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कोरोना संकट के बीच रोहिंग्या मुसलमान बन रहे नफरत के शिकार

कोरोना संकट के बीच रोहिंग्या मुसलमान बन रहे नफरत के शिकार

मलेशिया में रोहिंग्या मुसलमानों को नफरत का शिकार होना पड़ रहा है.

मलेशिया में रोहिंग्या मुसलमानों को नफरत का शिकार होना पड़ रहा है.

कोरोना संकट (Corona crisis) के बीच मलेशिया में रोहिंग्या मुसलमानों (Rohingya Muslims) को नफरत का शिकार होना पड़ रहा है.

    क्वालालंपुर: मलेशिया (Malaysia) कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट से बुरी तरह से जूझ रहा है. कोरोना की वजह से मलेशिया की अर्थव्यवस्था (economy) पर बहुत बुरा असर पड़ा है. आंशिक लॉकडाउन की वजह से सारा बिजनेस ठप पड़ा है. इस बीच सबसे बड़ी मुश्किल देश में अच्छी खासी संख्या में मौजूद रोहिंग्या मुस्लिम (rohingya Muslim) शरणार्थियों को झेलनी पड़ रही है.

    मलेशिया में कोरोना के संकट के बीच रोहिंग्या मुसलमान नफरत के शिकार बन रहे हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई लोगों ने रोहिंग्या मुसलमानों के लिए संसाधनों के इस्तेमाल पर नाराजगी जताई है. कुछ लोगों ने पीटिशन फाइल करके शरणार्थियों को डिपोर्ट किए जाने की अपील की है.

    मलेशिया में रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ ऑनलाइन पीटिशन और उसके खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों की बाढ़ आई हुई है. लोग पूछ रहे हैं कि इन शरणार्थियों को किस अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत यहां रखा जा रहा है. सोशल मीडिया पर लोग आग उगल रहे हैं.

    16 अप्रैल को मलेशिया की सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों से भरी एक बोट को खाना और पानी देकर वापस भेज दिया. सरकार ने एयरफोर्स पर उन्हें नजर रखते हुए बाहर भेजने का आदेश दिया. मलेशिया की सरकार का कहना था कि उनकी वजह से संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है.

    मलेशिया में अभी तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 5,850 मामले सामने आ चुके हैं. कोरोना के चलते करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है. मलेशिया की सरकार को दोनों तरफ से दवाब झेलना पड़ रहा है.

    एक तरफ उन्हें शरणार्थियों को स्वीकार करने का दवाब है तो दूसरी तरफ देश के लोगों का कहना है कि देश के संसाधनों का इस्तेमाल उसके नागरिकों के लिए किया जाना चाहिए.

    मलेशिया लंबे वक्त के शरणार्थियों के लिए शरणस्थली रहा है. 1990 के दशक में बोस्नियन मुस्लिम नस्लीय झगड़े में भी ये शरणस्थली बना था. मुस्लिम आबादी वाले मलेशिया के बारे में कहा जाता है कि ये मुसलमानों के लिए नरम रवैया रखते हैं. इसलिए मुस्लिम शरणार्थी यहां का रुख करते हैं.

    इसके साथ ही यहां की शांति, धन दौलत और प्रवासी मजदूरों के लिए बेहतर माहौल भी शरणार्थियों को आकर्षित करता है. कई रोहिंग्या मुसलमानों के परिवार मलेशिया में बस गए हैं.

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    Tags: Coronavirus, COVID 19, Malaysia, Muslim, Rohingya

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