इमरान ने फिर लगाई अमेरिका और यूएन से गुहार, कहा-भारत से तनाव कम करने में मदद करें

इमरान ने फिर लगाई अमेरिका और यूएन से गुहार, कहा-भारत से तनाव कम करने में मदद करें
फोटो. एपी

दावोस में पाकिस्‍तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने कहा, अमेरिका और यूएन परमाणु हथियार रखने वाले देशों को उस स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए 'निश्चित रूप से कदम उठाने चाहिए' जहां से वापस नहीं लौटा जा सके.

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दावोस. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र (United Nations) और अमेरिका समेत अंतरराष्ट्रीय शक्तियों से, भारत के साथ तनाव कम करने में मदद का अनुरोध करते हुए कहा कि उन्हें दोनों परमाणु हथियार रखने वाले देशों को उस स्थिति में पहुंचने से रोकने के लिए 'निश्चित रूप से कदम उठाने चाहिए' जहां से वापस नहीं लौटा जा सके. डॉन अखबार के मुताबिक, यहां विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की बैठक में शामिल होने आए इमरान खान (Imran Khan) ने दावा किया कि भारत नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और कश्मीर (Kashmir) के मुद्दे को लेकर घरेलू प्रदर्शनों से ध्यान हटाने के लिये सीमा पर तनाव बढ़ा सकता है.

दावोस (Davos) में मंच की वार्षिक बैठक से इतर अंतरराष्ट्रीय मीडिया परिषद को दिए एक साक्षात्कार में इमरान खान (Imran Khan) ने कहा, 'दो ऐसे परमाणु हथियार संपन्न देशों को संघर्ष के बारे में सोचना तक नहीं चाहिए.' इमरान खान ने कहा कि इसके लिये संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका को निश्चित रूप से कदम उठाने चाहिए. इससे एक दिन पहले उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी, जिन्होंने कश्मीर मामले में मदद की अपनी पेशकश फिर दोहराई.

सीमा पर संयुक्‍त राष्‍ट्र की मध्‍यस्‍थता की मांग
अखबार ने कहा कि इमरान ने यह मांग भी की कि भारत और पाक में नियंत्रण रेखा पर संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) को मंजूरी दी जाए. भारत कहता रहा है कि जनवरी 1949 में बना यूएनएमओजीआईपी अपनी उपयोगिता खो चुका है और शिमला समझौते और उसके बाद नियंत्रण रेखा बनने से यह अप्रासंगिक हो चुका है. इमरान खान ने कहा कि 2018 में पद संभालने के बाद जब उन्होंने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी से संपर्क किया तो सामने एक दीवार थी और पुलवामा में हमले में 40 सीआरपीएफ कर्मियों की मौत के बाद बालाकोट में भारतीय हवाई हमले से स्थितियां और बिगड़ गईं.



फिर से अनुच्‍छेद 370 का राग अलापा


उन्होंने कहा कि पिछले साल जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने से चीजें ‘बद् से बद्तर’ हो गईं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी मुलाकात के बारे में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को बताया है कि ईरान के साथ युद्ध के विनाशकारी परिणाम होंगे. यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रंप उनकी बात से सहमत थे, खान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कुछ नहीं कहा, लेकिन संभवत: वह उनका आशय समझ चुके थे. उन्होंने कहा, 'ईरान और पश्चिमी जगत में अगर संघर्ष होता है तो यह विनाशकारी होगा. इससे दुनिया में गरीबी आएगी-और कौन जानता है कि यह कितना लंबा चले. मेरे विचार में यह उन्मादपूर्ण होगा.' इमरान ने कहा, 'मैंने कल राष्ट्रपति ट्रंप से बात की थी और उन्हें बताया कि यह विनाशकारी होगा.'

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