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हांगकांग में नकाब पहनने पर बैन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, रेल सेवाएं बंद

भाषा
Updated: October 5, 2019, 9:45 AM IST
हांगकांग में नकाब पहनने पर बैन के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, रेल सेवाएं बंद
आपात कालीन शक्ति के तहत प्रदर्शनों के दौरान नकाब पहनने पर रोक लगा दी

प्रदर्शनकारियों (Protesters) ने शनिवार से नकाब पर लग रहे प्रतिबंध के खिलाफ कारोबारी जिले और अन्य इलाकों पर प्रदर्शन किया. साथ ही ‘ हांगकांग के लोग प्रतिकार करेंगे’ के नारे लगाए

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हांगकांग. हांगकांग (Hong Kong) में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शकारियों के नकाब (Mask) पहनने पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर हिंसा भड़कने के बाद शनिवार को आम लोगों की आवाजाही से जुड़ी रेल सेवाएं सस्पेंड कर दी गईं. हांगकांग की नेता कैरी लैम ने चार महीने से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को प्रदर्शनों के दौरान नकाब पहनने पर रोक लगा दी थी, जिसके जवाब में हजारों प्रदर्शनकारियों ने नकाब पहनकर विरोध जताया.

लैम ने कहा कि औपनिवेशिक काल में बने आपातकालीन नियामक अध्यादेश के तहत उन्होंने आदेश दिए हैं, जिसके तहत वह विधायिका को नजरअंदाज कर सकती हैं और आपातकाल या सार्वजनिक जोखिम के समय में कोई भी कानून बना सकती हैं. उन्होंने शुक्रवार को कहा, 'हमें उम्मीद है कि नया कानून हिंसक प्रदर्शनकारियों और उपद्रवियों को हतोत्साहित करेगा और पुलिस की मदद करेगा.'

लैम के इस आदेश को लेकर हांगकांग में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए. ज्यादातर कामकाजी लोगों की भीड़ ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया और कुछ प्रदर्शनकारियों ने चीन समर्थक बैनर भी फाड़े. प्रदर्शनकारियों ने शनिवार से नकाब पर लग रहे प्रतिबंध के खिलाफ कारोबारी जिले और अन्य इलाकों पर प्रदर्शन किया. साथ ही 'हांगकांग के लोग प्रतिकार करेंगे’ के नारे लगाए.

औपनिवेशिक काल में बने आपातकालीन अध्यादेश के तहत नकाब पर रोक लगाई जाती है.


इस दौरान पुलिस ने सड़कों पर उतरने, सब-वे में तोड़फोड़ करने और सड़क पर आग लगाने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कई स्थानों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

प्रदर्शनों के चलते शनिवार को एयरपोर्ट लाइन ट्रेन सेवाओं समेत रेल सेवाएं निलंबित रहीं. रेल संचालकों ने कहा कि सेवाएं फिर से शुरू करने से पहले स्टेशनों को हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा.

आपातकालीन कानून का आखिरी बार इस्तेमाल 50 साल पहले हुआ था
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बता दें कि इस तरह के कानून का आखिरी बार इस्तेमाल करीब 50 साल पहले हुए हिंसक प्रदर्शनकारियों और दंगाइयों को नियंत्रित करने के लिए किया गया था. उन्होंने बताया कि ये प्रतिबंध अनधिकृत और पुलिस की मंजूरी के बाद आयोजित सभाओं पर लागू होंगे. लैम ने जोर देकर कहा कि इसका अभिप्राय यह नहीं है कि चीन के अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र हांगकांग में आपात स्थिति है.

प्रतिबंध का उल्लंघन कर नकाब पहनने पर छह महीने की सजा हो सकती है. पुलिस के कहने के बावजूद नकाब नहीं हटाने पर छह महीने की सजा का प्रावधान है. लैम ने कहा, ‘हमें हांगकांग को बचाना होगा, हांगकांग के वर्तमान और भविष्य को बचाना होगा. हमें हिंसा रोकनी होगी. हम स्थिति को बद से बदतर होने के लिए नहीं छोड़ सकते.'

हांगकांग में हिंसक विरोध प्रदर्शन


नकाब प्रतिबंध को अदालत में चुनौती
लैम की ओर से प्रतिबंध की घोषणा के तुरंत बाद दो कार्यकर्ताओं ने अदालत में इसको चुनौती दी. उन्होंने तर्क दिया कि नकाब पर प्रतिबंध से अभिव्यक्ति की आजादी और संगठित होने के अधिकार को क्षति पहुंचेगी और भय का माहौल पैदा होगा.

लैम की घोषणा से पहले प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों की संख्या शाम को और बढ़ गई. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्हें भयभीत नहीं किया जा सकता है. कुछ प्रदर्शनकारियों को सड़क को बाधित करने के लिए धातु के बैरियर लगाते हुए और सबवे स्टेशन में तोड़फोड़ और आगजनी करते हुए देखा गया. प्रदर्शनकारियों ने चीन के झंडे को भी जलाया. इसके कारण कई मॉल और सबवे स्टेशन बंद रहे.

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First published: October 5, 2019, 8:55 AM IST
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