हागिया सोफिया: तुर्की ने कहा- एक हिस्से में होगी नमाज़ और टूरिस्ट की एंट्री फ्री, पोप ने जताया दुख

हागिया सोफिया: तुर्की ने कहा- एक हिस्से में होगी नमाज़ और टूरिस्ट की एंट्री फ्री, पोप ने जताया दुख
तुर्की का हागिया सोफिया एक समय पर दुनिया के सबसे बड़े चर्चों में से रहा

हागिया सोफिया (Hagia Sophia) इस्तानबुल में स्थित है और ये पहले चर्च (Church) था बाद में मस्जिद (Mosque) में तब्दील हुई इसके बाद उसे म्यूजियम बना दिया गया था. हाल ही में तुर्की की अदालत ने इसकें नमाज़ पढ़ने की इजाजत दे दी है.

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वेटिकन सिटी/इस्तानबुल. पोप फ्रांसिस (Pope Francis) ने रविवार को कहा कि वह हागिया सोफिया (Hagia Sophia) म्यूजियम की स्थिति में बदलाव के तुर्की (Turkey) के फैसले से दुखी हैं. हागिया सोफिया इस्तानबुल में स्थित है और ये पहले चर्च (Church) था बाद में मस्जिद (Mosque)  में तब्दील हुई इसके बाद उसे म्यूजियम बना दिया गया था. हाल ही में तुर्की की अदालत ने इसकें नमाज़ पढ़ने की इजाजत दे दी है. हालांकि तुर्की ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि हागिया सोफिया के एक हिस्से को मस्जिद की तरह इस्तेमाल किया जाएगा. न ही म्यूजियम के साथ कोई छेड़छाड़ होगी और न ही टूरिस्ट की एंट्री बंद की जाएगी.

पोप ने संक्षिप्त टिप्पणी में कहा, 'मैं सैंट सोफिया (हागिया सोफिया) के बारे में सोच रहा हा हूं और बहुत दुखी हूं.' पोप ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर स्मारकीय भवन को दोबारा से मस्जिद में तब्दील करने के तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के कदम को लेकर था. साल 1453 में ऑटोमन साम्राज्य ने इस शहर को फतह कर लिया था, जिसके बाद सैंट सोफिया को मस्जिद में तब्दील कर दिया गया था. तुर्की की धर्मनिरपेक्ष सरकार ने 1934 में इसे संग्रहालय बनाने का फैसला किया था. तुर्की हाईकोर्ट ने 1934 की सरकार के फैसले को पलट दिया था जिसके बाद एर्दोआन ने इसे नमाज़ के लिए खोलने की घोषणा कर दी है.






गुस्से में हैं पश्चिमी देश!
विश्व गिरजाघर परिषद के प्रमुख ने तुर्की के राष्ट्रपति को पत्र लिखकर इस्तांबुल के ऐतिहासिक स्थल 'हागिया सोफिया' का दर्जा संग्रहालय से बदलकर मस्जिद करने के फैसले पर 'दुख एवं निराशा' जताई है. जिनेवा स्थित संगठन द्वारा शनिवार को जारी पत्र में अंतरिम महासचिव इओन सॉसा ने कहा कि विश्व धरोहर संग्रहालय के तौर पर, 'हागिया सोफिया खुलेपन और सभी राष्ट्रों के लोगों के लिए प्रेरणा का एक स्थान रहा है.' उधर रशियन ऑर्थोडॉक्स चर्च के प्रवक्ता व्लादिमीर लेगोइडा ने कहा कि म्यूजियम को मस्जिद में बदलने से पहले करोड़ों क्रिश्चियन्स को नहीं सुना गया. ग्रीस के विदेश मंत्रालय ने भी कहा था कि म्यूजियम यूनेस्को ने वर्ल्ड हैरिटेज के तहत रखा है. अब इसे दूसरे उद्देश्यों के लिए प्रमोट किया जा रहा है. माना जा रहा है कि तुर्की के प्रेसिडेंट के इस फैसले से देश कई सदी पीछे चला जाएगा, जब कोई भी हमला करके किसी इमारत या जगह को हथिया लिया करता था.

तुर्की ने दी है सफाई: 
हागिया सोफिया में बनी 'वर्जिन मैरी' आइकॉनोग्राफी और अन्य ईसाई पेंटिंग्स और स्थापत्य कला के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी. जो जैसा है वैसे ही रहेगा और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की ही रहेगी. कोर्ट के फैसले में भी इन तस्वीरों और मोजेक को तुर्की के इतिहास का हिस्सा बताया गया है.
हागिया सोफिया के सिर्फ एक हिस्से को नमाज़ के लिए दिया जाएगा जहां टूरिस्ट की एंट्री नहीं होगी. बाकी सभी जगह टूरिस्ट की एंट्री पहले की ही तरह बनी रहेगी.
इबादत की जगह बनाए जाने के चलते अब हागिया सोफिया में प्रवेश के लिए टिकट नहीं लेना होगा, सभी टूरिस्ट की एंट्री फ्री रहेगी.
हागिया सोफिया में पैदा हुई बिल्ली ग्ली वहीं रहेगी. यह बिल्ली साल 2004 में हागिया सोफिया के परिसर में ही पैदा हुई थी. फैसले के मुताबिक बिल्ली को अतिथि मानकर उसका ख्याल रखा जाता रहेगा.
म्यूजियम में भी बदलाव नहीं होगा और पहले की ही तरह ये और यूनेस्को द्वारा दिया गया इंटरनेशनल धरोहर का दर्जा भी बरकरार रहेगा. हालांकि इस मामले पर पूरी तरह स्पष्टता नहीं है कि म्यूजियम पहले की ही तरह चालू रहेगा क्योंकि इससे संबंधित वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद कर दिए गए हैं. 
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