पाकिस्तान की कंगाली से हांगकांग में चीनी विरोध तक आज विदेशी मीडिया में छाए रहे ये मुद्दे

इमरान खान ने कहा है कि पाक की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के बाद अब वो उन नेताओं को चिन्हित करेंगे जिनकी वजह से पाकिस्तान आर्थिक रूप से बदहाल हुआ.

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Updated: June 12, 2019, 5:23 PM IST
पाकिस्तान की कंगाली से हांगकांग में चीनी विरोध तक आज विदेशी मीडिया में छाए रहे ये मुद्दे
बजट के बाद अपने भाषण में इमरान खान ने देश को कंगाली की ओर ले जाने वाले नेताओं पर भी शिकंजा कसने की बात कही है (फाइल फोटो)
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Updated: June 12, 2019, 5:23 PM IST
देश के अखबार-न्यूज़ चैनलों की सुर्खियों से आप हर पल रूबरू रहते हैं लेकिन हमारी कोशिश है कि आप उन खबरों से भी वाकिफ़ रहें जो कि विदेशी मीडिया की सुर्खियों में शुमार रहीं. आज इस सफर की शुरुआत पाकिस्तान से जो आर्थिक तंगी के चलते उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा है.

पाकिस्तान के अखबार द डॉन ने जहां एक तरफ इमरान सरकार के पेश किए गए आम बजट को तरजीह दी तो साथ ही वजीरे-आजम इमरान खान के राष्ट्र के नाम संबोधन को तवज्जो के साथ प्रकाशित किया. द डॉन लिखता है कि पाकिस्तान में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) द्वारा पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हमज़ा शाहबाज़ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी की गिरफ्तारी के अलावा एमक्यूएम नेता अल्ताफ हुसैन की लंदन पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद इमरान खान ने देश को संबोधित किया और कहा कि पाक की अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के बाद अब वो उन नेताओं को चिन्हित करेंगे जिनकी वजह से पाकिस्तान आर्थिक रूप से बदहाल हुआ.



इमरान खान ने कहा कि, ‘अब पाकिस्तान स्थिर है. आर्थिक तंगी का दबाव कुछ कम हुआ है. अब मैं उनको सामने लाऊंगा जिन्होंने मुल्क को कर्ज में डुबोया.’

बहरहाल, इस बार का बजट पाकिस्तान की पशेमानियों पर बल बढ़ाने वाला रहा. इस बजट में इकॉनमी में मात्र 2.4 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान जताया गया है जो कि पिछले साल की प्रोजेक्टेड ग्रोथ 6.2 फीसदी के मुकाबले भारी गिरावट दिखाती है.

बड़ा सवाल है कि खाली खजाने और चीन के कर्ज के जाल में उलझे पाकिस्तान को वजीरे आजम इमरान खान पटरी पर कैसे लाएंगे?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के नागरिकों से अपील की है कि वो मुल्क की अर्थव्यस्था को पटरी पर लाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएं. इमरान खान ने कहा है कि सभी पाकिस्तानी 30 जून तक अपनी वैध संपत्ति,बेनामी संपत्ति, बेनामी बैंक अकाउंट, विदेशों में रखे पैसे को सार्वजनिक कर दें क्योंकि 30 जून के बाद फिर मौका नहीं मिलेगा. लेकिन अब मंगलवार को राष्ट्र के नाम लगातार दूसरे संबोधन में उन्होंने कहा कि वो उन चोरों का पता लगाएंगे जिनकी वजह से पाकिस्तान कर्ज के दलदल में उतरता चला गया. दरअसल, इमरान ने कहा था कि पिछले 10 साल में पाकिस्तान का कर्ज 6 हजार अरब से बढ़कर 30 हजार अरब रुपये तक पहुंच गया है.

चाइना डेली ने शी की किर्गिस्तान यात्रा पर दिया ज़ोर
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चीन की सरकारी मीडिया चाइना डेली ने राष्ट्रपति शी जिपिंग की किर्गिस्तान यात्रा को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग बिश्केक में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं. चाइना डेली लिखता है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन और किर्गिस्तान के संयुक्त प्रयासों का आह्वान किया ताकि बदलती दुनिया से उत्पन्न चुनौतियों का सामना कर सकें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनके संबंध स्थिर रहें और स्वस्थ विकास देखें.

