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PAK मिनिस्टर ने फ्रांस के राष्ट्रपति को बताया 'नाजी', जवाब मिला- फेक न्यूज़ मत फैलाओ

PAK मंत्री ने फेक न्यूज़ के जरिए फ्रांस के राष्ट्रपति पर लगाया आरोप ( फोटो- AFP)
PAK मंत्री ने फेक न्यूज़ के जरिए फ्रांस के राष्ट्रपति पर लगाया आरोप ( फोटो- AFP)

पाकिस्तान की मंत्री शिरीन मजारी (Shireen Mazari) ने फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों (Emmanuel Macron) पर मुस्लिमों के साथ नाजी जर्मनी में यहूदियों जैसे व्यवहार करने का आरोप लगाया और एक फेक न्यूज़ भी शेयर कर दी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 7:32 AM IST
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इस्लामाबाद. फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों (Emmanuel Macron) का ज्यादतर मुस्लिम देशों में काफी विरोध हो रहा है. इसी क्रम में पाकिस्तानी मंत्री ने मैक्रों के मुसलमानों के साथ द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों के जैसा बर्ताव करने का आरोप लगा दिया. मंत्री शिरीन मजारी (Shireen Mazari) ने न सिर्फ मैक्रों पर 'नाजी' होने का आरोप लगाया बल्कि 'चार्टर ऑफ रिपब्लिकन वैल्यूज' से संबंधित एक फर्जी खबर भी शेयर कर दी. इसके बाद फ्रांस ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और पाकिस्तानी मंत्री को सब डिलीट करना पड़ा.

शनिवार पाकिस्तान की मानवाधिकार मामलों की मंत्री शिरीन माजरी ने ट्वीट करके कहा था कि मैक्रों मुसलमानों के साथ वही कर रहे हैं जो नाजियों ने यहूदियों के साथ किया था. मुसलमान बच्चों को आइडी मिलेगा. अन्य बच्चों को नहीं दिया जाएगा. यह ठीक वैसा ही जैसे पहचान करने के लिए यहूदियों को अपने कपड़ों पर पीले रंग का सितारा पहनने के लिए विवश किया जाता था. हालांकि, मैक्रों ने फ्रेंच काउंसिल ऑफ द मुस्लिम फेथ को जो 'चार्टर ऑफ रिपब्लिकन वैल्यूज' 15 दिन के अंदर स्वीकार करने के लिए कहा है, उसे लेकर पाकिस्तान की इमरान सरकार की मंत्री ने फर्जी न्यूज शेयर कर दी और आग में घी डालने का काम किया.






माजरी ने शेयर की एक फर्जी खबर
बता दें कि इस नए विधेयक में होम-स्कूलिंग पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. हर बच्चे को एक आइडेंटिफिकेशन नंबर दिया जाएगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे स्कूल जा रहे हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले पैरंट्स को 6 महीने तक की जेल या जुर्माना भरना पड़ सकता है. पाकिस्तान की सरकार में मंत्री शिरीन मजारी ने जो खबर शेयर की थी उसके मुताबिक सिर्फ मुस्लिम परिवारों पर ये नियम लागू हुए हैं. शिरीन मजारी ने यह स्टोरी शेयर करते हुए लिखा- 'मैक्रों मुस्लिमों के साथ वही कर रहे हैं जो नाजियों ने यहूदियों के साथ किया था. मुस्लिम बच्चों को ID नंबर दिए जाएंगे (दूसरे बच्चों को नहीं) जैसे यहूदियों को पहचान के लिए पीला सितारा पहनने के लिए मजबूर किया जाता था.' इसे ट्वीट करते हुए पाकिस्तान में फ्रांस के दूतावास ने लिखा- 'फर्जी न्यूज और झूठा आरोप.'

पाकिस्तानी मंत्री का बयान में नफरत और हिंसा से प्रेरित: फ्रांस
पाकिस्तानी मंत्री के इस ट्वीट से नाराज फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री ने बयान जारी करके माजरी के आपत्तिजनक बयान को वापस लेने को कहा था. बयान में कहा गया कि पाकिस्तानी कैबिनेट की एक सदस्य के विचारों को सोशल मीडिया पर जताते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के खिलाफ अपमानजनक, स्तब्धकारी और बेबुनियाद टिप्पणी की गई है. राष्ट्रपति मैक्रों और फ्रांस के खिलाफ नासिर्फ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया बल्कि इन बातों में जरा भी सच्चाई नहीं है. पाकिस्तानी मंत्री के बयान में नफरत और हिंसा से प्रेरित बातें हैं. जिम्मेदार पद पर होने के बावजूद ऐसी ओछी टिप्पणी की गई है. हम इसे पूरी सख्ती से खारिज करते हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमने तत्काल पेरिस में नियुक्त पाकिस्तानी प्रभारी को इस बारे में तलब किया है.

सरकार विरोधी रैली पर अड़ा विपक्ष
उधर पाकिस्तान में 11 विपक्षी दलों का नवगठित गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार विरोधी रैली आयोजित करने पर अड़ गया है जबकि इमरान प्रशासन ने कोविड-19 के मद्देनज़र इसकी इजाजत देने से इनकार कर दिया है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार में रविवार को प्रकाशित खबर के अनुसार रैली को पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज, जमीयत उलेमा इस्लाम-फाजी (जेयूआई-एफ) तथा पीडीएम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी समेत गठबंधन के अन्य नेता संबोधित करेंगे.





खबर के अनुसार पीडीएम की पिछली रैली को लंदन से वीडियो लिंक से संबोधित कर चुके पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीएमएल-एन अध्यक्ष नवाज शरीफ संभवत: किडनी संबंधी समस्या की वजह से पेशावर की रैली को संबोधित नहीं कर सकेंगे. उनकी बेटी मरियम ने शनिवार को एक ट्वीट के जवाब में खबर की पुष्टि की. प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को पीडीएम की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन संवेदनहीन तरीके से लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है. खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने शुक्रवार को एक संक्षिप्त बयान में कहा था कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने भयावह शक्ल अख्तियार की है. इसमें कहा गया, 'हमें पहले लोगों की जिंदगियां बचानी हैं. इसलिए विपक्षी दलों को लोगों की जान की कीमत पर रैली नहीं करने दी जा सकती.'
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