित कर दिया है. फ़्रांस के मुख्य आतंकवाद-विरोधी अभियोजक ज़्यां फ़ोंसा हिकाख़ ने बताया है कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हमलावर गंभीर रूप से घायल हुआ है. हिकाख़ का कहना है कि संदिग्ध 21 वर्षीय ट्यूनीशियाई नागरिक है जो इस महीने की शुरुआत में फ़्रांस आया था. उसके पास इटली के रेड क्रॉस द्वारा जारी किए गए दस्तावेज़ थे. पुलिस सूत्रों ने हमलावर का नाम ब्राहिम एइसोई बताया है. उनका कहना है कि वो व्यक्ति सितंबर में ट्यूनीशिया से नाव के ज़रिए इटली के लैम्पेडूसा द्वीप पर पहुंचा था. कोरोना वायरस के कारण क्वारंटीन का समय पूरा करने के बाद उसे इटली छोड़ने के लिए कहा गया था.






घायल हमलावर है अस्पताल में
नोट्रेडैम चर्च (गिरजाघर) में हमले को अंजाम देने वाला हमलावर पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसकी हालत नाजुक है. इस वारदात स्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर वर्ष 2016 में बास्तील डे परेड के दौरान एक हमलावर ने ट्रक को भीड़ में घुसा दिया था, जिसमें दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी. फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह तुरंत स्कूलों और धार्मिक स्थलों की रक्षा के लिए तैनात सैनिकों की संख्या लगभग 3,000 से बढ़ाकर 7,000 तक करेंगे.

फ्रांस के आतंकवाद निरोधी अभियोजक ने बताया कि संदिग्ध एक ट्यूनीशियाई है. उसका जन्म 1999 में हुआ था. वह 20 सितम्बर को लैंपड्यूसा के इतालवी द्वीप पहुंचा था और नौ अक्टूबर को दक्षिणी इटली के एक बंदरगाह शहर बारी पहुंचा. अभियोजक ज्यां-फांसवा रिकार्ड ने हालांकि वह नीस कब पहुंचा इसकी कोई जानकारी नहीं दी. रिकार्ड ने बताया कि हमलावर के पास पवित्र ग्रंथ कुरान की एक प्रति और दो फोन थे. ट्यूनीशिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘टीएपी’ ने आतंकवाद रोधी अभियोजक कार्यालय के हवाले से बताया कि ट्यूनीशियाई व्यक्ति द्वारा देश की सीमा के बाहर कथित तौर पर आतंकवादी वारदात को अंजाम देने के मामले में जांच शुरू कर दी गई है.



UN ने की हमले की निंदा
संयुक्त राष्ट्र के एक शीर्ष अधिकारी ने बृहस्पतिवार को फ्रांस के गिरजाघर में हुए 'बर्बर हमले' की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उपासकों समेत आम नागरिकों को निशाना बनाकर किये गए इस प्रकार के जघन्य कृत्य पूरी तरह से अनुचित हैं और इन्हें किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता. यूनाइटेड नेशन्स अलायंस ऑफ सिविलाइजेशन (यूएनएओसी) के उच्च प्रतिनिधि मिग्वेल एंगेल मोरातिनोस ने फ्रांस के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित नीस शहर हुए 'बर्बर हमले की कड़ी निंदा' की. इस हमले में दो महिलाओं और एक पुरुष समेत तीन लोगों की मौत हो गई. उच्च प्रतिनिधि के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मोरातिनोस ने 'जोर देकर कहा है कि उपासकों समेत आम नागरिकों को निशाना बनाकर किये गए इस प्रकार के जघन्य अपराध अस्वीकार्य हैं और इन्हें किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता.'
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