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बढ़ सकती हैं इमरान की मुश्किलें, खत्म हुई इस्तीफा देने की समय सीमा

News18Hindi
Updated: November 4, 2019, 2:37 AM IST
बढ़ सकती हैं इमरान की मुश्किलें, खत्म हुई इस्तीफा देने की समय सीमा
आजादी मार्च की अगुवाई फजलुर रहमान कर रहे हैं.(AP Photo/Anjum Naveed)

रहमान (Fazlur rahman)ने प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan)के पद छोड़ने के लिए रविवार तक की समयसीमा दी थी. रहमान का दावा है कि 2018 में हुए चुनाव में धांधली हुई थी.

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  • Last Updated: November 4, 2019, 2:37 AM IST
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इस्लामाबाद. पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के इस्तीफे के लिए दी गई समयसीमा रविवार रात समाप्त हो जाने के बाद देश के धर्मगुरु एवं नेता मौलाना फजलुर रहमान (Maulana Fazlur Rehman) ने पूरे देश में बंद की धमकी दी. जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज़ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख रहमान ने दो दिवसीय समयसीमा समाप्त होने के बाद यहां एक प्रदर्शन रैली को संबोधित करते हुए कहा कि उद्देश्य पूरा होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा.

उन्होंने कहा, 'यह साफ है कि शासक (इमरान खान) को जाना होगा और लोगों को निष्पक्ष चुनाव के जरिए नया शासक चुनने का मौका देना होगा. यह स्पष्ट है कि इससे अलावा और कोई विकल्प नहीं है.' रहमान ने कहा, 'अभी इस्लामाबाद बंद है, फिर हम पूरा देश बंद करेंगे. हम रुकेंगे नहीं और अपना संघर्ष जारी रखेंगे.'

कहा कि वह सोमवार को विपक्ष के अन्य नेताओं से मुलाकात की योजना बना रहे हैं ताकि आगे के कदम के बारे में सर्वसम्मति से फैसला किया जा सके. उन्होंने कहा, 'यह आंदोलन और लोगों की भीड़ इमरान खान को सत्ता से बाहर करने तक बनी रहेगी.'

Supporters of the Jamiat Ulema-e-Islam party participate in an anti-government march, in Islamabad, Pakistan, Sunday, Nov. 3, 2019. Tens of thousands of Islamists at a massive protest camp in Pakistan's capital awaited a deadline set by their leader calling for the Prime Minister Imran Khan to resign. (AP Photo/Anjum Naveed)
(AP Photo/Anjum Naveed)


रहमान का दावा इलेक्शन में हुई थी धांधली
रहमान ने खान पर इस्तीफे का दबाव बनाने के लिए पिछले सप्ताह इस्लामाबाद तक अपने समर्थकों के ‘आजादी मार्च’ का नेतृत्व किया था. उन्होंने खान को 'अवैध' शासक बताया था. रहमान ने प्रधानमंत्री खान के पद छोड़ने के लिए रविवार तक की समयसीमा दी थी. रहमान का दावा है कि 2018 में हुए चुनाव में धांधली हुई थी और पाकिस्तान की शक्तिशाली सेना ने खान को समर्थन दिया था. सेना ने इन आरोपों से इनकार किया है.

वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी इस्तीफा देने की कोई योजना नहीं है. इस बीच सरकार ने राजधानी में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए है.
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भाषा इनपुट के साथ

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First published: November 4, 2019, 2:32 AM IST
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