FATF ब्लैकलिस्ट से बचने को इमरान खान का नया बहाना- अब आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाह नहीं पाक

FATF ब्लैकलिस्ट से बचने को इमरान खान का नया बहाना- अब आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाह नहीं पाक
पाकिस्तान (Pakistan) में अफगान शरणार्थियों (Afghan Refugees) की मेजबानी के 40 साल पूरे होने पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Summit) को संबोधित करते हुए इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान (Pakistan-Afghanistan) में शांति चाहता है.

पाकिस्तान (Pakistan) में अफगान शरणार्थियों (Afghan Refugees) की मेजबानी के 40 साल पूरे होने पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Summit) को संबोधित करते हुए इमरान खान (Imran Khan) ने कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान (Pakistan-Afghanistan) में शांति चाहता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 17, 2020, 7:40 PM IST
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इस्लामाबाद. प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने सोमवार को कहा कि उनका देश पाकिस्तान (Pakistan) ‘अब’ आतंकवादी संगठनों (Terrorist Organisations) के लिए कोई ‘सुरक्षित पनाहगाह’ नहीं है. हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से माना कि शायद पहले ऐसा नहीं था.

देश में अफगान शरणार्थियों (Afghan Refugees) की मेजबानी के 40 साल पूरे होने पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Summit) को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान (Pakistan-Afghanistan) में शांति चाहता है और युद्ध प्रभावित इस देश में स्थायित्व उसके हित में है.

FATF की कार्रवाई में ब्लैकलिस्ट में जाने से बचने के लिए इमरान दे रहे बयान
आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह पर खान का बयान ऐसे समय में आया है जब दुनियाभर में धनशोधन के विरूद्ध कार्रवाई पर नजर रखने वाले वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) की पेरिस में एक अहम बैठक शुरू हुयी है जहां पाकिस्तान आतंक के वित्तपोषण के विरूद्ध पर्याप्त कदम नहीं उठाने को लेकर कालीसूची में डाले जाने से बचने की कोशिश में जुटा है.
अमेरिका, भारत और अफगानिस्तान (Afghanistan) लंबे से पाकिस्तान पर तालिबान, हक्कानी नेटवर्क, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों को सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करने का आरोप लगाते रहे हैं.



'अतीत में जो स्थिति रही हो, फिलहाल पाकिस्तान आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं'
इमरान खान ने सम्मेलन में कहा, ‘‘ मैं आपको बता सकता हूं कि यहां कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं है.’’ सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस (Antonio Guterres) भी हिस्सा ले रहे हैं. खान ने कहा, ‘‘ अतीत में संभवत: जो भी स्थिति रही हो, लेकिन, फिलहाल मैं आपको बता सकता हूं..... एक ऐसी चीज है जो हम चाहते हैं: वह है अफगानिस्तान में शांति.’’

द न्यूज की खबर के अनुसार उन्होंने माना कि संभव है कि 9/11 के बाद देश में अफगान शरणार्थी शिविरों (Afghan Refugee Camps) में ऐसे सुरक्षित पनाहगाह सक्रिय रहे हों.

पाकिस्तान के लोगों ने अफगान शरणार्थियों को शरण देने में दिखाई उदारता: गुतारेस
इमरान खान ने कहा,‘‘सरकार कैसे यह पता कर पाएगी कि आतंकवादी (Terrorist) कैसे इन शिविरों से अपनी गतिविधियों का संचालन करते हैं.’’ उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है क्योंकि पाकिस्तान में अफगान शरणार्थी शिविरों में 100000 से अधिक लोग हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का बयान ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान के दूसरे उपराष्ट्रपति सरवर दानिश ने पाकिस्तान पर तालिबान (Taliban) को उसके यहां हमला करने के लिए अफगान शरणार्थी शिविरों से नये लड़ाकों की भर्ती करने देने का आरोप लगाया.

उससे पहले गुतारेस ने अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने अफगान शरणार्थियों (Afghan Refugees) को ठहरने देने में उदारता दिखायी.

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