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पाकिस्तान में हिंदू और क्रिश्चियन असुरक्षित- संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

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Updated: December 16, 2019, 9:42 AM IST
पाकिस्तान में हिंदू और क्रिश्चियन असुरक्षित- संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
पाकिस्तान में हिंदू महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर प्रदर्शन करते लोग.

संयुक्त राष्ट्र (UN) की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान (Pakistan) में जब से इमरान खान (Imran Khan) की सरकार बनी है तब से अल्पसंख्यकों Minorities) को प्रताड़ित करने के मामले बढ़े हैं.

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  • Last Updated: December 16, 2019, 9:42 AM IST
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लाहौर. भारत में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) बनने के बाद से भले ही पाकिस्तान (Pakistan) दुनिया के सामने एक बार फिर रोने का नाटक कर रहा हो, लेकिन पाकिस्तान में हिंदू समेत अन्य अल्पसंख्यक वर्ग (Minorities) के लोगों की हालत बेहद खराब है. संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में जब से इमरान खान की सरकार बनी है तब से अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के मामले बढ़े हैं. संयुक्त राष्ट्र में महिलाओं की स्थिति पर सीएसडब्ल्यू ने पाकिस्तान : धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है. 47 पन्नों की इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है इमरान खान सरकार अल्पसंख्यकों पर हमले के लिए कट्टरपंथी विचारों को बढ़ावा दे रही है.

सीएसडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में हिंदू और ईसाई समुदाय को सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है. हर साल इन दोनों समुदाय की सैकड़ों महिलाओं को अगवा कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है. इन महिलाओं का धर्म परिवर्तन कराकर जबरन मुस्लिम पुरुषों के साथ शादी करने पर मजबूर किया जाता है. शादी होने के बाद अपहरणकर्ताओं की ओर से गंभीर धमकियां दी जाती हैं, जिसके बाद पीड़ित महिलाएं फिर कभी अपने परिवार से मिल भी नहीं पाती हैं. सीएसडब्ल्यू ने अपनी रिपोर्ट में बच्चों से बातचीत का भी जिक्र किया है. बातचीत के दौरान बच्चों ने स्वीकार किया है कि उन्हें शिक्षकों व सहपाठियों द्वारा अपमानित किया जाता है.

यूएन की रिपोर्ट में पाकिस्तान की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल किए गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित अल्पसंख्यकों के प्रति पाकिस्तान की पुलिस का रवैया भेदभावपूर्ण है. पाकिस्तान की न्यायपालिका भी अल्पसंख्याकों के मामलों पर ज्यादा ध्यान नहीं देती है. अगवा की गई अल्पसंख्यक महिलाओं के मामले में पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं करती है. पुलिस और न्यायपालिका अल्पसंख्यकों को दोयम दर्जे का नागरिक मानती है.

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पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यकों का प्रदर्शन.


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ईश निंदा कानून के दुरुपयोग पर सीएडब्ल्यू ने जताई चिंता
सीएडब्ल्यू ने पाकिस्तान में ईश निंदा कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताई है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में ईश निंदा कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के लिए किया जाता है. ईशनिंदा कानून और कट्टरवाद के कारण देश का माहौल काफी खराब हो चुका है. ईश निंदा की आड़ में पाकिस्तान में हिंसा बढ़ी है.
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कमर जावेद बाजवा के साथ इमरान खान.


आस्था के नाम पर अल्पसंख्यकों को किया गया प्रताड़ित
यूएन की रिपोर्ट से पहले पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को आस्था के नाम पर काफी प्रताड़ित किया गया. काफी संख्या में उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया. हिंदू-ईसाई महिलाओं से बलात्कार किया गया. यहां तक की कई मामले में उनकी मौत भी हुई.

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First published: December 16, 2019, 9:08 AM IST
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