टेरर फंडिंग पर पाकिस्तान की अब खुली आंख, आतंकी हाफिज सईद को लाहौर से किया गिरफ्तार

हाफिज सईद को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है. सीटीडी ने उसे लाहौर से गुजरांवाला जाते वक्त गिरफ्तार किया. उसने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 3:59 PM IST
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पुलवामा, उरी और मुंबई हमले समेत भारत में कई हमलों के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज सईद पर बड़ी खबर सामने आ रही है. पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को लाहौर से गिरफ्तार किया गया है. 2009 में हुए टेरर फंडिंग के एक मामले में पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) ने उसे लाहौर से गिरफ्तार किया. हाफिज को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

ग्लोबल आतंकी हाफिज सईद की गिरफ्तारी के जरिए यूं बेवकूफ बनाता है पाकिस्तान

सीटीडी ने हाफिज़ सईद समेत जमात-उद-दावा के 13 नेताओं के खिलाफ 23 मामले दर्ज किए थे. सूत्रों से खबर मिली थी कि मामले दर्ज होने के बाद इनकी गिरफ्तारी तेज हो गई थी. हाफिज को लाहौर से गुजरांवाला जाते वक्त सीटीडी ने गिरफ्तार किया. उसने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट जाने की बात कही है.

ये गिरफ्तारी इसलिए भी खास है क्योंकि ये पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने से ठीक पहले की गई है. ये दोनों नेता 22 जुलाई को मिलने वाले हैं.


दो दिन पहले एक केस में मिल चुकी है जमानत
इससे दो दिन पहले हाफिज सईद को मदरसे की जमीन से जुड़े मामले में जमानत मिल चुकी है. सोमवार को लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) ने हाफिज सईद और तीन अन्य को जमानत दे दी थी. डॉन न्यूज के मुताबिक, सईद के अलावा हाफिज मसूद, आमेर हमजा और मलिक जफर को 31 अगस्त तक 50,000 पाकिस्तानी रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी गई. यह फैसला मदरसे की भूमि को अवैध कार्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने के एक मामले में लिया गया था.

हाफिज सईद पर अमेरिका ने 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा है.

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अमेरिका ने रखा है 10 मिलियन डॉलर का इनाम
बता दें कि हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा को लश्कर-ए-तैयबा का मुख्य चेहरा माना जाता है. 2008 के मुंबई हमले का मास्टरमाइंड भी सईद ही है. सईद को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है. उस पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम भी रखा गया है.

जमात-उद-दावा के मस्जिद भी हो चुके हैं सीज़
इसी साल मार्च में हाफिज सईद के प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के रावलपिंडी स्थित अस्पताल और मदरसे को सीज कर दिया गया था. साथ ही पाक सरकार ने आतंकी निरोध एक्ट-1997 के तहत हाफिज के संगठनों जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत पर भी प्रतिबंध लगा दिया था.

ग्लोबल आतंकी है हाफिज सईद


फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, हाफिज सईद को गिरफ्तारी से पहले दे दी जमानत

कहीं ये पाकिस्तान का नया ड्रामा तो नहीं?
हालांकि, पाकिस्तान की इस कार्रवाई पर बहुत भरोसा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि हाफिज पर पहले  ऐक्शन का ड्रामा किया चुका है, लेकिन उसके खिलाफ प्रभावी कदम कभी नहीं उठाया गया.

FATF के एक्शन से बचने के लिए चली चाल?
ये भी संभव है कि पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) से ब्लैक लिस्ट होने के डर से ये ड्रामा किया हो. क्योंकि, आर्थिक तंगी झेल रहा पाकिस्तान किसी तरह की पाबंदी झेल पाने की मौजूदा स्थिति में नहीं है. इसलिए वह नहीं चाहते हुए भी खुद के पाले-पोषे आतंकियों पर कार्रवाई का दिखावा करने पर मजबूर है. पाकिस्तान हाफिज सईद को लेकर इसके पहले भी ऐसा कर चुका है.
First published: July 17, 2019, 12:38 PM IST
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