हॉन्ग कॉन्ग की संसद में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़, दीवारों पर चिपकाए पोस्टर

हॉन्ग कॉन्ग के लेजिस्लेटिव काउंसिल के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को चिली स्प्रे और लाठीचार्ज का इस्तेमाल करना पड़ा.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 8:18 AM IST
हॉन्ग कॉन्ग की संसद में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़, दीवारों पर चिपकाए पोस्टर
हॉन्ग कॉन्ग की संसद में घुसकर प्रदर्शनकारियों ने की तोड़फोड़
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Updated: July 2, 2019, 8:18 AM IST
हॉन्ग कॉन्ग में प्रत्यर्पण बिल को लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सोमवार को इतना बढ़ गया कि वह संसद में घुस आए और जमकर हंगामा किया. प्रदर्शनकारियों ने संसद में लगी तस्वीरों को फाड़ दिया और दीवारों पर पोस्टर चिपका दिए. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को चिली स्प्रे और लाठीचार्ज करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों की संख्या के आगे पुलिस की एक भी नहीं चली.

बताया जा रहा है कि सोमवार को हॉन्ग कॉन्ग के लेजिस्लेटिव काउंसिल के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में फ्री हॉन्ग कॉन्ग का बैनर ले रखा था. प्रदर्शनकारियों को देखकर लग रहा था कि वह पहले से संसद में घुसने का मन बनाकर आए थे. कई घंटों की मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारी संसद में घुसने में सफल रहे. प्रदर्शनकारियों ने संसद के अंदर जमकर हंगामा किया.

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प्रदर्शनकारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए सरकार ने लोगों से तत्काल प्रदर्शन बंद करने की अपील की है. सरकार का कहना है कि उन्होंने प्रर्त्यपण संशोधन बिल पर काम करना बंद कर दिया है और यह कानून अगले जुलाई तक अपने-आप खत्म हो जाएगा. हालांकि, सरकार की अपील पर प्रदर्शनकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.

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प्रदर्शनकारियों में से ज्यादातर ने पीले रंग की हैट और मास्क लगा रखा था. प्रदर्शनकारी अपने साथ हथियार भी लेकर आए थे. उधर, लेजिस्लेटिव काउंसिल सेक्रटेरिएट ने बयान जारी कर मंगलवार की कार्रवाई रद्द कर दी है. सरकारी अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया है.

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क्या है प्रत्यर्पण बिल
इस बिल के मुताबिक किसी भी मामले की सुनवाई के लिए लोगों को चीन जाना होगा. चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के नियंत्रण वाली अदालतों में ही सुनवाई की जाएगी. लोगों के मानना है कि इससे हॉन्ग कॉन्ग का कानून खतरे में पड़ जाएगा.

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First published: July 2, 2019, 7:52 AM IST
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