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  • GURDEEP SINGH MAKES HISTORY AS FIRST SIKH FROM KPK TO GET ELECTED TO PAKISTAN SENATE KNOWAT

पाकिस्तान के सीनेट चुनाव में खैबर पख्तुनख्वाह से पहले पगड़ीधारी सिख प्रतिनिधि बने गुरदीप

पाकिस्तानी संसद की तस्वीर. (फाइल फोटो-Reuters )

पाक सीनेट चुनाव में खैबर पख्तुनख्वाह से पहले पगड़ीधारी सिख प्रतिनिधि बने गुरदीप सिंह (Gurdeep Singh) ने संसद के उच्च सदन के लिए हुए चुनाव में अल्पसंख्यक सीट पर बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को पराजित किया. सिंह को सदन में 145 में से 103 मत प्राप्त हुए जबकि जमीयत उलेमा-ए इस्लाम (फजलुर) के उम्मीदवार रणजीत सिंह ने सिर्फ 25 वोट हासिल किए

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    पेशावर. पाकिस्तान के सीनेट चुनावों में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से बुधवार को सत्तारूढ़ पाकिस्तान-तहरीके-इंसाफ (Pakistan Tehreek-e-Insaf ) पार्टी के गुरदीप सिंह (Gurdeep Singh)  ने जीत दर्ज की. वह इस प्रांत से पहले पगड़ीधारी सिख प्रतिनिधि बन गये हैं. सिंह ने संसद के उच्च सदन के लिए हुए चुनाव में अल्पसंख्यक सीट पर बड़े अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार को पराजित किया.

    सिंह को सदन में 145 में से 103 मत प्राप्त हुए जबकि जमीयत उलेमा-ए इस्लाम (फजलुर) के उम्मीदवार रणजीत सिंह ने सिर्फ 25 वोट हासिल किए और अवामी नेशनल पार्टी के आसिफ भट्टी ने 12 प्राप्त किये. चुनाव आयोग के अधिकारियों ने बताया कि अल्पसंख्यक उम्मीदवारों के पांच मतों को पीठासीन अधिकारी ने अस्वीकार कर दिया.

    हासिल हुआ दावे से एक ज्यादा वोट, विपक्षी सदस्य ने भी दिया वोट
    खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने दावा किया था कि सिंह को 102 वोट मिलेंगे, जबकि उन्होंने एक अधिक वोट हासिल किया जिससे इस तरह के संकेत है कि एक विपक्षी सदस्य ने भी उनके पक्ष में मतदान किया. स्वात जिले के रहने वाले सिंह सीनेट में प्रांत के पहले पगड़ीधारी सिख प्रतिनिधि हैं.

    खैबर पख्तुनख्वाह में हिंदु समुदाय के नेता सर्वदयाल ने गुरदीप सिंह की जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि ये देश में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए अच्छे संकेत हैं. प्रधानमंत्री इमरान खान के नेतृत्व वाली तहरीके इंसाफ पार्टी के पास खैबर पख्तुनख्वाह विधानसभा में 94 सीटें हैं. पाकिस्तान में सीनेट यानी उच्च सदन का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है. इमरान खान के देश में प्रधानमंत्री बनने से पहले भी खैबर पख्तुनख्वाह को तहरीके इंसाफ का गढ़ माना जाता रहा है.