जापान में हगिबिस चक्रवातीय तूफान ने मचाई भारी तबाही, मौत का आंकड़ा पहुंचा 70 पार

मौसम विभाग के मुताबिक सूरत सहित 12 जिलों में भारी बारिश होगी और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेंगी.
मौसम विभाग के मुताबिक सूरत सहित 12 जिलों में भारी बारिश होगी और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेंगी.

जापान (Japan) में हगिबिस चक्रवातीय तूफान (Hagibis cyclonic storm ) के चलते भारी तबाही हुई है. तूफान आने के तीन दिन बाद भी रिश्यू ऑपरेशन पूरी तेजी से चल रहे हैं. अबतक इस तूफान से 72 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 15 लोग अभी भी लापता हैं.

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तोक्यो. जापान (Japan) में हगिबिस चक्रवातीय तूफान (Hagibis cyclonic storm ) के चलते भारी तबाही सामने आई है. राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता एनएचके (NHK) ने सोमवार को जानकारी दी कि तूफान से मरने वालों की संख्या अब बढ़कर लगभग 70 हो गई है. तूफान के तीन दिन बाद भी रेश्यू मिशन लगातार चल रहा है. एनएचके ने बताया कि इस घातक तूफान के बाद से 15 लोग अब भी गायब हैं.

जापान की राजधानी तोक्यो समेत देश के अन्य हिस्सों में शनिवार रात आए इस प्रचंड तूफान हगिबिस ने प्रभावित इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है. सोमवार से ही हजारों की संख्या में राहतकर्मी बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं. हालांकि फिर बारिश होने से बचाव अभियान के बाधित होने का खतरा है.

प्रचंड तूफान हगिबिस ने प्रभावित इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है




हगीबिस तूफान ने शनिवार रात को जापान में दस्तक दी
बता दें कि हगीबिस तूफान ने शनिवार रात को देश में दस्तक दी. जिसकी वजह से मूसलाधार बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं. देश के 47 प्रांतों में से 36 इस तूफान की चपेट में आ गए. जिसकी वजह से भूस्खलन और विनाशकारी बाढ़ आई. प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने सोमवार को एक आपात आपदा बैठक में बताया, ‘अब भी, आपदा प्रभावित इलाकों में बहुत से लोगों की जानकारी नहीं है.’

आबे ने कहा, ‘आपदा प्रबंधन इकाइयां दिन रात काम कर उनकी तलाश कर बचाने के लिये अपनी तरफ से हर संभव कोशिश कर रही हैं.’ सैनिकों समेत राहतकर्मी जहां मलबों में फंसी जिंदगियों की तलाश में जुटे हैं, वहीं मौसम एजेंसी के इस पूर्वानुमान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है कि मध्य और पूर्वी जापान में बारिश हो सकती है और चेतावनी दी कि इससे नए सिरे से बाढ़ आ सकती है व भू-स्खलन भी हो सकता है.

जापान में भारी बारिश की चेतावनी के साथ-साथ नए सिरे से बाढ़ आने की संभावना है.


भूस्खलन व बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर
मुख्य कैबिनेट सचिव योशीहाइड सुगा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं लोगों से कहना चाहूंगा कि वे लगातार सतर्क रहें और भूस्खलन व बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए रखें.’ सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में से एक नागानो में बारिश पहले ही शुरू हो गई है और इसके तेज होने की आशंका है. स्थानीय अधिकारी हिरोकी यामागुची ने एएफपी को बताया, ‘हम राहत और बचाव अभियान पर इस ताजा बारिश के प्रभाव को लेकर चिंतित हैं.’

उन्होंने कहा, ‘मौजूदा बारिश के मद्देनजर आपदा के फिर दस्तक देने की आशंका पर नजर रखते हुए हम अपना अभियान जारी रखेंगे.’ सोमवार दोपहर बाद राष्ट्रीय प्रसारक एनएचके ने कहा कि इस तूफान के कारण आई आपदा में मृतकों की संख्या 43 थी, जो अब 72 हो गई है. जबकि 16 अन्य लापता हैं. आपदा में 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सरकार ने कम आंकड़े दिये हैं लेकिन वह सूचना लगातार अद्यतन कर रही है.

मालवाहक जहाज डूबने से चालक दल के सात सदस्यों की मौत
तटरक्षक बल के एक प्रवक्ता ने कहा कि मृतकों में एक निगमकर्मी भी शामिल है जिसकी कार बाढ़ के पानी में डूब गई थी. तोक्यो की खाड़ी के निकट शनिवार रात को एक मालवाहक जहाज डूबने से उसमें सवार चालक दल के सात सदस्यों के मरने की भी खबर है. चीन, म्यामांर और वियतनाम के चार सदस्यों को बचा लिया गया जबकि तटरक्षक बल चालक दल के एक अन्य सदस्य की तलाश कर रहे हैं.

राहत और बचाव अभियान तेजी से चल रहा है.


तूफान के कारण 216 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान भारी बारिश की वजह से हुआ. स्थानीय मीडिया ने कहा कि पूर्वी और उत्तरी जापान में कुल 142 नदियों में बाढ़ आई और दर्जनों जगहों पर तटबंध टूट गए. मध्य नगानो कस्बे में गहरा नुकसान हुआ है, जहां चिकुमा नदी के तटबंध पूरी तरह टूट चुके हैं. बाढ़ का पानी सोमवार को धीरे-धीरे घटने के बाद टीवी पर दिखाई गई तस्वीरों में एंबुलेंस से कुछ मरीज को नागोना अस्पताल में स्थानांतरित किया गया.

कई जगह हेलीकॉप्टर की मदद से राहतकर्मी लोगों को छतों और बालकनियों से सुरक्षित निकालते नजर आए. सोमवार दोपहर तक करीब 75,900 घरों में बिजली की आपूर्ति नहीं थी जबकि एक लाख 20 हजार घरों में पानी की आपूर्ति बहाल नहीं थी. अधिकतर सब-वे ट्रेनों की सेवाएं सोमवार को कई बुलेट ट्रेन लाइनों के साथ शुरू की गईं. विमान सेवाएं भी फिर से शुरू हो गई हैं. तूफान की वजह से रग्बी वर्ल्ड कप के कई मैच रद्द कर दिए गए. कई मैचों के समय को आगे बढ़ा दिया गया.

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