डेनमार्क में खुला हैप्पीनेस म्यूजियम, यहां दिखाया जाता है खुशियों का इतिहास

डेनमार्क में खुला हैप्पीनेस म्यूजियम, यहां दिखाया जाता है खुशियों का इतिहास
डेनमार्क में हैप्पीनेस म्यूजियम खुला है, जहां किसी भी उम्र के लोग जाकर खुशियां पा सकते हैं.

कोरोना काल में इस म्यूजियम (Happiness Museum) को कोपेनहेगन में बनाया गया है, जो दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिना जाता है. हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने इस म्यूजियम को बनाया है और इसे बनाने का विचार देने वाले माइक वाइकिंग हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के सीईओ भी हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 1:40 PM IST
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कोपेनहेगेन. दुनिया का एक ऐसा म्यूजियम जहां खुशियों Happiness Museum) का इतिहास दिखाया जाता है, जहां खुशियां पाने का नुस्खा सिखाया जाता है और जहां खुश रहने का राज बताया जाता है.कोरोना काल में इस म्यूजियम को कोपेनहेगन में बनाया गया है, जो दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिना जाता है. हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट ने इस म्यूजियम को बनाया है और इसे बनाने का विचार देने वाले माइक वाइकिंग हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट के सीईओ भी हैं. माइक ने खुशियों पर तीन किताब लिखी हैं. इनके नाम हैं दि लिटिल बुक ऑफ लेगे (The Little Book of Lykke), दि लिटिल बुक ऑफ ह्यूगे (The Little Book of Hygge) और दि आर्ट ऑफ मेकिंग मेमोरीज। (The Art of Making Memories) हैं.

म्यूजियम का आकार और लक्ष्य

अभी तक भूटान को ऐसा देश माना जाता था जहाँ दुनिया में सबसे ज्यादा खुशियां मिलती हैं और खुशियों की दृष्टि से यहां सबसे ज्यादा खुश लोग रहते हैं. भूटान सकल राष्ट्रीय खुशी की रैंक में सबसे पहला देश है लेकिन कोरोना काल में डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में खोला गया यह म्यूजियम खुशियों को संग्रह करके रखेगा. ये म्यूजियम 2,585 वर्ग फीट (240 वर्गमीटर) में फैला है और इसे 18वीं शताब्दी में बनी एक ऐतिहासिक इमारत के बेसमेंट में बनाया गया है.



यहां सभी उम्र और बैकग्राउंड के लोग खुश पाने आ सकते हैं
म्यूजियम की वेबसाइट पर लिखा है कि ये म्यूजियम एक गैर-लाभकारी संगठन है, जहां सभी उम्र और पृष्ठभूमि के लोग खुशी और दुनिया की भलाई के सार के बारे में अधिक जान सकते हैं. विभिन्न प्रकार के इंटरैक्टिव अनुभवों, कार्यशालाओं और घटनाओं के माध्यम से हम इस म्यूजियम में विज्ञान-आधारित तकनीक सिखाते हैं, जिन्हें लोग अपने रोजमर्रा की ज़िंदगी में लागू कर सकते हैं.

खुशी क्या है और हम इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

हैप्पीनेस म्यूजियम से जुड़ा द हैप्पीनेस रिसर्च इंस्टीट्यूट एक स्वतंत्र थिंक टैंक है जो जीवन की खुशहाली, खुशी और गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करता है. इस इंस्टिट्यूट में समझाया जाता है कि आप खुशियों को अनलॉक कर सकेंगे जब आप अपने रिश्तों, धन, परिवार, बच्चों, सोशल मीडिया, ट्रस्ट, फिटनेस से जुड़ी आदतों को सीखेंगे.

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हैप्पीनेस म्यूजियम में कई प्रयोगों से जिंदगी प्रति आपके रवैये को दिखाया जाता है और साथ ही विज्ञान, खुशी का इतिहास और भविष्य में आपके लिए क्या छिपा है, यह बताया जाता है.
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