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    कोरोना के खिलाफ वैज्ञनिकों को बड़ी सफलता, वायरस में अब तक अज्ञात रहे जीन की पहचान की गई

    जिस जीन की पहचान की है उसे ‘ओआरएफ3डी’ नाम दिया गया है. (साकंतेक तस्वीर) (फोटो:Pixabay)
    जिस जीन की पहचान की है उसे ‘ओआरएफ3डी’ नाम दिया गया है. (साकंतेक तस्वीर) (फोटो:Pixabay)

    स्टडी को जर्नल ई-लाइफ में प्रकाशित किया गया है, जिसमें वैज्ञानिकों ने वायरस के जीन के भीतर जीन होने का जिक्र किया है और माना जा रहा है कि यह संक्रमित के शरीर में वायरस की नकल बनाने में अहम भूमिका निभाता है.

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    न्यूयॉर्क. एक ओर दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना वायरस (Corona Virus) के खिलाफ लगातार वैक्सीन (Vaccine) बनाने के काम में लगे हुए हैं। वहीं, कुछ शोधकर्ताओं की नई खोज इस काम में काफी मददगार साबित हो सकती है। शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के अब तक अज्ञात रहे जीन (Gene) की पहचान की है, जो संभवत: उसे बायोलॉजिकल रेजिस्टेंस और महामारी (Pandemic) फैलाने की क्षमता देता है और इस सफलता के बाद वायरस के खिलाफ इलाज तलाश करने में मदद की उम्मीद है. शोधकर्ताओं ने सार्स कोव-2 के जीन के भीतर मौजूद जिस जीन की पहचान की है उसे ‘ओआरएफ3डी’ (ORF3D) नाम दिया गया है.

    अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के वैज्ञानिकों सहित शोधकर्ताओं की टीम के मुताबिक, अब तक कोरोना वायरस के जीनोम में शामिल 15 जीन की पहचान की जा चुकी है, जिसका प्रभावी असर इस वायरस के खिलाफ टीके या दवा को विकसित करने पर पड़ सकता है. इस स्टडी को जर्नल ई-लाइफ में प्रकाशित किया गया है, जिसमें वैज्ञानिकों ने वायरस के जीन के भीतर जीन होने का जिक्र किया है और माना जा रहा है कि यह संक्रमित के शरीर में वायरस की नकल बनाने में अहम भूमिका निभाता है.

    अमेरिकन म्युजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री में कार्यरत और स्टडी के प्रमुख लेखक चेस नेलसन ने कहा ‘जीन के भीतर मौजूद यह जीन कोरोना वायरस का एक हथियार हो सकता है जो संभवत: वायरस को अपनी नकल बनाने में मदद करता हो और संक्रमित के इम्यून सिस्टम को निशाना बनाता हो.’ उन्होंने कहा ‘जीन के भीतर जीन की मौजूदगी और उसके कार्य करने के तरीके से कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के नए तरीके के लिए रास्ते खुल सकते हैं.’ उन्होंने बताया कि ओआरएफ3डी पूर्व में खोज किए गए कोरोना वायरस पैंगोलिन में भी मौजूद थे और जो संकेत करता है कि सार्स-कोव्2 और संबंधित वायरस के विकास के दौरान यह जीन विकास के क्रम से गुजरा.

    अध्ययन के मुताबिक ओआरएफ3डी की स्वतंत्र पहचान की गई और पाया गया कि कोविड-19 (Covid-19) मरीज में बीमारी से लड़ने के लिए बने एंटीबॉडी के खिलाफ यह मजबूती से कार्य करता है. इससे यह प्रदर्शित हुआ कि नए जीन से मानव में संक्रमण के दौरान नए तरह का प्रोटीन बना.



    नेल्सन ने कहा ‘हम अब भी इसकी कार्यप्रणाली या चिकित्सकीय महत्व को नहीं जानते हैं, लेकिन पूर्वानुमान लगा सकते हैं कि इस जीन की शायद ही टी- कोशिका पहचान कर पाती है ताकि मुकाबला करने के लिए एंटीबॉडी का उत्पादन कर सके और यह पता लगाना है कि आखिर कैसे जीन स्वयं को बचाता है.’
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