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फ्रांस की कंपनी सैफ्रां ने भारत में ही राफेल का स्‍वदेशी इंजन बनाने की पेशकश की

News18Hindi
Updated: October 10, 2019, 8:42 PM IST
फ्रांस की कंपनी सैफ्रां ने भारत में ही राफेल का स्‍वदेशी इंजन बनाने की पेशकश की
सैफ्रां के सीईओ ओलिवर एंड्री ने बताया कि डीआरडीओ हमारी ओर से भेजे गए प्रस्‍ताव का अध्‍ययन कर रहे हैं. टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर से भारत में राफेल के इंजन बनाने का रास्‍ता खुल जाएगा.

फ्रांस की राफेल (Rafale) जेट इंजन निर्माता सैफ्रां (Safran) ने कहा है कि वह भारत को टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर (Technology Transfer) करने को तैयार है. सैफ्रां ने बताया कि रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (DRDO) उसके प्रस्‍ताव का अध्‍ययन कर रहा है. तकनीकी मिलने से भारत में ही राफेल का स्‍वदेशी इंजन (Indigenous Engine) बनाने का रास्‍ता साफ हो जाएगा.

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  • Last Updated: October 10, 2019, 8:42 PM IST
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पेरिस. राफेल (Rafale) जेट के लिए एम-88 इंजन बनाने वाली फ्रांस की कंपनी सैफ्रां (Safran) ने भारत में ही लड़ाकू विमान (Fighter Jet) का स्‍वदेशी इंजन (Indigenous Engine) बनाने के लिए मदद करने की पेशकश की है. कंपनी के सीईओ ओलिवर एंड्री (Olivier Andries) ने बताया कि कंपनी ने भारत के रक्षा व अनुसंधान संगठन (DRDO) को इससे जुड़ा प्रस्‍ताव भेज दिया है. उन्‍होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) को भारत में कंपनी की सैन्‍य व नागरिक परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बुधवार को बताया कि सैफ्रां इसके लिए टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर (Technology Transfer) करने को भी तैयार है. राजनाथ सिंह ने बुधवार को ही सैफ्रां के कारखाने का दौरा किया था.

टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर होने पर भारत इंजन का कर सकता है निर्यात
एंड्री ने बताया कि डीआरडीओ हमारी ओर से भेजे गए प्रस्‍ताव का अध्‍ययन कर रहे हैं. टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर से भारत में राफेल के इंजन बनाने का रास्‍ता खुल जाएगा. मिराज जेट विमान (Mirage jet) में सैफ्रां के बनाए एम-53 वेरिएंट के इंजन का इस्‍तेमाल होता है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक भारतीय अधिकारी ने कहा, 'यह प्रस्ताव अगर कारगर हुआ तो इससे मेक इन इंडिया को तेजी मिलेगी. भारत जेट विमान के इस इंजन को बनाकर निर्यात (Export) भी कर सकता है.' राजनाथ सिंह की मौजूदगी में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) को पहला राफेल विमान मंगलवार को सौंपा गया था.

पार्ली ने कहा, हम आपकी जरूरतें पूरी करने की कोशिश करेंगे

फ्रांस के रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली (Florence Parly) ने भारत को राफेल सौंपे जाने के बाद कहा था, 'हम मेक इन इंडिया नीति का समर्थन करेंगे. हमें भविष्य की बात करनी चाहिए. यह सिर्फ एक लड़ाकू विमान हासिल करने का मामला नहीं है, बल्कि सैन्य साझेदारी (Military Partnership) को बेहतर करने का मुद्दा है. हम आपकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरा प्रयास करेंगे.' फ्रांस और भारत के रक्षा मंत्री मंगलवार को दूसरे रक्षा संवाद (Defence Dialogue) के लिए मिले थे. इस दौरान उन्‍होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा भी की. यहां यह भी अध्‍ययन किया गया कि भारत में बनने वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) के लिए स्वेदशी इंजन बनाने में सैफ्रां की मदद कैसे ली जा सकती है.

रक्षा संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं भारत-फ्रांस
भारत और फ्रांस अपने रक्षा संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं. भारत को पहला फ्रांसीसी लड़ाकू विमान राफेल लंबे इंतजार के बाद मिला है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को दशहरा पर शस्त्र पूजा करने के साथ ही दसॉ (Dassault) कंपनी से पहले लड़ाकू विमान को हासिल किया. हालांकि, भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने में राफेल को अभी लंबा वक्त लगेगा. दरअसल, अभी भारतीय वायुसेना के जवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. भारत फ्रांस से कुल 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद रहा है.
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First published: October 10, 2019, 6:49 PM IST
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