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imf delegation to visit sri lanka this month central bank governor

Srilanka Crisis: जल्द ही बेलआउट पैकेज की घोषणा कर सकती है IMF, प्रतिनिधिमंडल कर सकता है दौरा- सेंट्रल बैंक

आईएमएफ प्रतिनिधिमंडल इस महीने श्रीलंका का दौरा करेगा: सेंट्रल बैंक गवर्नर (फाइल फोटो)

आईएमएफ प्रतिनिधिमंडल इस महीने श्रीलंका का दौरा करेगा: सेंट्रल बैंक गवर्नर (फाइल फोटो)

Srilanka Economic Crisis: श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर पी. नंदलाल वीरासिंघे श्रीलंका के आर्थिक और राजनीतिक संकट को देखते हुए IMF से बेलआउट पैकेज के लिए कई दिनों से गुहार लगा रहे थे उन्होने कहा था कि अगर वे अपनी कोशिश में असफल हुए तो पद से इस्तीफा दे देंगे.

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हाइलाइट्स

बेलआउट पैकेज के लिए IMF के साथ श्रीलंकाई सरकार की बातचीत ने अच्छी प्रगति की
IMF प्रतिनिधिमंडल इस महीने श्रीलंका का दौरा करेंगे- सेंट्रल बैंक गवर्नर

कोलंबो. श्रीलंका में चल रहे आर्थिक संकट के बीच एक राहत की खबर आई हैं दरअसल श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर ने गुरुवार को कहा कि बेलआउट पैकेज के लिए आईएमएफ (IMF) के साथ श्रीलंकाई सरकार की बातचीत ने अच्छी प्रगति की है. माना जा रहा है कि IMF के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल श्रीलंका का दौरा करेगा.

दो करोड़ बीस लाख की आबादी वाला श्रीलंका आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है. प्रदर्शनकारी इसके विरोध में सड़कों पर उतर आए थे. प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री के घर को निशाना बनाया जिसके बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपने पद से इस्तीफा देकर सिंगापुर भाग गए.

बेलआउट पैकेज के लिए कई दिनों से गुहार लगा रहा था श्रीलंका
श्रीलंका के सेंट्रल बैंक के गवर्नर पी. नंदलाल वीरासिंघे श्रीलंका के आर्थिक और राजनीतिक संकट को देखते हुए IMF से बेलआउट पैकेज के लिए कई दिनों से गुहार लगा रहे थे उन्होने कहा था कि अगर वे अपनी कोशिश में असफल हुए तो पद से इस्तीफा दे देंगे लेकिन अब उन्होने कहा ‘आईएमएफ के द्वारा कार्य अच्छी प्रगति पर है और इस महीने के अंत में आईएमएफ मिशन श्रीलंका का दौरा करने की योजना बना रहा है ताकि नीति पैकेज पर स्टाफ-स्तरीय समझौते तक पहुंचा जा सके.

राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा राजनीतिक उथल-पुथल से समझौते में आई देरी
जुलाई में, राजपक्षे के सहयोगी और श्रीलंका के नवनियुक्त राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा था कि उनका लक्ष्य अगस्त की शुरुआत तक आईएमएफ के साथ एक समझौता करना है, लेकिन देश में राजनीतिक उथल-पुथल से इसमें देरी आई है.

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संकट कितना गंभीर ?
सरकार पर करीब 51 बिलियन डॉलर का कर्ज है. श्रीलंका इसका ब्याज चुकाने में असमर्थ है, मूलधन की बात तो छोड़ ही दी जाए. पर्यटन जो अर्थव्यवस्था के विकास में एक अहम भूमिका निभाता है, वह भी 2019 में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा की चिंता और कोरोना की वजह से धराशायी हो चुका है. देश की मुद्रा में 80 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. इस वजह से आयात अधिक महंगा हो चुका है, रही बात मुद्रास्फीति की तो वह पहले से ही नियंत्रण से बाहर हो चुकी है. आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि खाने की कीमतों में 57 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. जिसका नतीजा यह है कि देश दिवालिया होने की कगार पर है. यहां ईधन, दूध, खाना पकाने की गैस और यहां तक टॉयलेट पेपर खरीदने तक के लिए पैसे नहीं है. राजनीतिक भ्रष्टाचार नें भी देश की अर्थव्यवस्था को डुबोने में बड़ी भूमिका निभाई है. यही नहीं इसकी वजह से श्रीलंका के लिए किसी भी तरह का बचाव मुश्किल हो चुका था.

Tags: Economic crisis, IMF, Srilanka

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