किर्गिस्तान के बिश्केक के इस शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी शी जिनपिंग से मुलाकात होगी. दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की शी जिपिंग से पहली मुलाकात होगी.

अमेरिकी मीडिया में छाया ट्रंप-किम शिखर-वार्ता का 1 साल
अमेरिकी अखबार द वाशिंगटन टाइम्स ने सिंगापुर में एक साल पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग के बीच हुई शिखर वार्ता के एक साल पूरा होने के मौके पर ट्रंप के बयान को प्रमुखता से छापा है. वाशिंगटन टाइम्स लिखता है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने किम जोंग की नए सिरे से तारीफ की और बताया कि उन्हें किम जोंग का शानदार पत्र मिला है और दोनों के बीच तीसरी वार्ता भी संभव है. हालांकि इससे पहले ट्रंप ये कह चुके थे कि उत्तर कोरिया बातचीत के लिए इच्छुक नहीं है. वहीं दोनों के बीच हुई शिखर वार्ता के बाद ये भी आरोप लग रहे थे कि प्योंगयोंग की तरफ परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर ट्रंप की व्यक्तिगत गहन कूटनीति के बावजूद कोई वास्तविक प्रगति नहीं हुई है.

हाल ही में ट्रंप ने उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट पर नाराज़गी जताते हुए कहा था कि किम बातचीत के इच्छुक नहीं हैं. लेकिन अब ट्रंप ने उत्तर कोरिया के मिसाइल टेस्ट को नजरअंदाज करते हुए कहा है कि किम अपनी बात पर कायम रहे.

किम जोंग के सौतेले भाई के सीआईए से रिश्ते बने सुर्खियां
वहीं ब्रिटेन का अखबार द गार्डियन लिखता है कि डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने सीआईए को किम जोंग-उन के रिश्तेदारों को उत्तर कोरियाई तानाशाही के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए मुखबिर के रूप में भर्ती नहीं होने दिया.

दअसल, अमेरिकी मीडिया ये दावा करता है कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन के सौतेले भाई किम जोंग-नैम सीआईए के लिए काम करते थे और उनकी साल 2017 में कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर हत्या कर दी गई थी.

वॉल स्ट्रीट जर्नल लिखता है कि किम जोंग के सौतेले भाई किम जोंग नैम के सीआईए के साथ नजदीकी रिश्ते थे. ब्रिटेन के अखबार द गार्डियन ने भी एक रिपोर्ट के हवाले से इस खबर को प्रकाशित किया है.

हॉन्ग कॉन्ग में लाखों लोगों के विरोध प्रदर्शन पर द गार्डियन की नज़र
हॉन्गकॉन्ग में प्रत्यर्पण कानून में संशोधन के विरोध में लाखों लोग चीन के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं. द गार्डियन ने इस खबर को प्राथमिकता के साथ जगह दी है और इसका Live अपडेट दे रहा है. द गार्डियन लिखता है प्रस्तावित संशोधन पर बहस में देर हो रही है जबकि विरोध कर रहे लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर डटे हुए हैं.

दरअसल प्रत्यर्पण कानून में संशोधन के प्रस्ताव के तहत अगर कोई व्यक्ति अपराध करके हॉन्गकॉन्ग भाग जाता है तो उसे जांच प्रक्रिया में शामिल होने के लिए चीन भेजा जाएगा. इस प्रस्ताव के विरोध में लाखों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध कर रहे हैं.

हर मुल्क की अपनी समस्या या मुद्दे हैं और वो मीडिया के जरिए उन्हें सुर्खियों में शामिल कर जन-मन तक पहुंचाने का काम करता है. हमारी कोशिश है कि विदेशी मीडिया में सुर्खियां बनी खबरों से भी आपको हम अपडेट कर सके.

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