कुछ PTI समर्थकों को छोड़ इमरान को अमेरिका में नहीं सुनने आएगा कोई, ये है वजह

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान वॉशिंगटन डीसी के डाउनटाउन में एक स्टेडियम में लोगों को संबोधित करने के लिए पहुंचने वाले हैं. माना जा रहा है कि उन्हें सुनने सिर्फ उनकी पार्टी PTI के कुछ समर्थक पहुंचेंगे और उन्हें सुनने के लिए ज्यादा लोग नहीं आएंगे.

News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 7:35 PM IST
कुछ PTI समर्थकों को छोड़ इमरान को अमेरिका में नहीं सुनने आएगा कोई, ये है वजह
अमेरिका में इमरान खान को सुनने बहुत कम लोगों के आने की उम्मीद (फाइल फोटो)
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Updated: July 21, 2019, 7:35 PM IST
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अमेरिका दौरे पर हैं. अपने इस दौरे में खान वॉशिंगटन डीसी के डाउनटाउन में एक स्टेडियम में लोगों को संबोधित करने के लिए पहुंचने वाले हैं. माना जा रहा है कि उनके इस भाषण में सिर्फ उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थक पहुंचेंगे और उन्हें सुनने के लिए ज्यादा लोग नहीं आएंगे. सूत्रों का मानना है कि ऐसा पाकिस्तान में उनकी पार्टी के साथ विरोधी पार्टियों की जबरदस्ती दुश्मनी के चलते होगा.

शनिवार की सुबह इमरान खान वॉशिंगटन डीसी पहुंच गए थे. वह वहां कतर एयरवेज की कॉमर्शियल फ्लाइट से पहुंचे थे. जहां उनका स्वागत उनके ही विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने किया. उनके साथ पाकिस्तान के अमेरिका में नियुक्त राजदूत असद एम खान भी मौजूद थे. रिपोर्ट्स के अनुसार इमरान खान का स्वागत करने के लिए कोई भी अमेरिकी अफसर वॉशिंगटन के डल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट नहीं पहुंचा था.

इमरान की पार्टी ने ही ट्विटर पर पोस्ट कर दिया बेइज्जती वाला वीडियो
उनकी पार्टी पीटीआई ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें दिख रहा है कि इमरान खान एक कॉमर्शियल प्लेन से उतर रहे हैं और उन्हें रिसीव करने के लिए कुरैशी और असद वहां पर मौजूद हैं. इसके अलावा पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट से बाहर जाने के लिए भी आम लोगों के साथ मेट्रों में सफर किया. इस तरह से अमेरिका ने साफ संदेश दिया है कि इमरान खान की पहली विदेश यात्रा की अमेरिका को ज्यादा फिक्र नहीं है.

पाकिस्तान से अमेरिका तक कई जगह चल रहा है इमरान खान का विरोध
दरअसल अपनी पहली विदेश यात्रा से पहले इमरान खान अपने देश में चौतरफा विरोधों से घिरे हुए हैं. पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान में राजनीतिक दलों, वर्ल्ड बलोच ऑर्गनाइजेशन (WBO) और बलोच रिपब्लिकन पार्टी (BRP) ने एक जागरूकता अभियान चला रखा है और इमरान खान के कार्यक्रम के बॉयकाट की अपील की है. इससे अलग 10 अमेरिकी सांसदों ने 19 जुलाई को ट्रंप को एक खत लिखा था, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के सिंध इलाके में मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया था. उन्होंने ट्रंप से गुजारिश की थी कि ट्रंप 22 जुलाई को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के साथ होने वाली अपनी बातचीत में इस मुद्दे को भी उठाएं.

अमेरिकी सांसदों ने मानवाधिकारों के उल्लंघन और अन्याय की बात उठाते हुए कहा था कि अमेरिका के पाकिस्तान को 30,000 करोड़ डॉलर की मदद देने के बाद भी वहां पाकिस्तानी सरकार के जरिए यह मानवाधिकार का उल्लंघन और अन्याय जारी है.
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पाकिस्तान में भी उनकी पार्टी ने ले रखा है मीडिया और विरोधी दलों से मोर्चा
बता दें कि इमरान खान की इस यात्रा से पहले उनके देश पाकिस्तान में उनकी पार्टी पीटीआई ने मीडिया और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के भला-बुरा कहा है. इसके अलावा अपनी विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप के चलते भी पीटीआई बुरी तरह घिरी हुई है. इन सारी चीजों का असर इमरान की यात्रा पर भी पड़ने की पूरी उम्मीद है. इसके अलावा अमेरिका ने हाफिज सईद की गिरफ्तारी पर भी असंतोष जताया था.

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First published: July 21, 2019, 5:11 PM IST
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