अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार और पूर्व खुफिया प्रमुख का दावा- पाकिस्तान के ISIS से रिश्तों के पुख्ता सुबूत हैं

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Updated: September 3, 2019, 1:06 PM IST
अफगानिस्तान के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार और पूर्व खुफिया प्रमुख का दावा- पाकिस्तान के ISIS से रिश्तों के पुख्ता सुबूत हैं
अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह

अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह (Amrullah Saleh) ने CNN-News18 के साथ एक्सक्लुसिव इंटरव्यू में ये बातें कही. अफगानिस्तान में आंतरिक मामलों (गृहमंत्री) के मंत्री रह चुके अमरुल्लाह सलेह ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से संविधान के आर्टिकल 370 (Article 370) हटाने पर मोदी सरकार का समर्थन का किया है.

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काबुल: भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान (Afghanistan) में 28 सितंबर को राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) होने हैं. इस बीच अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह (Amrullah Saleh) ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के पाकिस्तान (Pakistan) के साथ कनेक्शन का दावा किया है. सलेह का कहना है कि अफगानिस्तान के पास इसके पुख्ता सबूत हैं कि पाकिस्तान आईएसआईएस आतंकियों को फंडिंग करता है.

अफगानिस्तान में आंतरिक मामलों (गृहमंत्री) के मंत्री और पूर्व खुफिया एजेंसी प्रमुख रह चुके अमरुल्लाह सलेह ने CNN-News18 के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में ये बातें कही. उन्होंने दावा किया कि काबुल में सुरक्षाबलों ने हाल ही में कुछ आईएसआईएस एक्टिविस्ट को पकड़ा था. पूछताछ में उनलोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें पाकिस्तान से फंडिंग मिलती है. पाकिस्तान ने आतंक फैलाने के लिए इन्हें हथियार भी मुहैया कराए थे. हमारे पास इसके पक्के सबूत भी हैं.

भारत से मात खाया पाक अफगानिस्तान से ले रहा बदला
सलेह ने जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से संविधान के आर्टिकल 370 (Article 370) हटाने पर मोदी सरकार का समर्थन का किया. इसके साथ ही उन्होंने भारत से खुन्नस खाए पाकिस्तान पर अफगान से बदला लेने का आरोप भी लगाया, क्योंकि अफगानिस्तान भारत को दोस्त मानता है.

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कश्मीर भारत का आंतरिक मामला
पाकिस्तान की शह पर हो रहे आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को खत्म कर दिया. इस पर सलेह ने अफगानिस्तान का रुख साफ किया है. सलेह ने कहा, 'हमारे विचार से भारत एक देश है और जम्मू-कश्मीर उसके क्षेत्र में आता है. ऐसे में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का कदम भारत का आंतरिक मामला है. हमें नहीं लगता कि ये कोई ऐसा मामला है, जिसपर पाकिस्तान को मुद्दा बनाना चाहिए. साथ ही इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नहीं ले जाना चाहिए.'
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अफगानिस्तान में उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार अमरुल्लाह सलेह ने कहा, 'पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को अफगानिस्तान से भी जोड़ रहा है. हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं. भारत से बौखलाहट में पाकिस्तान अफगानिस्तान से बदला लेने की कोशिश में है. ये अमानवीयता है और इसे ही आतंकवाद कहते हैं. जहां तक भारत की आतंरिक राजनीति का सवाल है, तो ये मोदी सरकार पर निर्भर है कि वह कश्मीर पर क्या स्टैंड ले और क्या नहीं.'


सक्रिय राजनीति में कभी नहीं आ सकता तालिबान
क्या तालिबान अफगानिस्तान की सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो सकता है? इसके जवाब में अमरुल्लाह सलेह ने कहा, 'पाकिस्तान को काफी पहले मुख्यधारा की राजनीति में आने का ऑफर दिया गया था. लेकिन, उसने दिलचस्पी नहीं दिखाई और आतंक का रास्ता छोड़ने से इनकार कर दिया. ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि तालिबान जानता था कि आतंकवादी चुनाव नहीं लड़ सकता और न ही कोई सीट जीत सकता है. ऐसे में तालिबान को सक्रिय राजनीति में आने के लिए राज़ी करना बहुत मुश्किल है.

मौजूदा तालिबान 1990 के तालिबान से अलग
सलेह ने कहा कि मौजूदा तालिबान, 1990 के तालिबान जैसा नहीं है. तालिबान भले ही ये न माने, लेकिन सच तो ये है कि मौजूदा समय में तालिबान की ताकत में बहुत कमी आई है. ये आतंकी संगठन कमजोर पड़ा है. तालिबान का नेतृत्व अभी भी पुराने ढर्रे और विचारों पर चल रहा है. आतंकी हमलों के बीच भी अफगानिस्तान में हाल में काफी बदलाव हुए हैं. तालिबान इस बदलाव को समझ नहीं पा रहा है. ऐसे में वह और कमजोर होता जा रहा है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तारीफ की है. सलेह ने कहा कि अफगानिस्तान न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच्चा दोस्त मानता है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ उनके द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का भी समर्थन करता है.


प्रधानमंत्री मोदी के हम आभारी
सलेह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिकल 370 खत्म कर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को रोकने का बड़ा ठोस कदम उठाया है. मोदी उच्च सिद्धांत वाले हैं. अफगानिस्तान उन्हें सच्चा दोस्त मानता है. हमारा यही संदेश है कि पीएम नरेंद्र मोदी अफगानिस्तान के साथ और जुड़ें. भारत-अफगानिस्तान के बीच की दोस्ती और भी मजबूत और गहरी हो. मोदी भारत और अफगानिस्तान दोनों के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में खड़े रहें.

(पूरा इंटरव्यू पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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First published: September 3, 2019, 11:21 AM IST
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