बड़ी तेजी से पिघल रहे हैं अंटार्कटिका में तैरते ग्लैशियर, धरती के गर्म होने का खतरा गहराया

अंटार्कटिका में तेजी से पिघलते ग्लैशियरों ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है क्योंकि आर्कटिक के मुकाबले यहां साल 2014 के बाद से तेजी से ग्लैशियर पिघल रहे हैं जिनसे दुनिया में गर्मी तेजी से बढ़ेगी.

News18India
Updated: July 2, 2019, 12:17 PM IST
बड़ी तेजी से पिघल रहे हैं अंटार्कटिका में तैरते ग्लैशियर, धरती के गर्म होने का खतरा गहराया
अंटार्कटिका में तेजी से पिघलते ग्लैशियरों ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है क्योंकि आर्कटिक के मुकाबले यहां साल 2014 के बाद से तेजी से ग्लैशियर पिघल रहे हैं जिनसे दुनिया में गर्मी तेजी से बढ़ेगी.
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Updated: July 2, 2019, 12:17 PM IST
ब्रिटेन के अखबार द गार्डियन ने ग्लोबल वार्मिंग की वजह से अंटार्कटिका के पिघलते समुद्री ग्लैशियरों की रिपोर्ट को हेडलाइंस बनाया है. द गार्डियन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दूसरे इलाकों की तुलना में अन्टार्कटिका के ग्लैशियर बड़ी तेज़ी से पिघल रहे हैं जिससे धरती के तेजी से गर्म होने का खतरा गहरा गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक साल 2014 के बाद से अंटार्कटिका के ग्लैशियरों के पिघलने में तेज़ी आई है और इससे ग्लोबल तापमान तेजी से बढ़ेगा. सैटेलाइट के डाटा के मुताबिक 34 साल में जितना आर्कटिक में ग्लैशियरों का दायरा पिघला उससे ज्यादा अंटार्कटिका में केवल 4 साल में ग्लैशियरों ने पिघल कर समुद्र में डुबकी लगाई है. अंटार्कटिक के नुकसान के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है लेकिन ये ग्लोबल वार्मिंग को लेकर अबतक का सबसे डरावना अलार्म है. हालांकि रिसर्चर का ये भी मानना है कि समुद्री बर्फ पिघलने से समुद्र का स्तर नहीं बढ़ा है लेकिन चमकदार सफेद समुद्री बर्फ खोने का मतलब है कि गहरे समुद्र के पानी में सूरज की गर्मी समा जाने की बजाए गर्मी का एक दुष्चक्र रच रही है.

हांग कांग में विवादित प्रत्यर्पण बिल का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के आंदोलन में हांग कांग के सत्ता हस्तांतरण की वर्षगांठ ने आग में घी का काम किया है. इस मौके पर आंदोलन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारी हांग कांग की संसद में घुस गए. संसद भवन में घुसे प्रदर्शनकारी हांग कांग को ब्रिटेन से चीन को हस्तांतरित किए जाने की वर्षगांठ पर इकट्ठा हुए थे. हालांकि द न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि हांग कांग का विरोध प्रदर्शन दो हिस्सों में बंट गया है.  द न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि कई दिनों से शांतिप्रिय तरीके से चलने वाला विवादास्पद प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ आंदोलन अचानक ही कुछ तत्वों की वजह से हिंसक हो गया जो कि आंदोलन की दिशा और नेतृत्व पर सवाल उठाता है.

दरअसल, सोमवार को हांग कांग में विवादित प्रत्यर्पण विधेयक का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी न सिर्फ संसद भवन में जा घुसे बल्कि उन्होंने तोड़फोड़ भी की. इस दौरान हांग कांग पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. द न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि पूरे घटनाक्रम से साफ है कि ये प्रदर्शन दो हिस्सों में बंट गया और प्रदर्शन कर रहे लोग आपस में ही बंटे हुए नज़र आ रहे हैं.

पाकिस्तान के अखबार डॉन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ पर खुलासे को सुर्खियां बनाया है. डॉन लिखता है कि इमरान खान ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की रिहाई के लिए उनके बेटों ने दो देशों से संपर्क कर इस मामले में दखल देने की गुजारिश की है. इमरान ने ये भी कहा कि दोनों देशों ने उन्हें इस मामले में जानकारी दी और कहा कि उन्होंने दखल से इनकार कर दिया है.

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First published: July 2, 2019, 12:17 PM IST
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