जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के हाथ चौथी बार देश की कमान

जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के हाथ चौथी बार देश की कमान
Germany जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के हाथ चौथी बार देश की कमान (Getty Images)

जर्मनी में आम चुनाव के तहत रविवार को मतदान हुआ, जिसमें चांसलर एंजेला मर्केल को चौथी बार देश की कमान मिली है.

  • भाषा
  • Last Updated: September 24, 2017, 11:56 PM IST
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जर्मनी में आम चुनाव के तहत रविवार को मतदान हुआ. एग्जिट पोल के मुताबिक चांसलर एंजेला मर्केल को चौथी बार देश की कमान मिली है. वहीं धुर दक्षिणपंथी राष्ट्रवादी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पार्टी ने राष्ट्रीय संसद में अपनी पहली सीट जीत कर इतिहास रच दिया है.

इससे पहले मर्केल ने मध्य बर्लिन में अपना वोट डाला. उस वक्त हल्की बारिश भी हो रही थी और उनके पति उन्हें बारिश से भींगने से बचाने के लिए छाता थामे हुए थे. चुनाव सर्वेक्षणों के मुताबिक मर्केल की कंजरवेटिव सीडीयू /सीएसयू गठजोड़ को अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी मार्टिन स्कल्ज नीत मध्य वाम सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी) पर दोहरे अंकों में बढ़त हासिल की है.

जर्मनी की संघीय संसद के निचले सदन 'बुंदेसटैग' में प्रवेश के लिए चार पार्टियों के पांच फीसदी की सीमा पार करने का अनुमान है. ऐसे में अगली सरकार के गठन में महीनों लग सकते हैं. हालांकि मुख्य धारा की पार्टियों ने इस्लाम विरोधी, आव्रजन विरोधी 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एएफडी) से बात करने से इनकार किया है जिसे 11 से 13 फीसदी वोट पड़ा है और ये जर्मनी की तीसरी सबसे मज़बूत पार्टी के रूप में उभरी है.



गौरतलब है कि द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद से पहली बार 'बूनदशताग' में असली नाज़ियों के प्रवेश से सतर्क नेताओं ने चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में मतदाताओं से अनुरोध किया कि वो दक्षिणपंथी एएफडी को खारिज़ कर दें. यूरोपीय संसद के पूर्व प्रमुख स्कल्ज ने शुक्रवार को एक रेली में कहा, 'जर्मनी के लिए ये विकल्प कोई विकल्प नहीं है. वो हमारे राष्ट्र के लिए शर्म का विषय हैं.' ताज़ा सर्वेक्षणों में मर्केल के कंजरवेटिव ब्लॉक को 34-36 फीसदी जबकि एसपीडी को 21-22 फीसदी समर्थन मिलने की बात कही गई थी.
एएफडी प्रदर्शनकारियों की ओर से 63 वर्षीय मर्केल के चुनाव प्रचार में बार-बार खलल डालने की घटना देखी गई. मर्केल ने म्यूनिख में प्रचार के आखिरी समय में कहा था कि जर्मनी का भविष्य शोर शराबे से निश्चिचत तौर पर नहीं बनेगा.
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