लाइव टीवी

इमरान खान को आई अक्ल, कहा-भारत से रिश्ते बेहतर हों तो सुधरेंगे PAK के हालात

News18Hindi
Updated: January 23, 2020, 7:45 AM IST
इमरान खान को आई अक्ल, कहा-भारत से रिश्ते बेहतर हों तो सुधरेंगे PAK के हालात
इमरान खान को आई अक्ल, कहा-भारत से रिश्ते बेहतर हों तो सुधरेंगे PAK के हालात

विश्व आर्थिक मंच ((World Economic Forum) 2020 में दुनिया के सामने अपनी बात रखते हुए पाकिस्तानी (Pakistan) प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा, उनका मकसद पाकिस्तान को एक कल्याणकारी देश बनाना है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 23, 2020, 7:45 AM IST
  • Share this:
दावोस. कंगाली की हालत में पहुंच चुके पाकिस्तान (Pakistan) को अब समझ में आने लगा है कि भारत (India) से दुश्मनी मोल लेना उसे किस कदर भारी पड़ रहा है. यही कारण हे कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) दुनिया के मंच से भारत को मनाने में लगे हुए हैं. इमरान खान ने कहा है कि भारत के साथ जब उसके संबंध सामान्य हो जाएंगे तब दुनिया को पाकिस्तान की आर्थिक संभावनाओं के बारे में जानकारी होगी. हालांकि उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि दुर्भाग्य से ये रिश्ता बेहतर नहीं है.

विश्व आर्थिक मंच ((World Economic Forum) 2020 में दुनिया के सामने अपनी बात रखते हुए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, उनका मकसद पाकिस्तान को एक कल्याणकारी देश बनाना है. उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता के बिना आर्थिक वृद्धि की बात करना संभव नहीं है. उन्होंने कहा, पाकिस्तान शांति के लिए किसी भी देश के साथ भागीदारी को तैयार है. इमरान खान ने अमेरिका के साथ संबंध को ऐसी ही भागदारी का हिस्सा बताया.

इमरान खान ने कहा हमारा दूसरा सबसे बड़ा पड़ोसी देश भारत है लेकिन दुर्भाग्य से भारत के साथ हमारे संबंध अच्छे नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भारत के साथ खराब रिश्तों के बारे में मैं नहीं बोलना चाहता लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि एक बार हमारे रिश्ते भारत के साथ सुधरे तो दुनिया को पाकिस्तान की वास्तविक रणनीतिक उपयोगिता समझ में आएगी.

संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका से मांगी मदद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय शक्तियों से, भारत के साथ तनाव कम करने में मदद का अनुरोध करते हुए कहा कि उन्हें दोनों परमाणु हथियार रखने वाले देशों को उस स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए 'निश्चित रूप से कदम उठाने चाहिए' जहां से वापस नहीं लौटा जा सके. डॉन अखबार के मुताबिक, यहां विश्व आर्थिक मंच की बैठक में शामिल होने आए इमरान खान ने दावा किया कि भारत नागरिकता संशोधन कानून और कश्मीर के मुद्दे को लेकर घरेलू प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिये सीमा पर तनाव बढ़ा सकता है.

इसे भी पढ़ें :- इमरान खान के राज में दो वक्त की रोटी के लिए भी तरस रहा पाकिस्तान, इतना महंगा हुआ आटा

सीमा पर संयुक्‍त राष्‍ट्र की मध्‍यस्‍थता की मांगअखबार ने कहा कि इमरान ने यह मांग भी की कि भारत और पाक में नियंत्रण रेखा पर संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) को मंजूरी दी जाए. भारत कहता रहा है कि जनवरी 1949 में बना यूएनएमओजीआईपी अपनी उपयोगिता खो चुका है और शिमला समझौते और उसके बाद नियंत्रण रेखा बनने से यह अप्रासंगिक हो चुका है. इमरान खान ने कहा कि 2018 में पद संभालने के बाद जब उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी से संपर्क किया तो सामने एक दीवार थी और पुलवामा में हमले में 40 सीआरपीएफ कर्मियों की मौत के बाद बालाकोट में भारतीय हवाई हमले से स्थितियां और बिगड़ गईं.

इसे भी पढ़ें :- इमरान ने फिर लगाई अमेरिका और यूएन से गुहार, कहा-भारत से तनाव कम करने में मदद करें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दुनिया से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 23, 2020, 7:45 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर