FATF से फटकार के बाद एक्शन में पाक, टेरर फंडिंग मामले में हाफिज़ सईद के खिलाफ केस दर्ज

ये मामले हाफिज़ सईद और उसके संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं. ये मामले लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में एनजीओ के नाम पर टेरर फंडिग के लिए दर्ज किए गए हैं.

News18Hindi
Updated: July 3, 2019, 10:30 PM IST
FATF से फटकार के बाद एक्शन में पाक, टेरर फंडिंग मामले में हाफिज़ सईद के खिलाफ केस दर्ज
ये मामले हाफिज़ सईद और उसके संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं. ये मामले लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में एनजीओ के नाम पर टेरर फंडिग के लिए दर्ज किए गए हैं.
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Updated: July 3, 2019, 10:30 PM IST
पाकिस्तानी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के आतंकवाद-रोधी विभाग ने बुधवार को 26/11 हमले के मास्टरमाइंड और जमात-उद-दावा के प्रमुख हाफिज सईद और अन्य के खिलाफ टेरर फंडिंग के मामले दर्ज किए. ये मामले हाफिज़ सईद और उसके संगठन के अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं. ये मामले लाहौर, गुजरांवाला और मुल्तान में एनजीओ के नाम पर टेरर फंडिग के लिए दर्ज किए गए हैं. ये मामले अल-अनफाल ट्रस्ट, दावत उल इरशाद ट्रस्ट आदि पर दर्ज किए गए हैं. ये एनजीओ के नाम पर टेरर फंडिंग के लिए फंड इकट्ठा करते थे.

पाक को भरोसा अब IMF दे देगा लोन
ऐसा कहा जा रहा है कि IMF का  एक्ज़िक्यूटिव बोर्ड पाकिस्तान को ऋण देने के बारे में एक रीव्यू मीटिंग करने जा रहा है. खबर है कि ये बैठक आज ही होने जा रही है. इस मामले में पाकिस्तान की ओर से दावा किया जा रहा है कि उसने IMF के अधिकारियों के साथ समझौते के दौरान किए गए सभी दायित्वों को पूरा किया है. पाकिस्तान इस बात का भरोसा है कि IMF उसके 3 साल के ऋण को मंजूरी दे देगा.

FATF की फटकार के बाद उठाया कदम

पाकिस्तान की ये कार्रवाई उस चेतावनी के बाद आई है जब फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल रखने का फैसला हुआ है. साथ ही, कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ने सितंबर तक ठोक कदम नहीं उठाए तो उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है. ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान को 10 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है.



भारत ने पाक को दी थी ये सलाह
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इस चेतावनी के बाद भारत ने भी पाकिस्तान को सलाह दी थी कि  वह पाकिस्तान से आशा करता है कि वह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) कार्य योजना को सितंबर तक प्रभावी तरीके से लागू करेगा और उसकी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद तथा आतंकी फंडिंग संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य और विश्वसनीय कदम उठाएगा.

क्या है FATF
यह दुनिया भर में आतंकी संगठनों को दी जाने वाली वित्तीय मदद पर नजर रखने वाली इंटरनेशनल एजेंसी है. यह एशिया-पैसिफिक ग्रुप मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग, जनसंहार करने वाले हथियारों की खरीद के लिए होने वाली वित्तीय लेन-देन को रोकने वाली संस्था है. इस संस्था की रिपोर्ट के आधार पर FATF कार्रवाई करती है.

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First published: July 3, 2019, 10:00 PM IST
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