पाकिस्तान में हाई अलर्ट! एक ही इलाके के 400 से ज्यादा बच्चे HIV पॉज़िटिव

सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में लगभग 6 लाख झोलाछाप डॉक्टर काम कर रहे हैं और जिनमें लगभग 270,000 लोग सिंध प्रांत में प्रैक्टिस कर रहे हैं

News18Hindi
Updated: May 17, 2019, 11:52 AM IST
पाकिस्तान में हाई अलर्ट! एक ही इलाके के 400 से ज्यादा बच्चे HIV पॉज़िटिव
पाकिस्तान में HIV की जांच के लिए अस्पताल के दरवाज़े पर खड़े लोग
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Updated: May 17, 2019, 11:52 AM IST
दक्षिणी पाकिस्तान में इन दिनों एचआईवी के टेस्ट के लिए इंतज़ार कर रहे माता-पिता डरे हुए हैं. दक्षिणी पाकिस्तान के एक गांव में एक डॉक्टर के दूषित सिरिंज के इस्तेमाल से सैकड़ों लोग एचआईवी पॉज़िटिव हो गए हैं.

सिंध प्रांत के लरकाना के बाहरी इलाके में वासेओ गांव में पिछले महीने स्थापित पांच अलग-अलग स्क्रीनिंग रूमों में जाने में परिवार के लोग घबरा जाते हैं.



स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 400 से ज़्यादा लोग जिनमें ज़्यादातर बच्चे हैं, उन्हें एचआईवी पॉज़िटिव पाया गया है. उन्होंने कहा पूरे पाकिस्तान में डॉक्टर धड़ल्ले से दूषित उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में ये आंकड़े बढ़ सकते हैं.

अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ की घोर लापरवाही की वजह से ऐसा हो रहा है. उपकरण और सहायकों की कमी से घिरे क्लिनिक के एक डॉक्टर का कहना है कि वे दर्जनों की संख्या में आ रहे हैं, मरीजों की बढ़ती संख्या का इलाज करने के लिए हमारे पास लोग नहीं है.

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पाकिस्तान लंबे समय से एचआईवी के लिए कम प्रसार वाला देश माना जाता था, लेकिन अब ये बीमारी खतरनाक दर से बढ़ रही है, खासकर सिरिंज से ड्रग लेने वालों और सेक्स वर्कर्स के बीच.

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2017 में लगभग 20,000 नए एचआईवी संक्रमणों के मामलों के साथ पाकिस्तान वर्तमान में एचआईवी दर मामले में एशिया में दूसरे सबसे तेजी से बढ़ने वाले देशों में शामिल है.पाकिस्तान की बढ़ती आबादी की वजह से कम निवेश के कारण गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवा की कमी अब अतिरिक्त बोझ झेल रही है, जिसकी वजह से गरीब, ग्रामीण समुदाय विशेष रूप से अयोग्य डॉक्टरों के कारण असुरक्षित हैं.

यूएनएआईडीएस के एक बयान में कहा था कि कुछ सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान में लगभग 6 लाख झोलाछाप डॉक्टर काम कर रहे हैं और जिनमें लगभग 270,000 लोग सिंध प्रांत में प्रैक्टिस कर रहे हैं.

प्रांतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि रोगियों को इन क्लीनिकों में बीमारियों या वायरस की चपेट में आने का विशेष खतरा होता है, जहां अक्सर प्राथमिक उपचार के लिए भी इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाता है.

सिंध एड्स कंट्रोल कार्यक्रम के प्रांतीय कार्यक्रम प्रबंधक, सिकंदर मेमन ने कहा, पैसे बचाने के लिए, ये झोलाछाप डॉक्टर एक ही सिरिंज के साथ कई रोगियों को इंजेक्शन लगाते हैं. यह एचआईवी के फैलने का मुख्य कारण हो सकता है.

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