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वुहान की लैब से ही फैला है कोरोना वायरस? वायरल वीडियो में मिले चीन की 'लापरवाही के सबूत'

शी झेंग्ली (फाइल फोटो)
शी झेंग्ली (फाइल फोटो)

Coronavirus Update: 29 दिसंबर 2017 को चीन के सरकारी टीवी ने एक वीडियो रिलीज किया था, जिसमें बैट वुमन नाम से मशहूर शी झेंग्ली (Shi Zhengli) और उनकी टीम को लैब में SARS वायरस की उत्पत्ति पर रिसर्च करते दिखाया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 17, 2021, 1:32 PM IST
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बीजिंग. कोरोना वायरस (Coronavirus) कहां से फैला? इस सवाल का जवाब जानने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम चीन के वुहान (Wuhan) पहुंची है. उनके खोज शुरू होने से पहले ही एक हैरान करने देने वाला खुलासा सामने आया है. चीनी मीडिया का 2 साल पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें नजर आ रहा है कि गुफाओं में वायरस पर खोज कर रहे वैज्ञानिकों को एक चमगादड़ ने काटा था.

हालांकि, वैज्ञानिकों की यह टीम दो साल पहले सार्स वायरस (SARS) का पता लगाने गुफाओं में पहुंची थी. खास बात है कि इस वीडियो में नजर आ रहा है कि एक्सपर्ट्स न तो गुफा में सुरक्षा का ध्यान रख रहे हैं और न ही लैब में सैंपल को लेकर कोई सावधानी बरत रहे हैं.

ताइवान न्यूज वेबसाइट के अनुसार, यह वीडियो कोरोना वायरस महामारी शुरू होने के दो साल पहले का है, जिसमें नजर आ रहा है कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिक किसी भी सुरक्षा व्यवस्ता के बगैर सैंपल जुटा रहे हैं. इस दौरान उन्हें खतरनाक SARS वायरस के वाहक माने जाने वाले चमगादड़ने काटा भी था. इस वीडियो से चीन की इस लैब में सुरक्षा इंतजामों का पता चलता है.



29 दिसंबर 2017 को चीन के सरकारी टीवी ने एक वीडियो रिलीज किया था, जिसमें बैट वुमन नाम से मशहूर शी झेंग्ली और उनकी टीम को लैब में SARS वायरस की उतपत्ति पर रिसर्च करते दिखाया था. बायोसेफ्टी स्तर 4 की लैब होने के बावजूद इन वैज्ञानिकों ने लैब और गुफा दोनों जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को काफी नजरअंदाज किया था.


वीडियो के कुछ हिस्सों में साफ नजर आ रहा है कि वैज्ञानिक बगैर ग्लव्स और पीपीई किट के चमगादड़ को हाथों से पकड़े हुए हैं. वहीं, महज टीशर्ट और शॉर्ट्स में ही चमगादड़ों को मल को इकट्ठा करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, इस दौरान कुछ लोग हजमत सूट पहने नजर आए.

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वेबसाइट के मुताबिक, वैज्ञानिक चुई जी ने चमगादड़ के काटे जाने का अपना अनुभव बताया है. उन्होंने कहा कि चमगादड़ के दांत उनके दस्तानों में धंस गए थे. जी ने बताया कि उन्हें सुई चुभने जैसा अनुभव हो रहा था. वहीं, एक अन्य हिस्से चमगादड़ के काटने के बाद शरीर के उस हिस्से को दिखाया जा रहा है. वीडियो में सुनाई दे रहा है कि चमगादड़ कई वायरस के वाहक हो सकते हैं.

ताइवान न्यूज ने चाइना साइंस एक्स्प्लोरेशन सेंटर में प्रकाशित लेख का हवाला देते हुए लिखा कि इसमें शी ने बताया कि यह काम उतना खतरनाक भी नहीं है, जितना लोग समझते हैं. हालांकि, चमगादड़ों में कई तरह के वायरस होते हैं, लेकिन इनके सीधे तौर पर इंसानों तक पहुंचने की संभावना काफी कम होती है. उन्होंने कहा कि अगर उनके शोधकर्ता इस बात को जानते कि उस निश्चित जगह पर चमगादड़ों में ऐसा वायरस भी मौजूद है, जो इंसानों में सीधा फैल सकता है, तो वे ज्यादा सावधानी बरतते. ऐसे ही हाल लैब में भी नजर आए, जहां वैज्ञानिक बगैर सावधानियों के चमगादड़ों पर शोध करते नजर आ रहे हैं.
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