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इमरान ने कबूला- पाकिस्तानी सेना है दबाव में, कभी भी हो सकता है तख्तापलट

जनरल नरवणे के सऊदी अरब- UAE दौरे से पाकिस्तान परेशान. (Pic- AP File)
जनरल नरवणे के सऊदी अरब- UAE दौरे से पाकिस्तान परेशान. (Pic- AP File)

Imran Khan on Pakistan Army: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया है कि विपक्षी पार्टियां सेना पर उनकी सरकार का तख्ता पलट करने का दबाव बना रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 21, 2020, 9:20 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कबूल किया है कि सेना पर भारी दबाव है जिसका चुनी हुई सरकार के तख्तापलट के रूप में सामने आ सकता है. इमरान ने विपक्षी पार्टियों पर आरोप लगाया कि वे सभी भारी ताकतों के साथ मिलकर उन्हें सत्ता से हटाने के लिए सेना को ब्लैकमेल कर रहीं हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल जनरल बाजवा किसी तरह इस दबाव को बर्दाश्त कर रहे हैं लेकिन ये ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाएगा.

पाकिस्तानी समाचार चैनल समा टीवी को दिए इंटरव्यू में इमरान ने साफ़ कहा कि विपक्षी पार्टियां बाहरी ताकतों के इशारे पर खेल रही हैं. बता दें कि विपक्षी महागठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रैटिक मूवमेंट (पीडीएम) और इमरान ख़ान के बीच जारी राजनीतिक जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. इमरान ख़ान ने कहा कि "विपक्ष सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा और ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई प्रमुख जनरल फ़ैज़ को निशाना बना रहा है, जिसका मक़सद सेना पर दबाव डालना है ताकि चुनी हुई सरकार को हटा दिया जाए. विपक्षी नेता जो बयान दे रहे हैं उस पर ग़द्दारी का केस बन सकता है और इस पर सेना एक्ट का आर्टिकल छह लग सकता है.'







सेना की तारीफ कर रहे हैं इमरान
इमरान ख़ान ने सेना प्रमुख जनरल बाजवा की तारीफ़ करते हुए कहा, "विपक्षी नेताओं के सेना प्रमुख पर दिए गए बयान से सेना में ग़म और ग़ुस्सा है लेकिन जनरल बाजवा सुलझे हुए इंसान हैं, उनमें ठहराव है. इसलिए बर्दाश्त कर रहे हैं क्योंकि वो लोकतंत्र पर विश्वास रखते हैं. अगर कोई और सेना प्रमुख होता तो फ़ौरन तीव्र प्रतिक्रिया होती.'' उन्होंने पाकिस्तानी सेना का एक दफ़ा फिर बचाव करते हुए कहा कि सेना उनके ऊपर नहीं बल्कि उनके नीचे काम करती है. उन्होंने कहा कि वो पाकिस्तानी सेना के काम से बहुत ख़ुश हैं.

इमरान ने नवाज़ शरीफ़ पर हमला करते हुए कहा कि उनको पाकिस्तान वापस लाने की पूरी कोशिश हो रही है लेकिन वो नहीं कह सकते कि नवाज़ शरीफ़ कब वापस आएंगे. उन्होंने कहा कि नवाज़ शरीफ़ से देश छोड़ कर जाने की इजाज़त पाने के लिए ऐसी अदाकारी की कि अगर हॉलीवुड में होते तो उन्हें ऑस्कर अवार्ड मिल जाता. नवाज़ शरीफ़ की वतन वापसी पर गृह मंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि, नवाज़ शरीफ़ और इसहाक़ डार को अल्लाह ही लाएगा तो आएंगे. शेख़ रशीद ने कहा कि पाकिस्तान और ब्रिटेन के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है इसलिए नवाज़ शरीफ़ को वतन वापस लाना मुश्किल है.

विपक्ष की पार्टियां इमरान के खिलाफ हुईं एक
विपक्षी महागठबंधन पीडीएम ने 13 दिसंबर को लाहौर में जलसा किया था और इसे सरकार के ख़िलाफ़ लोगों का अंतिम फ़ैसला क़रार दिया था. लेकिन सरकार ने उसे ख़ारिज करते हुए कहा था कि जलसा पूरी तरह नाकाम रहा था. पीडीएम नेता अहसन एक़बाल ने कहा था कि सरकार क्लीन बोल्ड हो चुकी है लेकिन पिच छोड़ने को तैयार नहीं.

वहीं केंद्रीय गृह मंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि "विपक्ष ने लाहौर के जलसे को आर-पार की लड़ाई कहा था लेकिन रैली के बाद पता चला कि न आर हुआ न पार सिर्फ़ विपक्ष हुआ ख़ार." लाहौर के जलसे के बाद विपक्षी महागठबंधन ने राजधानी इस्लामाबाद में लॉन्ग मार्च करने की घोषणा की है. विपक्ष के अनुसार 31 जनवरी के बाद से कभी भी लॉन्ग मार्च शुरू हो सकती है. इससे पहले विपक्ष सरकार के ख़िलाफ़ अब तक गुजरानवाला, कराची, क्वेटा, पेशावर और मुल्तान में बड़ी रैलियां कर चुका है जिनमें हज़ारों लोग शरीक हुए थे.
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