कोरोना: जर्मनी में लगेगा ज्यादा सख्त लॉकडाउन, एक दिन की छूट में ही बढ़े मामले

कोरोना: जर्मनी में लगेगा ज्यादा सख्त लॉकडाउन, एक दिन की छूट में ही बढ़े मामले
जर्मनी में दोबारा से ज्यादा सख्त लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

जर्मनी (Germany) में कोरोना वायरस (coronavirus) के संक्रमण और मौत के बढ़ते आंकड़ों को देखकर दोबारा ज्यादा सख्त लॉकडाउन (lockdown) लगाया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 10:16 PM IST
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बर्लिन: जर्मनी (Germany) में कोराना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण और मौत के घटते आंकड़ों को देखकर लॉकडाउन (lockdown) में छूट दी गई थी. लेकिन लॉकडाउन में छूट मिलते ही संक्रमण और मौत के आंकड़े जिस तरह से बढ़े हैं, उसमें अब और ज्यादा सख्ती से लॉकडाउन लगाया जा सकता है.

जर्मनी में यूरोप के बाकी देशों की तुलना में लोगों के टेस्ट ज्यादा हुए हैं. पिछले दिनों हालात बेहतर होने पर लॉकडाउन में छूट दी गई थी. लेकिन वायरस रिप्रोडक्शन रेट को देखकर सरकार चिंता में पड़ गई है. जर्मनी में वायरस रिप्रोडक्शन रेट जिसे 'आर कहा' जाता है, वो एक से थोड़ा ही नीचे है.

जर्मनी में बढ़ा वायरस रिप्रोडक्शन रेट
वायरस रिप्रोडक्शन रेट का मतलब है कि एक कोरोना से संक्रमित व्यक्ति कितनों में संक्रमण फैला सकता है. नए आंकड़ों में वायरस रिप्रोडक्शन रेट एक से थोड़ा ही नीचे है. यानी एक संक्रमित मरीज दूसरे एक स्वस्थ को संक्रमित कर सकता है. इसके पहले ये रेट 0.7 का था.
सोमवार को जर्मनी में वायरस संक्रमण के 1,018 मामले सामने आए. मंगलवार को ये आंकड़ा बढ़कर 1,114 का हो गया.



मौत के आंकड़ों में भी तेजी आई है. 25 अप्रैल को कोरोना के संक्रमण की वजह से मौत के 117 मामले दर्ज हुए थे. ये 28 अप्रैल को बढ़कर 188 हो गए.

ये हाल तब है, जब देश में महामारी के दूसरे फेज को लेकर तैयारी चल रही है.

वायरस रिप्रोडक्शन रेट बढ़ने से खराब होंगे हालात
जर्मनी की चांसलन एंजेला मर्केल ने कहा है कि अगर वायरस रिप्रोडक्शन रेट एक से ऊपर चला जाता है तो देश के हेल्थ सिस्टम के सामने भयावह चुनौती खड़ी हो जाएगी.

एंजेला मर्केल ने कहा है कि अगर हम उस बिंदु पर पहुंचते हैं कि जब एक मरीज 1.1 व्यक्ति को वायरस का संक्रमण फैला सकता है तो अक्टूबर तक हमारे पास इतने मरीज होंगे कि सारे हॉस्पिटल के आईसीयू बेड भर चुके होंगे. अगर यही रेट 1.2 का रहता है तो जुलाई में ही ये हालत पैदा हो जाएगी और हमारा हेल्थ सिस्टम की क्षमता चूक जाएगी.

उन्होंने कहा है कि जर्मनी के लोग महामारी के खतरे को समझें. वो इस बात को जान लें कि अभी महामारी की सिर्फ शुरुआत है. हमने इसकी चुनौती से पार पाना है.

मर्केल को इस बात की चिंता है कि इस हफ्ते कुछ दुकानों को खोलने की छूट देने के बाद लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना बंद कर दिया है. मर्केल ने कहा है कि लोगों को समझना चाहिए कि हम बिल्कुल पतली रस्सी पर चल रहे हैं. एक बेहद पतली रस्सी. हमलोग महामारी के फाइनल स्टेज में नहीं पहुंचे हैं. ये अभी शुरुआती दौर मे ही है.

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