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सियासी संकट के बीच पाकिस्तान में आगे क्या होगा? विपक्ष और इमरान खान के पास हैं ये रास्ते

इमरान खान साल 2021 में एक "विश्वास" वोट से बच गए थे. (फाइल फोटो)

इमरान खान साल 2021 में एक "विश्वास" वोट से बच गए थे. (फाइल फोटो)

Pakistan Imran Khan Supreme Court: शीर्ष अदालत ने नेशनल असेंबली को बहाल करने का आदेश देते हुए कहा कि संसद भंग करने और च ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली. पाकिस्तान के संवैधानिक संकट के ताजा घटनाक्रम में विपक्ष बीते 6 अप्रैल की शाम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नेशनल असेंबली को बहाल करने और डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी के अविश्वास मत को खारिज करने के आदेश को रद्द करने के बाद कार्यभार संभालने की तैयारी कर रहा था. पाकिस्तान के अखबार डॉन के अनुसार अब 3 अप्रैल को जारी एजेंडे के आधार पर नेशनल असेंबली के अध्यक्ष शुक्रवार को निचले सदन में एक सत्र आयोजित करने के लिए बाध्य हैं, जो कि सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं होना चाहिए.

विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ के करीबी सूत्रों ने News18 को बताया कि 9 अप्रैल को अविश्वास प्रस्ताव “सफल” होगा क्योंकि विपक्षी दलों का दावा है कि उसके पास 172 से अधिक वोट है, जो 342 सीटों वाले सदन में बहुमत बनाने के लिए पर्याप्त है. हालांकि, खान के पास लगभग 135 सदस्य हैं, जिनमें से केवल 50 या 60 के इस्तीफा देने की संभावना है.

पाकिस्तान विपक्ष के पास दो संभावित विकल्प
बागडोर संभालने की तैयारी कर रहे विपक्ष के पास दो संभावित विकल्प हैं. पहला, या तो सभी खाली सीटों पर उपचुनाव के लिए जाएं जो कि यह सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के लिए काफी उपयुक्त है क्योंकि इससे उनके सेवा विस्तार की संभावना बढ़ जाएगी, या एक नया सेनाध्यक्ष आ जाएगा. और दूसरा, संसद में एक छोटा बजट पेश करना और अक्टूबर तक आम चुनाव की घोषणा करना.

धमकी भरे पत्र को सार्वजनिक कर सकते हैं इमरान
इस बीच, लोगों से सीधा संपर्क बनाने के लिए इमरान खान शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव से पहले देश को संबोधित करेंगे. सूत्रों ने News18 को बताया कि खान ने आज अपने कैबिनेट की बैठक बुलाई है, जहां वह और उनकी टीम धमकी भरे पत्र को सार्वजनिक करने का फैसला करेंगे.

पाकिस्तान वित्तीय दबाव में
संवैधानिक संकट के बीच, विपक्ष के लिए सत्ता में आने का यह बेहद कठिन समय होगा क्योंकि देश 190 रुपये के अमेरिकी डॉलर के कारोबार और स्टेट बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार में हर दिन गिरावट के साथ जबरदस्त वित्तीय दबाव में है. पिछले 17 सत्रों के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 5.1% की गिरावट आई है. इसके साथ ही देश सबसे खराब मुद्रास्फीति संकटों में से एक का सामना कर रहा है, ईंधन और भोजन की कीमत में पिछले वर्ष से 15% से अधिक का इजाफा हो चुका है. गैलप पोल के अनुसार, लगभग दो-तिहाई पाकिस्तानी मुद्रास्फीति को आज देश की सबसे बड़ी समस्या मानते हैं.

इमरान खान पिछले साल एक “विश्वास” वोट से बच गए थे, जिसे उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के भीतर आपसी कलह के कारण बुलाया गया था. पाकिस्तान के इतिहास में, किसी भी प्रधानमंत्री ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है, और 9 अप्रैल का वोट आधिकारिक तौर पर संकटग्रस्त इमरान खान के भाग्य पर अपनी मुहर लगा देगा.

Tags: Imran khan, Pakistan

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