कोरोना वायरस के खौफ में टॉयलेट पेपर को लेकर क्यों मची है लूट

कोरोना वायरस के खौफ में टॉयलेट पेपर को लेकर क्यों मची है लूट
चीन में अब तक 3213 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 80,860 मरीज अभी भी वायरस से प्रभावित हैं.

दुनिया के कई हिस्सों में टॉयलेट पेपर (toilet paper) को लेकर लूट मची है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के पैनिक में लोगों ने ज्यादा से ज्यादा टॉयलेट पेपर खरीदना शुरू कर दिया है,

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 9, 2020, 10:15 AM IST
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कैनबरा. कोरोना वायरस (Coronavirus) का खौफ पूरी दुनिया पर पसरा है. कई जगहों पर पैनिक में आकर लोग अजीबोगरीब हरकतें कर रहे हैं. यकीन करना मुश्किल होता है लेकिन कोरोना वायरस के पैनिक में लोगों ने कुछ चीजों की जमाखोरी शुरू कर दी है, जिसकी वजह से उन चीजों की किल्लत हो गई है. दुनिया के कई हिस्सों में टॉयलेट पेपर (toilet paper) को लेकर लूट मची है. कोरोना वायरस के पैनिक में लोगों ने ज्यादा से ज्यादा टॉयलेट पेपर खरीदना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से कई जगहों पर टॉयलेट पेपर की किल्लत हो गई है.

ऑस्ट्रेलिया के ग्रॉसरी स्टोर से टॉयलेट पेपर गायब हो गए हैं. हालत ये हो गई है कि अब वहां के ग्रॉसरी स्टोर्स ने नियम बना लिया है कि वो एक आदमी को सिर्फ एक टॉयलेट पेपर देंगे. जापान में पब्लिक टॉयलेट में टॉयलेट पेपर को चेन से बांधकर रखा जा रहा ताकि लोग उसे चुराकर भाग न सकें. हॉन्गकॉन्ग में हथियारों से लैस कुछ लुटेरों ने टॉयलेट पेपर का पूरा स्टॉक लूट लिया.

टॉयलेट पेपर के लिए अखबार ने खाली छोड़ दिए पन्ने
ऑस्ट्रेलिया में टॉयलेट पेपर की कमी का अजीबोगरीब उपाय निकाला गया. ऑस्ट्रेलिया के एक अखबार ने अपने आठ पेज खाली छोड़ दिए. अखबार ने लोगों से अपील किया है कि वो खाली छोड़े गए पन्नों का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह करें. एनटी न्यूज नाम के इस अखबार ने अपने 8 पन्नों को खाली छोड़कर सिर्फ उसपर अपना वाटर मार्क लगा दिया. सीएनएन की खबर के मुताबिक अखबार के संपादक ने जनता से कहा कि आपको 8 पेज का टॉयलेट पेपर मिल सकता है, टॉयलेट पेपर की चिंता नहीं की जानी चाहिए.
कोरोना वायरस की वजह से कई चीजों की हो रही है जमाखोरी


कोरोना वायरस के पैनिक में कई चीजों की जमाखोरी हो रही है. लोगों को लगता है कि संक्रमण के फैलने की वजह से कभी भी लॉक डाउन की स्थिति आ सकती है, इसलिए वो कुछ जरूरी चीजों की जमाखोरी में लग गए हैं. पैनिक की वजह से सैनिटाइजर और सैनिटेशन पेपर की किल्लत तो पहले से ही थी. अब लोग टिश्यू पेपर और टॉयलेट पेपर जैसी चीजों की जमाखोरी में टूट पड़े हैं. चावल और पाश्ता जैसी खाने-पीने की चीजों को भी लोग स्टोर कर रहे हैं.

घबराहट में जरूरी चीजों को जमा करने लगते हैं लोग
एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना वायरस के फैलने के बाद जिस तरह का माहौल बना है, उसमें लोग घबराहट में इस तरह के कदम उठाने लगते हैं. मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि तनाव के क्षणों में जमाखोरी आदमी का स्वभाव बन जाता है. इसलिए वो जरूरी चीजों को जमा करने लगता है.

आस्ट्रेलिया में लोग इतनी अफरा-तफरी मचाने में लगे हैं कि कई बार लोगों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी है. यहां चीजों की खरीद में 1100 फीसदी का उछाल देखने को मिला है.

जापान में लोगों को समझाने और आश्वस्त करने के लिए वहां का वित्त मंत्रालय हर दिन सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट कर रहा है. इन फोटोज़ के जरिए लोगों को जरूरी वस्तुओं की प्रतिदिन सप्लाई के लिए आश्वस्त रहने को कहा जा रहा है.

जापान में इसके पहले ही पैनिक की स्थिति में टॉयलेट पेपर की जमाखोरी होने लगी थी. 1973 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए तेल के संकट के बाद जापान के कुछ स्टोर में हिंसा शुरू हो गई थी. लोग बाथरूम टिश्यू पेपर की जमाखोरी को लेकर एकदूसरे से लड़ने लगे थे. उन्हें लगने लगा था कि संकट की उस दौर में टिश्यू पेपर का प्रोडक्शन रूक जाएगा.

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