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हांगकांग में छात्रों ने अपनाया विरोध का नया तरीका, अब तीर से पुलिसवालों को कर रहे हैं घायल

News18Hindi
Updated: November 17, 2019, 3:30 PM IST
हांगकांग में छात्रों ने अपनाया विरोध का नया तरीका, अब तीर से पुलिसवालों को कर रहे हैं घायल
हांगकांग (Hong kong) में पिछले पांच महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन में लाखों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए हैं.

हांगकांग (Hong kong) में पिछले पांच महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन में लाखों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए हैं.

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  • Last Updated: November 17, 2019, 3:30 PM IST
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हांगकांग. हांगकांग (HongKong) की पुलिस ने यहां की मुख्य सुरंग पर मजबूती से अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए रविवार सुबह प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े. यहां कावलून पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी पर प्रदर्शनकारी अपना कब्जा जमा रहे हैं और इसके पास ही बंद की गई सुरंग ‘क्रॉस टनल’ हार्बर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मुख्य रणभूमि बनती जा रही है.

वहीं, विश्वविद्यालय परिसर के निकट सरकार समर्थक लोग भी अवरोधकों को हटाने के लिए जमा हुए.इस स्थान पर रात में प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच झड़प हुई और वहां मलबा फैला नजर आया. यह सुरंग हांगकांग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो मंगलवार से बंद है.

पिछले सप्ताह छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने शहर के आसपास कई मुख्य विश्वविद्यालयों पर कब्जा कर लिया था और पॉलीटेक्निक यूनिवर्सिटी प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बन गयी है. इन सबके बीच छात्रों ने प्रदर्शन का नया तरीका इजाद किया है.



 गोलियों का जवाब तीरकमान से दे रहे हैं
वे अब पुलिस की गोलियों का जवाब तीरकमान से दे रहे हैं. ऐसी ही एक घटना की तस्वीर हांगकांग पुलिस ने अपने फेसबुक वॉल पर शेयर की है.

फेसबुक पोस्ट के अनुसार हांगकांग पुलिस अधिकारी को रविवार को तीर से मारा गया क्योंकि अधिकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास की सड़कों पर प्रदर्शनकारियों को वापस खदेड़ने की कोशिश के लिए आंसू गैस और पानी की तोपों का इस्तेमाल किया था.
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पुलिस ने कहा कि तीर से मीडिया संपर्क अधिकारी को चोट लगी जिसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस ने ऐसे एक्टिविस्ट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.

हांगकांग में जिस कानून के विरोध में लाखों की तादाद में प्रदर्शनकारी बार-बार सड़कों पर उतर रहे हैं, उस प्रस्तावित कानून के मुताबिक चीन को अधिकार ​होता कि वह हांगकांग के किसी भी पलायक नागरिक यानी किसी और देश के नागरिक का प्रत्यर्पण कर सके. इस कानून को मानव अधिकारों और लोकतंत्र के लिए खतरा माना जा रहा है, क्योंकि ताइवान समेत यूएन, अमेरिका और कई नामचीन संस्थाएं इस कानून के बारे में चीन को पहले ही चेता चुकी थीं.

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First published: November 17, 2019, 3:25 PM IST
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