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भेदभाव के शिकार हुए दो मुस्लिम कर्मचारी, अमेरिकी कम्पनी करेगी 275000 डॉलर का भुगतान

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Updated: October 9, 2019, 5:07 PM IST
भेदभाव के शिकार हुए दो मुस्लिम कर्मचारी, अमेरिकी कम्पनी करेगी 275000 डॉलर का भुगतान
मुस्लिम कर्मचारियों को 2,75,000 डॉलर देगी हैलीबर्टन

ह्यूस्टन (Houston) स्थित कंपनी ने भारतीय और सीरियाई मूल के अपने दो मुस्लिम कर्मचारियों को 275000 डॉलर का भुगतान करने पर सहमति व्यक्त की है.

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  • Last Updated: October 9, 2019, 5:07 PM IST
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न्यूयॉर्क. अमेरिका (America) की ह्यूस्टन (Houston) स्थित अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी हैलीबर्टन (Halliburton Company) कार्यस्थल पर धार्मिक मान्यताओं के आधार पर भेदभाव के शिकार भारतीय तथा सीरियाई मूल के अपने दो मुस्लिम कर्मचारियों को 2,75,000 डॉलर का भुगतान करेगी. अमेरिका के रोजगार के समान अवसर संबंधी आयोग (EEOC) ने इन दो कर्मचारियों के साथ धार्मिक भेदभाव को लेकर कंपनी पर मुकदमा दायर किया था. मुकदमे के अनुसार, भारतीय मूल के मीर अली और सीरियाई मूल के हसन स्नोबार के साथ कंपनी में गलत बर्ताव हुआ.

EEOC ने प्री-लिटिगेशन सेटलमेंट तक पहुंचने के पहले प्रयास के बाद टेक्सास के डलास डिवीजन के यूएस डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में मुकदमा दायर किया. आयोग ने कहा कि जब स्नोबार ने इससे परेशान होकर प्रबंधन तथा मानव संसाधन विभाग के समक्ष शिकायत दर्ज की तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया.

मुकदमे में कहा गया कि स्नोबार ने ऑइल फिल्ड में असिसटेंड ऑपेरेटर के लिए अगस्त 2012 में कम्पनी के साथ काम करना शुरू किया था. उसे सहकर्मी अपमानजनक नाम से बुलाते थे और आतंकवादी संगठन आईएसआईएस (ISIS) से जोड़ते थे. अली को भी कुछ इसी तरह के माहौल से गुजरना पड़ा था. ह्यूस्टन स्थित इस कम्पनी में 55 हजार कर्मचारी काम करते हैं.EEOC

अब कंपनी, प्रबंधकीय और मानव संसाधन कर्मचारियों को राष्ट्रीय मूल और धार्मिक भेदभाव पर प्रशिक्षण प्रदान करने, कर्मचारी अधिकारों की सूचना पोस्ट करने और ईईओसी को राष्ट्रीय मूल और धार्मिक भेदभाव की शिकायतों की रिपोर्ट देने पर सहमत हुई है. साथ ही कंपनी इसके हर्जाने के तौर पर दोनों को 2,75,000 डॉलर देने पर सहमत हुई. (भाषा इनपुट के साथ)

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First published: October 9, 2019, 5:07 PM IST
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