होम /न्यूज /दुनिया /

अगर कोरोना से हुए संक्रमित तो ध्यान दें! एक्सपर्ट ने वायरस के प्रभाव को लेकर कही ये बड़ी बात

अगर कोरोना से हुए संक्रमित तो ध्यान दें! एक्सपर्ट ने वायरस के प्रभाव को लेकर कही ये बड़ी बात

कोरोना के असर को जानने के लिए 200 लोगों पर अध्ययन किया गया था. (फाइल फोटो)

कोरोना के असर को जानने के लिए 200 लोगों पर अध्ययन किया गया था. (फाइल फोटो)

Coronavirus, Covid19: जॉर्जिया में अगस्ता विश्वविद्यालय में तंत्रिका विज्ञानी एलिजाबेथ रुतकोव्स्की ने कहा, बहुत सारे ऐसे लक्षण हैं जो हमें महमारी की शुरुआत में नहीं पता थे लेकिन अब यह साफ है कि कोविड लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है और बहुत सारे लोगों पर इसका असर पड़ा है.

अधिक पढ़ें ...

लंदन: दो साल बाद भी कोरोना वायरस (Coronavirus) पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. इसके हजारों मामले हर दिन दुनियाभर में अभी भी सामने आ रहे हैं. हालांकि वैक्सीनेशन के बाद कोरोना संक्रमण में गिरावट जरूर दर्ज हुई है. इस बीच कोरोना संक्रमण (Corona Infection) और उसके प्रभाव को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट ने बड़ी बात कही है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस संक्रमण से उबरने के चार महीनों से अधिक समय बाद लोगों में थकान और सिर में दर्द के लक्षण देखे गए हैं. इस बात की जानकारी एक अध्ययन में दी गई है.

हाल में पत्रिका ‘ब्रेन, बिहेवियर एंड इम्युनिटी-हेल्थ’ में प्रकाशित अध्ययन में पाया गया कि संक्रमण से उबरने के बाद लंबे समय तक रहने वाले लक्षणों में हड्डियों में दर्द, खांसी, सूंघने की क्षमता और स्वाद में बदलाव, बुखार, ठंड लगना और नाक बंद होना भी देखा गया. इस अध्ययन में कहा गया कि इस बात के सबूत हैं कि कोविड-19 संक्रमण के बाद तंत्रिका मनोविज्ञान से जुड़े क्रमिक लक्षण देखे गए.

महामारी की शुरुआत में नहीं सामने आए थे कई लक्षण
जॉर्जिया में अगस्ता विश्वविद्यालय में तंत्रिका विज्ञानी एलिजाबेथ रुतकोव्स्की ने कहा, ‘‘बहुत सारे ऐसे लक्षण हैं जो हमें महमारी की शुरुआत में नहीं पता थे लेकिन अब यह साफ है कि कोविड लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है और बहुत सारे लोगों पर इसका असर पड़ा है.’’

यह अध्ययन 200 मरीजों पर किया गया. इसमें भाग लेने वाले आठ प्रतिशत मरीजों ने तंत्रिका मनोचिकित्सा संबंधी लक्षण दिखने की बात कही, जिसमें से सबसे आम लक्षण थकान था जो करीब 68.5 प्रतिशत मरीजों में देखा गया और इसके बाद 66.5 प्रतिशत मरीज सिर में दर्द से परेशान रहे.

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि करीब आधे लोगों ने सूंघने की क्षमता (54.4 प्रतिशत) और स्वाद (54 प्रतिशत) में बदलावों की जानकारी दी और करीब आधे (47 प्रतिशत) मरीजों ने संज्ञानात्मक क्षमता में हल्की कमी आने की शिकायत की.

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर