अमेरिका के 40 राज्यों में प्रदर्शन जारी, फ्लॉयड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- सांस नहीं ले पाने से हुई मौत

अमेरिका के 40 राज्यों में प्रदर्शन जारी, फ्लॉयड की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- सांस नहीं ले पाने से हुई मौत
मिनेयापोलिस में पुलिस को भंग करने पर सिटी काउंसिल सहमत

मंगलवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वाशिंगटन डीसी (Washington DC) की सड़कों पर आ गए और व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वाशिंगटन की सुरक्षा व्यवस्था सेना और नेशनल गार्ड्स को सौंप दी है.

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वाशिंगटन. अमेरिका (US) के 40 राज्यों और 150 से ज्यादा शहरों में अश्वेत अमेरिकी जॉर्ज फ्लॉयड (George Floyd Death) की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के खिलाफ प्रदर्शन चल रहे हैं. मंगलवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी वाशिंगटन डीसी (Washington DC)  की सड़कों पर आ गए और व्हाइट हाउस के पास प्रदर्शन करने लगे. स्थिति बिगड़ती देख राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने वाशिंगटन की सुरक्षा व्यवस्था सेना और नेशनल गार्ड्स को सौंप दी है. उधर जॉर्ज फ्लॉयड के परिवार के लिए किए गए पोस्टमार्टम में पाया गया है कि उनकी मौत गले और पीठ पर दबाव के कारण सांस नहीं ले पाने के कारण ही हुई थी. अमेरिका में जारी प्रदर्शन में 4000 से ज्यादा गिरफ्तार हुए हैं जबकि झड़प में 5 लोगों की मौत हो गयी है.

जॉर्ज फ्लॉयड परिवार के वकील ने सोमवार को बताया कि मिनियापोलिस के एक पुलिस अधिकारी ने अपने घुटने फ्लॉयड की गर्दन पर तब तक गड़ाए रखे जब तक उसकी सांसे चलना बंद नहीं हो गईं. वकील बेन क्रंप ने बताया कि शव का परीक्षण करने वाले एक अन्य डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि दबाव के कारण फ्लॉयड के मस्तिष्क तक खून नहीं पहुंच पाया और उसकी पीठ पर अन्य अधिकारियों के घुटने से बनाए गए दबाव ने उसका सांस ले पाना मुश्किल कर दिया था. वकील ने पुलिस अधिकारी डेरेक चॉवीन के खिलाफ थर्ड डिग्री हत्या के आरोपों को बढ़ा कर चॉवीन तथा तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ फर्स्ट डिग्री हत्या के आरोप लगाने की मांग की.

पुलिस की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई खामियां
एक राहगीर द्वारा बनाए गए वीडियो में अधिकारी, डेरेक चॉवीन अश्वेत व्यक्ति फ्लॉयड के गले पर अपने घुटने से दबाव बनाता दिख रहा है जबकि फ्लॉयड लगातार कहता रहा कि वह सांस नहीं ले पा रहा है और अंतत: उसने हिलना-डुलना बंद कर दिया. यह वीडियो सामने आने के बाद से अमेरिका में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. फ्लॉयड परिवार के वकील ने बताया कि उसके परिवार के लिए किए गए पोस्टमार्टम में पाया गया कि गले और पीठ पर दबाव के कारण सांस नहीं ले पाने के चलते उसकी मौत हुई.



अधिकारी के खिलाफ आपराधिक शिकायत में परिवार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विरोधाभास है. क्रंप के पिछले सप्ताह कहा था कि वह परिवार के लिए पोस्टमॉर्टम की व्यवस्था करा रहे हैं. गौरतलब है कि फ्लॉयड का परिवार, पुलिस द्वारा मारे गए अन्य अश्वेत लोगों के परिवारों की तरह, अपनी तरफ से पोस्टमॉर्टम कराना चाहता था क्योंकि उन्हें स्थानीय अधिकारियों पर एक निष्पक्ष शव परीक्षण का भरोसा नहीं था. परिवार की ओर से पोस्टमॉर्टम माइकल बाडेन और अलीशिया विल्सन ने किया था.



कई लोगों के मिलकर मारने की बात सामने आई
जॉर्ज फ्लायड के परिवार के वकील बेन क्रम्प ने कहा है कि जॉर्ज की हत्या कई लोगों ने की। उन्होंने कहा कि शव परीक्षण से पता चला है कि इसमें केवल एक पुलिस अफसर शामिल नहीं था, बल्कि और अधिकारी भी शामिल थे. जॉर्ज के परिवार ने शव की जांच के लिए खुद के मेडिकल एग्जामनर को हायर किया था. जॉर्ज की गर्दन दबाने के साथ ही पीठ को भी दबाया गया था. एक अफसर घुटने से उसकी गर्दन दबाए था, जबकि दूसरों ने उसकी पीठ को दबा रखा होगा. इसके आलावा ऐसी वीडियो भी सामने आयीं हैं जिसमें तीन पुलिसवाले कार में जॉर्ज के साथ मारपीट कर रहे हैं.

पुलिस चीफ ने ट्रंप से कहा- मुंह बंद रखें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सेना तैनात करने की चेतावनी दी है. इससे पहले भी ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को गोली मारने और उन पर भयानक कुत्ते छोड़ने की वॉर्निंग दी थी. हालांकि इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस को घेर लिया और ट्रंप को बंकर में छुपना पड़ा था. अब अमेरिका में ह्यूस्टन के पुलिस चीफ ने ट्रम्प से चुप रहने को कहा है. उन्होंने कहा कि अगर आपके पास इस मुद्दे से निपटने का कोई अच्छा सुझाव नहीं है तो प्लीज अपना मुंह बंद रखें.

ह्यूस्टन पुलिस चीफ ने इस पर एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा कहा, 'आप 2020 में लोगों को खतरे में डाल रहे हैं. यह समय लोगों का दिल जीतने का है, न कि धमकी देने का. पूरे देश में पुलिस अधिकारी और लोग घायल हुए हैं. ऐसे में हमें नेतृत्व की जरूरत है, लेकिन नेतृत्व हमें दुखी कर रहा है. अगर कुछ अच्छा बोलने के लिए नहीं है तो प्लीज कुछ मत बोलें. आप राष्ट्रपति हैं और उसके लिहाज से फैसले लीजिए. यह हॉलीवुड नहीं है. यह वास्तविक जीवन है और खतरे में है.'

 

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First published: June 3, 2020, 8:02 AM IST
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